Fire in Cars: किन कारणों से लगती है कारों में आग, कैसे सुरक्षित रखें अपना वाहन?

वाहनों में चलते-चलते अचानक आग लगने की खबरें बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में गाड़ियों का रखरखाव कैसे करना चाहिए, यह जानना बहुत जरूरी है।

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हाल ही में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गाड़ी चलाते समय एक महिंद्रा एक्सयूवी 700 में आग लग गई। कार के मालिक कुलदीप सिंह ने इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। सिंह के मुताबिक, कार ज्यादा गर्म नहीं हुई थी, लेकिन आग लगने से पहले चलती कार में धुंआ निकलने लगा। इस बारे में महिंद्रा कंपनी ने जारी बयान में कहा कि कार में आग लगने का कारण कंपनी द्वारा की गई वायरिंग में छेड़खानी थी। हालांकि, वायरिंग में छेड़छाड़ के अलावा कारों में आग लगने के कई अन्य कारण भी होते हैं, जिन पर ध्यान देने की विशेष जरूरत होती है। जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

गाड़ियों में आग लगने की मुख्य घटनाएं
गाड़ियों में आग लगने का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी भारत सहित दुनियाभर में गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। यह समस्या कभी-कभार लग्जरी कारों के साथ भी होती रही है। जैसे साल 2015 में दिल्ली में एक गैलार्डो लेम्बोर्गिनी में आग लग गयी थी। यह दुर्घटना तब घटित हुई जब यह मंहगी कार सर्विस स्टेशन से निकली ही थी। वहीं 30 दिसंबर 2022 को दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक डिवाइडर से टकराने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और विकेट कीपर ऋषभ पंत की कार जलकर खाक हो गई थी। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार भारत में 2020 में 313 ऐसी दुर्घटनाएं हुई हैं जिनमें गाड़ियां जलकर राख हो गयी। इसमें 326 लोगों ने अपनी जान गवां दी थी।

क्यों लगती है कार में आग
सबसे पहले यह सवाल मन में आता है कि आखिर कार में आग क्यों लगती है? कार विशेषज्ञों के अनुसार यदि आप अपनी गाड़ी का इस्तेमाल रेगुलर नहीं करते हैं तो भी आपको कार की जांच करवाते रहना चाहिए। अगर आपकी कार पुरानी है तो सर्विस में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कार की सर्विस समय पर नहीं करवाने से कार की मेंटिनेंस बढ़ती है और कई बार पार्ट्स भी खराब हो जाते हैं। ऐसे में कई मौकों पर कार में आग लगने के ये बड़े कारण बन जाते हैं।

कैसे रखें गाड़ी का रखरखाव
कार की सबसे पहली जरूरत होती है, उसका नियमित रखरखाव, यानि मेंटेनेंस। इसलिए समय-समय पर कम्पनी द्वारा अधिकृत सर्विस स्टेशन पर कार की सर्विस करवाएं। वहीं कार का इंजन उसका सबसे मुख्य हिस्सा होता है। इसलिए इसके मेंटेनेंस के लिए गाड़ी के इंजन ऑयल बदलवाना और ऑयल फिल्टर की नियमित रूप से सफाई करवाते रहना चाहिए। क्योंकि इंजन ऑयल कार को बेहतर तरीके से चलने में मदद करता है और ऑयल फिल्टर तेल की अशुद्धियों को साफ करता है।

ओवरहीटिंग से बचें
जब भी अपना वाहन चला रहे हों तब गाड़ी के स्पीडोमीटर के पास मौजूद इंजन के टेम्परेचर गेज पर नजर रखें और अगर गेज में गाड़ी का इंजन ओवर हीट होता दिखे तो अपनी गाड़ी को जल्दी-से-जल्दी सर्विस सेंटर में ले जाएं। वहीं यदि गाड़ी चलाते समय इसका तापमान ज्यादा बढ़ जाता है या आप इंजन से धुआं निकलता दिखे तो तुरंत लापरवाही न बरतते हुए अपनी गाड़ी के सर्विस सेंटर पर संपर्क करें।

कूलेंट की देखभाल जरूरी
कूलेंट आपकी कार के इंजन को ठंडा रखने का काम करता है। इससे न सिर्फ इंजन अच्छा रहता है, बल्कि गाड़ी की माइलेज भी नहीं गिरती है। इसलिए कोशिश करें कि कार में कूलेंट पर्याप्त मात्रा में हो। अगर गाड़ी में कूलेंट का लेवल कम हो जाए तो आप पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अत्यधिक ईंधन न भराएं
अपनी कार में ईंधन भराते समय इस बात का ध्यान रखें कि गाड़ी में अत्यधिक पेट्रोल-डीजल न भरा जाए। क्योंकि यदि गाड़ी के फ्यूल टैंक से ईंधन ओवरफ्लो हो जाएगा तो गाड़ी में आग भी लग सकती है। क्योंकि आजकल गाड़ियों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और फोम का इस्तेमाल किया जाता हैं। साथ ही वायरिंग हार्नेस और कपड़े का मिश्रण भी आग लगने का एक प्रमुख कारण बन जाता है। यदि ईंधन ओवरफ्लो नहीं होगा तो गाड़ी में आग लगने का यह खतरा बिल्कुल ना के बराबर हो जाता है।

एक्स्ट्रा एसेसरीज न लगवाएं
कंपनी द्वारा फिटेड एसेसरीज से कभी छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। फैशन के चलते लोग अपनी कार में जरूरत से ज्यादा एसेसरीज लगवा लेते हैं। गाड़ी में अतिरिक्त लाइट्स लगवाना भी हानिकारक हो सकता है। क्योंकि इसमें अलग से वायरिंग करनी पड़ती है, जिससे कार में शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बना रहता है। और शॉर्ट सर्किट से कार में आग लग सकती है।

इलेक्ट्रिक व सीएनजी कारों की देखभाल भी जरूरी
ऐसा नहीं है कि सिर्फ पेट्रोल या डीजल वाली गाड़ियों में ही आग लगती हो। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों में भी आग लगने की तमाम घटनाएं सामने आई हैं। लग्जरी इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार Porsche Taycan EV के जलने की घटनाएं चीन और अमेरिका में सामने आ चुकी हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग के समय ओवर वॉल्टेज से बचाने की जरूरत होती है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, जनरल मोटर्स कंपनी ने एलजी द्वारा बनाई गई पाउच-टाइप लिथियम-आयन बैटरी से आग लगने के जोखिम के कारण अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को वापस मंगवा लिया था। इसके साथ ही सितम्बर 2022 में एक खबर आई थी कि चीन में हर दिन सात इलेक्ट्रिक कारों में आग लग जाती है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिये समान सुरक्षा मानक स्थापित करने के लिये भारत ने पहली अप्रैल 2023 से इलेक्ट्रिक वाहनों का अपना पहला परीक्षण शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों में आग लगने की कई घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

यदि सीएनजी गाड़ियों की बात करें, तो कंपनियां गिनेचुने मॉडल की कारों में सीएनजी फिट करती है। अधिकतर गाड़ियों में कंपनी द्वारा फिटेड सीएनजी किट न होने पर लोग बाहर से यह किट लगवा लेते हैं। साथ ही कई बार स्पार्क प्लग को सही से नहीं बदलवाते। इसके चलते कई बार शॉर्ट-सर्किट हो जाता है, जिससे सीएनजी कारों में आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती है। ध्यान रखे कि तीन सालों में एकबार सीएनजी सिलेंडर की जांच करवाना भी बेहद जरुरी है।

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