जानिए अब कैसे मिलेगी रसोई गैस पर सब्सिडी
पिछली सरकार यानी यूपीए के राज में सोनिया गांधी ने रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी को डायरेक्ट बैंक खाते में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया, जिसमें आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया। फिर मोदी सरकार के आते ही आधार कार्ड पर ग्रहण लगा, लेकिन मोदी ने आधार की गरिमा को कम नहीं होने दिया। यूपीए के ही डायरेक्ट ट्रांसफर को नये कलेवर में पेश कर दिया, ताकि ग्राहकों को इधर-उधर भटकना न पड़े। यह सब किया गया है मॉडीफाइड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के अंतर्गत।
मोडीफाइड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के तहत एलपीजी गैस पर सरकारी सब्सिडी अब सीधे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचेगी।
क्या है इसकी प्रक्रिया
इस स्कीम के अंतर्गत जब घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी होगी, तब आपको गैस की बिना सब्सिडी वाली कीमत यानी 922 रुपए (यह दिल्ली में लागू कीमत है, अलग-अलग राज्यों में इसमें परिवर्तन हो सकता है) डिलीवरी मैन को देने होंगे। अब गैस पर सरकार आपको 482 रुपए की सब्सिडी देती है, तो वह रुपए आके खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिये जायेंगे। इसी धन को अपने खाते में प्राप्त करने के लिये आपको अपने खाते और एलपीजी गैस कनेक्शन संख्या को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम से संबद्ध कराना होगा।

आसान होगा
इस स्कीम के पूर्व फोर्मेट के तहत आधार कार्ड के बिना सब्सिडी नहीं मिल सकती थी। लेकिन अब संशोधन के बाद मोडीफाइड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के तहत लाभ लेना आसान हो जाएगा। दरअसल, सब्सिडी सीधे खाते पहुंचे इसके लिए बैंक में खाता तो अनिवार्य होगा लेकिन आधार कार्ड नहीं।
नया नियम
नए निमय के मुताबिक सरकार ने इस स्कीम के तहत लाभ लेने के लिए दो विकल्प रखे हैं। पहला विकल्प आधार कार्ड बनाने के बाद बैंक में मौजूद खाते को लिंक करना। अगर किसी मजबूरी के काऱण आधार कार्ड नहीं बना है तो दूसरा विकल्प भी उसके लिए है। दूसरे विकल्प के अनुसार आप बस अपना खाता संख्या लिंक कर दें।।
किनको जल्दी मिलने लगेगा फायदा
एलपीजी पर सब्सिडी का लाभ देने वाली यह मोडीफाइड स्कीम पंद्रह नवम्बर से लांच हो रही है। जो लोग इस स्कीम से पहले नहीं जुड़े थे उन्हें तीन महीने का अतिरिक्त समय इस स्कीम से जुड़ने के लिए दिया जाएगा।

देरी भी हुई, तो भी सब्सिडी का पैसा कहीं नहीं जायेगा
पार्किंग पीरियड यानी जो तीन महीने आपको स्कीम से जुड़ने के लिए खाता या आधार कार्ड की प्रक्रिया पूर्ण करने के मिलेंगे। इस दौरान आपकी सब्सिडी सरकार के पास एकत्र होती रहेगी। यानी जब आप तीन महीने बाद स्कीम से जुड़ जाएंगे तो आपको तीन महीने के बचा हुआ लाभ भी कैश के रूप में आपके खाते में आ जाएगा।












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