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World Liver Day: तीस प्रतिशत भारतीयों में फैटी लीवर की समस्या, जानिए संबंधित बीमारियों के आंकड़ें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत लिवर संबंधी बीमारियों में विश्व में 10वें स्थान पर है। ऐसे में विश्व लिवर दिवस के माध्यम से लोगों को स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया जाता है।

World Liver Day 2023 30 percent Indians are suffering from fatty liver problem

World Liver Day: लिवर शरीर को संक्रमण से लड़ने, ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने, फैट को कम करने और कार्बोहाइड्रेट को स्टोर करने से लेकर प्रोटीन बनाने में मदद करता है। लिवर पूरे शरीर को डिटॉक्स करता है। लिवर मजबूत होने पर पूरी बॉडी स्वस्थ रहती है। लिवर से संबंधित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने को लेकर हर वर्ष 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। साल 2023 के लिए विश्व लिवर दिवस की थीम "Be vigilant, do a regular liver check-up, fatty liver can affect anyone" है।

2012 में हुई थी कार्यक्रम की शुरुआत

कुछ खाद्य और पेय पदार्थ लिवर को स्वस्थ और मजबूत बनाते हैं। जबकि कुछ पदार्थ लिवर में विषाक्त पदार्थों को जमा करते हैं, जिससे लिवर खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लिवर से संबंधित रोगों के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिए पहली बार आधिकारिक रूप से 19 अप्रैल 2012 को विश्व लिवर दिवस मनाया गया था। इसके बाद से अब हर साल कई स्वास्थ्य संगठन, अस्पताल और लिवर उपचार केंद्र विभिन्न तरह के कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से विश्व लिवर दिवस का आयोजन करते हुए लोगों को जागरूक करते हैं।

भारत में बढ़ रही लिवर संबंधी बीमारियां

इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलरी साइंसेस के निदेशक डॉ. शिव सरीन ने एक इंटरव्यू में बताया कि आज से करीब तीन दशक पहले तक हार्ट अटैक, डायबिटीज और बीपी जैसी बीमारियां खतरनाक मानी जाती थीं। पर अब भारत में लिवर से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। लोगों में लिवर की चार बड़ी समस्याएं देखी जाती हैं। अल्कोहोलिक लिवर डिजीज, नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी। वहीं इंस्टिट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेज के डॉ. सरीन ने एक इंटरव्यू में भारत में फैल रही लिवर से संबंधित बीमारी को लेकर बताया कि भारत में लगभग 100 में से 30 प्रतिशत लोगों में फैटी लीवर की समस्या है। फैटी लीवर की वजह से डायबिटीज, कैंसर, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं।

भारत में लिवर की बीमारी से मौत का आंकड़ा

संयुक्त राष्ट्र की 'नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन' वेबसाइट के अनुसार 2015 में दुनिया भर में लीवर की बीमारी से संबंधित दो मिलियन लोगों की मौत हुई थी। इसमें अकेले भारत में 18.3 प्रतिशत लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही 2021 में भारत में राष्ट्रीय स्तर पर नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया गया है। आंकड़ों की मानें तो भारत में हर साल दो लाख से अधिक लोगों की मौत लिवर की बीमारी से होती है। वहीं केवल 1800 के आसपास ही लिवर ट्रांसप्लांट करवा पाते हैं।

लिवर की महामारी के दौर से गुजर रहा भारत

भारत में लिवर रोग महामारी के दौर से गुजर रहा है। इसकी रोकथाम के लिए प्रारंभिक चरण की लीवर की बीमारी की देखभाल के लिए बेहतर स्क्रीनिंग रणनीतियां अधिक प्रभावी जुड़ाव और एकीकृत तरीके से निवारक कदमों पर बेहतर जागरूकता उपयोगी हो सकती है। मई 2014 में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लिवर की बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या 216865 तक पहुंच गई है। जो भारत को विश्व भर के आंकड़ों में 61वें स्थान पर रखती है।

करीब 15 प्रतिशत लोगों को मिल पाती है ट्रांसप्लांट की सुविधा

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट dghs.gov.in के अनुसार भारत में प्रति वर्ष अनुमानित 2 लाख रोगियों की मृत्यु लिवर संबंधित बीमारियों से होती है, जिनमें से लगभग 10-15 प्रतिशत को ही समय रहते लिवर प्रत्यारोपण से बचाया जाता है। भारत में हर साल करीब 25-30 हजार लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है, लेकिन करीब 1500 ही हो पाते हैं। पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन के अनुसार नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज भारत सहित पूरे विश्व में पुराने लिवर रोगों का एक प्रमुख कारण है। एक अनुमान के अनुसार हमारे देश में नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा 9 प्रतिशत से 32 प्रतिशत तक है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट में जारी किया है।

भारत सरकार की प्रमुख योजनाएं

हेपेटाइटिस का समय पर इलाज न होने से यह बीमारी लीवर को प्रभावित करती है और लीवर कैंसर होने का खतरा हो जाता है। सरकार ने 2030 तक देश में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हेपेटाइटिस बीमारियों को खत्म करने की योजना बनाई है। वहीं पीआईबी के अनुसार नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज के लिए कार्रवाई की जरूरत की पहचान करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है। इसके साथ ही आपको बता देें कि भारत सरकार की आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थी किडनी, लिवर का ट्रांसप्लांट भी करवा सकेंगे।

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