कहां से आया है 'कर्फ्यू', कौन देता है आदेश, सबसे पहले कहां लगा?
श्रीनगर/ बेंगलुरु। ईद का मौका और देश के दो अहम हिस्से कर्फ्यू की चपेट में। देश का एक छोर जम्मू कश्मीर और दूसरा छोर कर्नाटक, दोनों ही इस समय कर्फ्यू के साए तले हैं।
जम्मू कश्मीर में जहां हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की आठ जुलाई को हुई मौत के बाद कर्फ्यू लगाया गया तो कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कावेरी जल विवाद की वजह से कर्फ्यू लगाया गया।
कर्फ्यू कहां से आया और इसका पहला जिक्र कब हुआ, इस बारे में इतिहास में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन 16वीं सदी में पहली बार कर्फ्यू का प्रयोग हुआ था। आइए आज हम आपको भारत और दूसरे देशों के लिए इसका क्या मतलब है।

फ्रेंच शब्द से निकला कर्फ्यू
कर्फ्यू शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच शब्द कॉवेर फ्यू से हुई है इसका मतलब होता है आग का कवर। बाद में यह शब्द इंग्लैंड पहुंचा और यहां पर इसे क्यूरफ्यू कहा गया। यही क्यूरफ्यू आज कर्फ्यू के तौर पर जाना जाता है। माना जाता है कि कर्फ्यू की शुरुआत 16वीं सदी में हुई थी। इंग्लैंड के राजा विलियम द कांगकरर ने रात आठ बजे से चर्च की घंटियां बजाने का आदेश दिया था।

एक आदेश की तरह है कर्फ्यू
भारत में कर्फ्यू एक ऐसा आदेश है जिसके तहत एक निश्चित समय के बाद कुछ प्रतिबंधों को लागू कर दिया जाता है। सरकार की ओर से एक आदेश जारी कर लोगों को एक तय समय पर उनके घर लौटने को कहा जाता है। सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगाया जाता है।

डीएम देता है आदेश
किसी भी जिले के अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वह जिले में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखे। उसके पास कई तरह की शक्तियां होती है। कभी-कभी वह इन शक्तियों का प्रयोग शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए करता है। ऐसे में पुलिस बल उसके लिए सबसे अहम साधन साबित होता है।

144 का आदेश
डीएम सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कुछ प्रतिबंधों को लागू करता है और फिर स्थिति को देखते हुए वह कर्फ्यू का ऐलान भी कर सकता है। डीएम के पास यह अधिकार होते हैं कि वह ऑफिसों और जरूरी सरकारी प्रबंधों का निरीक्षण इस समय कर सकता है।

फायरिंग तक का अधिकार
किसी भी मजिस्ट्रेट या फिर पुलिस ऑफिसर जो सब इंस्पेक्टर की रैंक से नीचे का न हो, उसके पास उस संगठन या फिर उस व्यक्ति पर फायरिंग का अधिकार होता है जो कर्फ्यू के दौरान कानून व्यवस्था को खराब करने की कोशिश कर रहा हो। किसी भी पुलिस कर्मी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है।

क्या-क्या पाबंदिया
कर्फ्यू के दौरान घर से निकलने पर पाबंदी होती है। इन दिनों जब से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का क्रेज बढ़ा है तो इंटरनेट और मोबाइल के प्रयोग को भी प्रतिबंधित किया जाने लगा है। हालांकि स्थिति सुधरता देख डीएम कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढील का ऐलान करता है।

इजिप्ट और अमेरिका में लगा कर्फ्यू बना अंतराष्ट्रीय सुुर्खियां
इजिप्ट ने 28 जनवरी 2011 को उस समय के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने पुलिस सिस्टम के धाराशयी होने के बाद देश में मिलिट्री कर्फ्यू का आदेश दिया था। इसके अलावा ब्रिटेन में वर्ष 2011 में हुए दंगों और फिर अमेरिका के बाल्टीमोर में वर्ष 2015 में हुए दंगों के बाद कर्फ्यू लगाया गया था। कर्फ्यू की इन सभी घटनाओं ने दुनियाभर में सुुर्खियां बटोरी थीं। इस दौरान फायरिंग में कई लोगों की मौत हुई थी।












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