Agnipath Scheme: क्या है अग्निपथ योजना और अग्निवीर? जानें नौकरियों के अवसरों के बारे में
दिल्ली हाइकोर्ट ने अग्निवीरों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के खिलाफ दायर दर्जनों याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर सभी 23 याचिकाओं को एकसाथ खारिज कर दिया है। इन 23 याचिकाओं में अग्निपथ योजना को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि योजना में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नहीं है।
अग्निपथ योजना क्या है?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 जून 2022 को भारतीय युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने की भर्ती योजना की शुरुआत की। इस योजना को अग्निपथ का नाम दिया गया। इसके उम्मीदवारों को चार साल की अवधि के लिए अग्निवीर के रूप में नामांकित किया जाएगा। इनका प्रशिक्षण 10 हफ्ते से लेकर 6 महीने तक होगा। इन्हें साल में 30 दिन की छुट्टी और मेडिकल लीव अलग से (मेडिकल चेकअप पर निर्भर) मिलेगी। अग्निवीर भारतीय सेना में एक अलग रैंक होगी।
इस योजना के तहत अग्निवीरों को किसी भी प्रकार की पेंशन, ग्रेच्युटी, एक्स सर्विंसमैन की भांति हेल्थ स्कीम- ECHS, कैंटीन स्टोर डिपार्टमैंट (CSD), एक्स सर्विंसमैन का स्टेट्स और अन्य समान लाभ नहीं मिलेगा। सर्विस के दौरान डियरनेस अलॉउस एंड मिलिट्री सर्विस पे भी नहीं मिलेगा। जबकि रिस्क हार्डशिप, राशन, यूनिफॉर्म, ट्रेवल जैसे भत्ते दिये जायेंगे। सर्विस के दौरान यूनिफॉर्म पर विशिष्ट प्रतीक चिन्ह होगा। वहीं सेना के जवानों को जो सम्मान और अवार्डस मिलते हैं वे सभी मिलेंगे। हालांकि, सर्विस के दौरान सेना की मेडिकल एवं कैंटीन सुविधाएं अग्निवीरों को मिलेंगी।
अग्निवीर के प्रकार और योग्यता
अग्निवीर: जनरल ड्यूटी (तीनों सेनाओं में) - 10वीं/मैट्रिक में न्यूनतम 45% अंक और 33% प्रत्येक विषय में अंक, वह बोर्ड जो ग्रेडिंग सिस्टम को फॉलो करते हैं उनमें प्रत्येक विषय में न्यूनतम D ग्रेड और कुल मिलाकर C2 ग्रेड होने चाहिए।
अग्निवीर: टेक्निकल (तीनों सेनाओं में) - 12वीं कक्षा फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ और इंग्लिश से 50% अंक प्राप्त होने चाहिए। इन चारों विषयों में न्यूनतम 40% अंक हो।
अग्निवीर: क्लर्क/स्टोर कीपर, टेक्निकल (तीनों सेनाओं में) - 12वीं कक्षा उतीर्ण, प्रत्येक विषय में न्यूनतम 50% अंक, एग्रिगेट 60% अंक और मैथ/अकाउंट/बुक किपिंग में 12वीं कक्षा में 50% अंक होने अनिवार्य हैं।
अग्निवीर: ट्रेड्समैन (तीनों सेनाओं में) - 8वीं और 10वीं पास
पहले बैच के लिए अग्निवीरों की योग्यता आयु 17.5 से 23 वर्ष की गयी है (रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि यह आयु सीमा सिर्फ इस बार की भर्ती के लिए है)।
केंद्र सरकार ने हाल ही में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत आईटीआई - पॉलिटेक्निक पास आउट आवेदन कर सकेंगे। प्री स्किल्ड युवा भी अग्निपथ भर्ती में हिस्सा ले सकेंगे और आईटीआई - पॉलिटेक्निक पास आउट टेक्निकल ब्रांच में आवेदन कर सकेंगे।
महिलाओं को भी अवसर
भारतीय नौसेना में अग्निवीर की भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें महिला कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित की गयी हैं। नौसेना में महिला अग्निवीर कैंडिडेट की उम्र साढ़े 17 साल से 21 साल के बीच होनी चाहिए। सिर्फ अविवाहित महिलायें ही नौसेना में आवेदन कर सकती हैं और वे कम-से-कम 10वीं पास होनी चाहिए। साथ ही, उनकी हाइट कम से कम 152 इंच यानी 4 फीट 11 इंच होनी चाहिए।
अग्निपथ योजना के उद्देश्य
दरअसल 18 अगस्त 1994 को तत्कालीन रक्षा मंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव ने राज्यसभा में कहा था कि सेना की बटालियनों में कमांडिंग अधिकारियों की उम्र 43-45 वर्ष है। इस योजना के कार्यान्वयन से भारतीय सशस्त्र बलों की औसत आयु लगभग 4-5 साल कम हो जाएगी। वैसे अभी औसतन उम्र 32 साल है और उसे 26 तक लाना है। जबकि वर्तमान में भारतीय सेना का टूथ-टू टेल रेशियो 1 जवान से 1.15 है, जो इस योजना माध्यम से इस रेशियो को बढ़ाया जाएगा।
दरअसल टूथ-टु-टेल रेशियो सेना में इस्तेमाल होने वाला वह टर्म जिसका सीधा मतलब सीमा पर तैनात हर सिपाही के लिए आवश्यक सामान पहुंचाने या सहयोग के लिए दूसरे जवानों का अनुपात है।
अग्निवीरों को वित्तीय फायदा
अग्निवीरों की फर्स्ट सैलरी 30,000 रुपये महीने होगी, जो नौकरी के 4 साल पूरे होने तक 40,000 रुपये हो जाएगी। वहीं केंद्र सरकार इसका 70% हिस्सा अग्निवीर के अकाउंट में जमा करेगी। बाकी 30% रकम सेविंग के रूप में सेवा निधि अकाउंट में जमा करेगी। अग्निवीर की सेवा निधि अकाउंट में केंद्र सरकार भी 30% हिस्सा जमा करेगी। अब 4 साल बाद नौकरी पूरी होने पर अग्निवीर को कॉर्पस फंड में 10 से 12 लाख रुपये मिलेंगे। इस रकम पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा। बता दें कि पहले साल में अग्निवीरों को 30 हजार की सैलरी, दूसरे साल में 33 हजार की सैलरी, तीसरे साल में 36500 और चौथे साल में 40 हजार रुपये की सैलरी प्रति माह मिलेंगे।
वहीं 10वीं पास अग्निवीरों को 12वीं कक्षा का सर्टिफिकेट और 12वीं पास अग्निवीरों को डिप्लोमा या डिग्री का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। साथ ही 48 लाख रुपये का गैर अंशदायी जीवन बीमा कवर भी दिया जाएगा। वहीं चार साल की सर्विस के दौरान अग्निवीर की मृत्यु होती है तो बीमा कवर मिलेगा, जिसके तहत उनके परिवार को करीब 1 करोड़ की आर्थिक सहायता की जाएगी। जबकि ड्यूटी के दौरान विकलांग होने पर एक्स-ग्रेशिया 44 लाख रुपये मिलेंगे। साथ ही जितनी नौकरी बची है, उसकी पूरी सैलरी भी मिलेगी और सेवा निधि पैकेज भी दिया जाएगा।
4 साल बाद अग्निवीरों के लिए अवसर क्या होंगे?
चार साल बाद अग्निवीरों को सेना के रेगुलर कैडर में शामिल होने का अवसर दिया जायेगा। तकरीबन 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अगले 15 वर्ष की अवधि के लिए नियमित सेवाएं देने का अवसर प्रदान किया जायेगा। वहीं जेसीओ/अन्य रैंक (समय के साथ बदलाव तक) भी मिल सकती है।
इसके अलावा, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (एमडीएल), मिश्र धातु निगम (मिधानी) लिमिटेड, बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (एवीएनएल), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यू एंड ईआईएल), मुनिशन इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल), ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (GIL), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (IOL) और ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (TCL) में नौकरियां मिलेगी। यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा।
अग्निवीरों के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में 10% रिक्तियों को आरक्षित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। साथ ही गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम प्रवेश आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने का निर्णय किया है और अग्निपथ योजना के पहले बैच के लिए यह छूट 5 वर्ष होगी।
राज्यों की पुलिस - असम, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणांचल प्रदेश, और कर्नाटक में नौकरी की गारंटी भी दी गयी है। यही नहीं, कॉरपोरेट सेक्टर जैसे हर्ष गोयनका और आनंद महिंद्रा ने भी अग्निवीरों को अपने यहाँ नौकरी देने की घोषणा की है।
दुनिया के कई देशों में 'सैन्य सेवा अनिवार्य'
इन देशों में कुछ शर्तों के साथ सैन्य सेवा अनिवार्य हैं। इनमें ग्रीस, तुर्की, ईरान, क्यूबा, स्वीडन, लिथुआनिया, जॉर्जिया, सीरिया, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, इरीट्रिया (अफ्रीकी देश), उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, और इजराइल शामिल हैं। गौर करने वाली बात है कि इन देशों में 'अग्निपथ योजना' जैसी कोई सुविधा नहीं दी जाती।












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