Tahawwur Rana: कौन है 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का आरोपी तहव्वुर राणा, जानें उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
Tahawwur Rana: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर फिलहाल रोक लग गयी है। अमेरिका की एक अदालत ने बाइडन प्रशासन की अपील खारिज करते हुए यह आदेश दिया है। दरअसल, अमेरिकी शहर कैलिफॉर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट जज डेल एस फिशर ने 2 अगस्त, 2023 को राणा की बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका को खारिज कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ उसने नौवें सर्किट कोर्ट में अपील की थी कि सुनवाई तक उसे भारत को न सौंपा जाये। इसे लेकर अब डिस्ट्रिक्ट जज फिशर ने 18 अगस्त को एक नया आदेश दिया। उन्होंने कहा कि राणा के भारत प्रत्यर्पण पर नौवें सर्किट कोर्ट के समक्ष उसकी अपील के पूरा होने तक रोक लगाई जाती है।
कौन है आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा?
तहव्वुर हुसैन राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था लेकिन वो अब कनाडा का नागरिक है। राणा पाकिस्तान में पला बढ़ा और मेडिकल डिग्री हासिल करने के बाद पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर में शामिल हो गया था। राणा की पत्नी भी डॉक्टर थीं। दोनों (पति-पत्नी) साल 1997 में कनाडा चले गये और 2001 में कनाडा के नागरिक बन गये।

इसी दौरान वो अमेरिका शिफ्ट कर गया और उसने शिकागो (अमेरिका) में अपनी एक ट्रैवल कंपनी खोल ली। आरोप है कि राणा ने मुंबई हमलों में वांछित डेविड हेडली के लिए कई फर्जी दस्तावेज भी तैयार किये थे। यह दस्तावेज उसने अपनी इसी ट्रेवल कंपनी से बनाये थे। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे डेविड हेडली का भारत आना-जाना संभव हुआ था।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई की जांच में यह बात सामने आयी थी कि डेविड हेडली ने जब-जब मुंबई और भारत के अन्य शहरों की रेकी की थी, तो उसने कभी भी पाकिस्तान सीधे कोई कॉल नहीं किया। वह तहव्वुर राणा को अमेरिका में कॉल करता था और वहां से राणा पाकिस्तान में आईएसआई व लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों को उसका संदेश भेजता था।
वहीं साल 2009 में राणा को पहली बार अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। तहव्वुर राणा को साल 2013 में अपने दोस्त डेविड कोलमैन हेडली के साथ मुंबई के हमले को अंजाम देने और डेनमार्क में बम विस्फोट हमले की एक योजना बनाने के आरोप में दोषी पाया गया था। इन्हीं मामलों में अमेरिकी अदालत ने राणा को 14 साल जेल की सजा सुनाई गयी थी। तब से वह जेल में बंद है।
कैसे हुआ तहव्वुर राणा का खुलासा?
26 नवंबर, 2008 की रात को 10 आतंकवादियों ने मुंबई की कई जगहों पर एक साथ हमला किया था। इस हमले में नौ आतंकियों समेत 164 लोग मारे गये थे। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े थे। इस हमले में अजमल कसाब बच गया, जिसे नवंबर 2012 में फांसी दे दी गयी थी।
बीबीसी के मुताबिक इस घटना के तकरीबन एक साल बाद अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली (दाऊद सलीम जिलानी) को अक्टूबर, 2009 में शिकागो एयरपोर्ट पर पकड़ा था। दरअसल तब एफबीआई के अनुसार दोनों जिलैंड्स-पोस्टेन नाम के अखबार के कार्यालयों पर हमला करने डेनमार्क के लिए एक फ्लाइट पकड़ने जा रहे थे। क्योंकि, जिलैंड्स-पोस्टेन अखबार ने पैगंबर मोहम्मद के विवादास्पद कार्टून प्रकाशित किये थे।
डेविड हेडली ने किया राणा का पर्दाफाश
एफबीआई की पूछताछ के दौरान मुंबई हमलों में डेविड हेडली की मिलीभगत होने का शक हुआ, क्योंकि वो 26/11 हमले से पहले कई बार मुंबई आ चुका था। तब यहां पर डेविड हेडली चालाकी कर गया। दरअसल भारत और अमेरिका दोनों के बीच प्रत्यर्पण संधि का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति भारत में कोई अपराध करता है और अगर उसे अमेरिका की धरती पर पकड़ा जाता है तो भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है। जिसके तहत तहव्वुर राणा की मांग की जा रही है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेडली ने यहां अमेरिका से एक सौदा किया कि वो एफबीआई के साथ पूरा सहयोग करेगा बशर्ते उसे भारत या पाकिस्तान प्रत्यर्पित न किया जाये और अमेरिका इसके लिए राजी हो गया। इसी दौरान वह तहव्वुर राणा के खिलाफ सरकारी गवाह बन गया और खुलासा किया कि डेविड हेडली यानि दाऊद सलीम जिलानी और तहव्वुर राणा दोनों बचपन के स्कूल फ्रेंड हैं।
यहां हेडली ने खुलासा किया कि जब मुंबई पर हमले की तैयारी शुरू की थी। तब वह 2006 से 2008 तक कई बार मुंबई रेकी के लिए गया था। किसी को शक न हो कि इसलिए हेडली ने मुंबई में राणा की ट्रैवल एजेंसी की शाखा 'फर्स्ट वर्ल्ड' खोल ली। सारी सूचनाएं वहां से वो राणा को भेजता था। राणा ने ही पासपोर्ट बदलने से लेकर वीजा प्राप्त करने में मदद की थी। साथ ही बताया कि राणा ने ये सब लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन के कहने पर किया था। वहीं मुंबई हमले में छह अमेरिकी नागरिक भी मारे गये थे और अमेरिकी नागरिकों को मारने में मदद करने सहित 12 अन्य आरोपों पर राणा को 14 साल की सजा सुनाई गयी।
कैसे भारत आयेगा अब आतंकी राणा?
मुंबई आतंकी हमलों में राणा की भूमिका को लेकर भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उसे भारत लाने के लिए राजनयिक चैनलों के जरिये कार्यवाही कर रही है। भारत ने 10 जून, 2020 को प्रत्यर्पण की दृष्टि से 62 वर्षीय राणा की अस्थायी गिरफ्तारी की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। तब बाइडन प्रशासन ने राणा के भारत प्रत्यर्पण का समर्थन किया था। क्योंकि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि का प्रावधान है। हालांकि, राणा ने अंतिम वक्त में नौवें सर्किट कोर्ट में प्रत्यर्पण मामले पर अपील कर दी। अब उसकी अपील के पूरा होने तक इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गयी है।












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