क्या है युवाओं में पोर्न एडिक्शन बढ़ने के मुख्य कारण?

युवाओं में पोर्न एडिक्शन एक बहुत ही गंभीर और चिंतनीय विषय है लेकिन इस विषय पर कोई बात नहीं करना चाहता।

What are the main reasons for increasing obscenity addiction among youth?

भारत समेत दुनिया के लगभग हर देश में पोर्न एडिक्शन एक बहुत गंभीर समस्या बन गयी है। यह खासकर युवाओं में तेजी से पनप रही है। एक गैर-सरकारी संगठन ह्यूमन लाइफ इंटरनेशनल की साल 2021 की एक रिपोर्ट बताती है कि 93% लड़के और 62% लड़कियां 18 वर्ष की आयु से पहले ही पोर्न साइट्स से वाकिफ हो जाते हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि केवल 3% लड़कों और 17% लड़कियों ने कभी इंटरनेट पोर्नोग्राफी नहीं देखी है। आइये जानते हैं आखिर कौन से वे कारण हैं जिनके चलते युवाओं में यह एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।

इंटरनेट की आसान उपलब्धता
इंटरनेट और स्मार्टफोन की आसान उपलब्धता के साथ, किसी भी समय लगभग कहीं से भी पोर्न एक्सेस करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। युवाओं को पोर्न देखने के लिए अब पारंपरिक कंप्यूटर का उपयोग करने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे इसे अपने फोन पर भी एक्सेस कर सकते हैं।

पोर्न के प्रति जिज्ञासा
नई बातें जानने की 'जिज्ञासा' भी युवाओं में पोर्न एडिक्शन बढ़ने का एक मुख्य कारण है और यहां पर 'जिज्ञासा' युवाओं के उन नेचुरल इंटरेस्ट और प्रश्नों की ओर इशारा करती है जो युवाओं के सेक्स और सेक्सुअलिटी के बारे में हैं। वे सेक्स के बारे में जानने और अनुभव करने के लिए पोर्न देखते हैं, उनको पोर्न देखने में मजा आता है, लेकिन यह उनके मन को भ्रमित कर देता है, जिससे वो पोर्न के एडिक्ट हो जाते है।

दूसरों की देखादेखी
सामाजिक नकल और दबाव कुछ मायनों में युवाओं में पोर्न की लत को बढ़ाने में योगदान देता है। सबसे पहले, पीयर प्रेशर युवाओं को दोस्तों की मंडली में फिट होने के लिए पोर्न देखने के लिए प्रेरित कर सकता है। दूसरा, इंटरनेट के माध्यम से पोर्न की आसान पहुंच, दूसरे जो कर रहे हैं, वैसा करने का दबाव पीयर प्रेशर पैदा कर देता हैं।

स्ट्रेस और एंक्साइटी
युवाओं में पोर्न की लत के लिए स्ट्रेस और एंक्सायटी महत्वपूर्ण होते हैं। जब युवा स्ट्रेस और एंक्साइटी महसूस करते हैं, तो वे उससे छुटकारा पाने के लिए पोर्न देखते हैं। भले ही युवाओं को लगता है कि पोर्न देखने से उनका स्ट्रेस और उनकी एंक्साइटी कम हो जाएगी लेकिन, पोर्न की लत उनके मानसिक तनाव और चिंता को भविष्य में बढ़ा देती है। बार बार पोर्न देखने से अकेलापन, कमजोरी, तनाव और चिंता बढ़ जाती है, जिससे लत और भी बढ़ सकती है।

शिक्षा की कमी
शिक्षा और संसाधनों की कमी पोर्न एडिक्शन को बढ़ावा देती है, खासकर युवाओं के बीच। इसमें सेक्स एजुकेशन की कमी, पोर्न को लेकर पूरी जानकारी नहीं होना, आदि संबंधित समस्याएं शामिल होती है। सेक्स एजुकेशन और पोर्न के नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी न पता होने से भी इसका एडिक्शन बढ़ता है क्योंकि उन्हें पोर्न एडिक्शन की हानियों की भनक तक नहीं है।

बोरियत से बचना
यह एक आम धारणा है कि बोरियत से युवाओं में पोर्नोग्राफी की खपत बढ़ती है जिसे कई रिपोर्ट्स में सही भी माना गया है। युवाओं तक फोन की बहुत आसान पहुंच ने उनके स्क्रीन टाइम को कई गुना तक बढ़ा दिया है और पोर्न को आज के समय में युवाओं द्वारा टाइमपास के और बोरियत दूर करने के रूप में देखा जाता है। कई युवा ऐसा समझते है कि पोर्न देखने से उनको मजा आयेगा और साथ ही साथ उनका टाइमपास होगा और बोरियत दूर हो जाएगी।

अकेलापन
अकेलापन उन कारणों में से एक है जो युवाओं में पोर्न की लत को बढ़ाने में योगदान करता है। जब कोई व्यक्ति दूसरों से अलग-थलग महसूस करता हैं, तो वो अपना अकेलापन दूर करने के लिए या अपनी भावनाओं पर काबू करने के लिए पोर्न देखता है और इस कारण युवाओं के बीच पोर्न एडिक्शन बढ़ रहा है। कई बार युवा अपना अकेलापन दूर करने के लिए पोर्न देखते है लेकिन ऐसा करने से उनके दिमाग पर भारी असर पड़ता है और उनके अकेलेपन की समस्या और बढ़ सकती है।

माता पिता का कम ध्यान
अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में माता-पिता की कम जानकारी युवाओं में पोर्न की लत को बढ़ाने में योगदान करती है। जब माता-पिता इस बात से अज्ञात होते हैं कि उनके बच्चे ऑनलाइन क्या एक्सेस कर रहे हैं, तो वे मार्गदर्शन प्रदान करने या उनके बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करने में असमर्थ होते हैं, जिससे पोर्न की लत जैसे नकारात्मक परिणाम होते हैं।

नॉर्मलाइजेशन
युवाओं में पोर्न की लत बढ़ने के लिए पोर्न का आज के समाज और आज के समय में नॉर्मलाइजेशन को भी कारण माना गया है क्योंकि इंटरनेट पर पोर्न की आसान उपलब्धता के साथ, कई युवा कम उम्र में ही पोर्न कंटेंट देखना शुरू कर देते है और अकसर जब उन्हें पोर्न देखने में मजा आने लगता है तब उन्हें इसकी आदत लग जाती है और उनके लिए उनका पोर्न एडिक्शन खत्म करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

ग्लैमर का हावी होना
यह व्यापक रूप से माना जाता है कि पोर्न की लत का युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई रिसर्चस बताती हैं कि पोर्न को ग्लैमराइज करने से पोर्न देखना नॉर्मल हो गया है जिससे युवाओं को पोर्न देखने में शर्म नहीं आती और उसकी लत लग जाती है। जब युवा पोर्न में ग्लैमर को देखता है तब उसके दिमाग पर ग्लैमर का असर हावी हो जाता है और बाद में यह पोर्न एडिक्शन बन जाता है, जिससे छुटकारा पाना बहुत कठिन होता है।

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