POCSO Act: जानें क्या है पॉक्सो एक्ट, दोषी को कितनी मिलती है सजा?
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के धरने और उनके द्वारा लगाये गये यौन शोषण के आरोपों के बाद पॉक्सो एक्ट चर्चा का विषय बना हुआ है।

देश की प्रमुख महिला कुश्ती खिलाड़ियों ने बृजभूषण सिंह पर यौन शौषण जैसे गंभीर आरोप लगाये हैं। वे सभी बीते कई दिनों से मौजूदा लोकसभा सांसद और कुश्ती संघ का अध्यक्ष रहे बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। फिलहाल उनके खिलाफ पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। जिसमें एक एफआईआर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज की गई है।
अब यहीं से पॉक्सो एक्ट चर्चा में आ गया कि आखिर पॉक्सो एक्ट को लगाये जाने के बाद भी अब तक बृजभूषण की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है? साथ ही राजनीति भी गरमा गई है। चलिए, पॉक्सो एक्ट को लेकर हम आपको बताते हैं कि क्या होता है ये कानून? ये कितना गंभीर है? जब पुलिस किसी पर इस एक्ट को लगाती है तो क्या करती है?
क्या है पॉक्सो एक्ट?
नाबालिग बच्चों के साथ आये दिन यौन अपराधों के मामलों की बढ़ती संख्या देखकर सरकार ने साल 2012 में एक विशेष कानून बनाया था। जिसमें साल 2019 में उसके प्रावधानों में कठोरता लाते हुए संशोधित भी किया गया था। उस कानून का नाम पॉक्सो एक्ट है।
इसके तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है। यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून के तहत अगर किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है उसे तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान है। साथ ही इस केस में आरोपी को पुलिस बेल नहीं दे सकती है। पुलिस सबसे पहले आरोपी को गिरफ्तार करती है और उसके बाद जांच आगे बढ़ाती है।
पॉक्सो एक्ट के खास प्रावधान
पॉक्सो एक्ट के तहत अलग-अलग अपराधों में अलग-अलग सजाओं के प्रावधान हैं। साथ ही यह भी ध्यान दिया जाता है कि इस कानून का पालन कड़ाई से किया जा रहा है या नहीं?
● पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत वे मामले शामिल किये जाते हैं, जिनमें नाबालिग के साथ दुष्कर्म या कुकर्म किया गया हो। इसके तहत सात साल की सजा से लेकर उम्रकैद और जुर्माना भी लगाया जा सकता हैं।
● पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के अधीन वे मामले आते हैं जिनमें नाबालिग को दुष्कर्म या कुकर्म के बाद गंभीर चोट पहुंचायी जाती हैं। इसके तहत 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती हैं और साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
● पॉक्सो अधिनियम की धारा 7 और 8 के तहत वे मामले आते हैं, जिनमें नाबालिग के प्राइवेट पार्ट्स से छेडछाड़ की जाती है। इस धारा के आरोपियों पर पांच से सात साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
● पॉक्सो एक्ट की धारा 3 के तहत पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट को भी परिभाषित किया गया है। जिसमें नाबालिग के शरीर के साथ किसी भी तरह की हरकत करने वाले शख्स को कड़ी सजा का प्रावधान है।
● पॉक्सो अधिनियम की धारा 11 के तहत यदि कोई शख्स अगर किसी बच्चे को गलत नीयत से छूता है या फिर उसके साथ गलत हरकतें करने का प्रयास करता है या उसे पॉर्नोग्राफी दिखाता है। तो उसे धारा 11 के तहत दोषी माना जाएगा। इस धारा के लगने पर दोषी को तीन साल तक की सजा हो सकती है।
पॉक्सो एक्ट से जुड़े नियम
● इसी कानून के तहत सहमति से सेक्स की उम्र 16 साल से बढ़ाकर 18 साल की गई है।
● 18 साल से कम उम्र की लड़की के शादीशुदा होने और उसके साथ जबरन यौन संबंध को भी पॉक्सो के तहत अपराध माना जाता है।
● पॉक्सो के तहत पीड़ित के मामले की सुनवाई विशेष अदालत में की जाती है और इसकी पूरी रिकॉर्डिंग भी की जाती है।
● कोर्ट के आदेशों के मुताबिक, ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान जाहिर नहीं की जाती है।
सेक्शुअल हैरेसमेंट और पॉक्सो में गिरफ्तारी के प्रावधान
सेक्शुअल हैरेसमेंट के केस में भारतीय दंड संहिता के तहत 90 दिनों के अंदर जांच पूरी होनी चाहिए। जबकि गिरफ्तारी के लिए कोई तय समय सीमा नहीं होती। हालांकि, पॉक्सो एक्ट में तुरंत अरेस्ट करने का नियम है और जमानत का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं, 11 जुलाई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने सतेंद्र कुमार अंतील बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो के एक मामले में कहा था कि संज्ञेय अपराध में भी गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं है। इसमें केस के जांच अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक अगर उन्हें नहीं लगता तो आरोपी की गिरफ्तारी जरुरी नहीं है।
पॉक्सो एक्ट में मुख्य गिरफ्तारियां
आसाराम बापू - संत आसाराम पॉक्सो केस में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। आसाराम को एक नाबालिग लड़की के साथ रेप का दोषी पाया गया था। रेप पीड़िता की उम्र 16 साल थी, इसलिए पॉक्सो एक्ट लगाया गया। अगस्त 2013 में आशाराम को गिरफ्तार किया गया और तब से वह जोधपुर जेल में बंद है।
मुरुगा मठ के महंत - कर्नाटक के प्रसिद्ध मुरुगा मठ के महंत शिवमूर्ति मुरगा को भी पुलिस ने साल 2022 में दो नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने महंत के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। मठ के स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिगों ने आरोप लगाया था कि महंत ने जनवरी 2019 से लेकर जून 2022 तक यौन उत्पीड़न किया था।
मलयालम एक्टर श्रीजीत रवि - मलयालम एक्टर श्रीजीत रवि को 7 जुलाई 2022 को पॉक्सो एक्ट में त्रिशूर जिले से गिरफ्तार किया गया था। श्रीजीत रवि पर स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग लड़कियों के सामने कथित तौर पर अश्लील हरकत करने का आरोप था। हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने उन्हें 15 जुलाई 2022 को इस मामले में जमानत दे दी थी।
कुलदीप सिंह सेंगर - उन्नाव के बांगरमऊ से पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने नौकरी मांगने आई उनके घर के करीब रहने वाली एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले सेंगर पर पॉक्सो एक्ट लगाया था। कोर्ट ने सेंगर को धारा 376 और पॉक्सो के सेक्शन 6 के तहत दोषी पाया था।












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