पाकिस्तान ने क्यों दिया था इस तूफान को 'वरदा' नाम?
चक्रवात अगर अटलांटिक महासागर से उठा है, तो उसे 'हरिकेन' कहा जाता और अगर भारतीय महासागर में तो इसे 'साइक्लोन' कहा जाता है।
बैंगलुरू। आज एक बार फिर से चक्रवाती तूफान 'वरदा' की वजह से तूफानी हवाएं चल रही है, तमिलनाडु में बारिश हो रही है, हालांकि सुरक्षा के पुख्ता के इंतजाम किए गए हैं लेकिन इसके बावजूद चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर और विलुपुरम इन चार जिलों से 4,600 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।

क्या कभी आपने सोचा कि इन तूफानों के नाम इतने अजीब से क्यों होते हैं, हुदहुद, लैला, कैटरीना, फैलिन और अब वरदा .. आखिर कौन इनके नाम डिसाइड करता है, आइए जानते है विस्तार से।

हर साल पूरी दुनिया में 100 से ज्यादा चक्रवात आते हैं
दरअसल हर साल पूरी दुनिया में 100 से ज्यादा चक्रवात आते हैं, उनमें कई कम तीव्रता वाले होते हैं और कोई बेहद तीव्र। बात अगर नाम की करें तो चक्रवात अगर अटलांटिक महासागर से उठा है, तो उसे 'हरिकेन' कहा जाता और अगर भारतीय महासागर में तो इसे 'साइक्लोन' कहा जाता है।
'वरदा' का मतलब है 'लाल गुलाब'
लैलाा, कटरीना, लीजा, लैरी, बुलबुल, पैलिन जैसे चक्रवाती तूफानों के नाम हमने सुने हैं। तमिलनाडु को घेरे खड़ा वरदा भी इनमें से एक है जिसका मतलब लाल गुलाब होता है। तबाही मचाने के लिए कुख्यात इन तूफानों के नामों के पीछे भी रहस्य है। तूफानों के नाम एक समझौते के तहत रखे जाते हैं।

कौन रखता है नाम?
चक्रवात का नाम हर उस देश का मौसम विभाग रखता है जहां से वो उत्पन्न हुआ है। साल 1953 तक ऐसी कोई प्रथा नहीं थी, जिसके कारण मौसम विभाग को चक्रवातों के आंकलन में काफी परेशानी होती थी क्योंकि अगर साल लिखने में जरा इधर-उधर हो जाए, तो पूरा हिसाब बिगड़ जाता था इसलिए 1953 से विश्व मौसम संगठन ने चक्रवातों को नाम देने का निर्णय लिया और तब से चक्रवातों का नाम रखा जाने लगा।

1953 में एक संधि
नामकरण की इस पहल की शुरुआत अटलांटिक क्षेत्र में 1953 में एक संधि के माध्यम से हुई थी। हिन्द महासागर क्षेत्र के आठ देशों ने भारत की पहल पर 2004 से चक्रवातीय तूफानों को नाम देने की व्यवस्था शुरू की थी।
अहम भूमिका
हिन्द महासगर क्षेत्र में यह व्यवस्था साल 2004 में शुरू हुई जब भारत की पहल पर 8 तटीय देशों ने इसको लेकर समझौता किया। इन देशों में भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, म्यामां, मालदीव, श्रीलंका, ओमान और थाईलैंड शामिल हैं।
पाक ने दिया वरदा नाम
'वरदा' पाकिस्तान द्वारा दिया गया नाम है क्योंकि क्रमानुसार इस बार नाम रखने का नंबर पाकिस्तान का था। पिछली बार ओमान की बारी थी और उसने 'हुदहुद' नाम तूफान को दिया था।

हमेशा रोचक नाम रखे जाते हैं
चक्रवातों का नाम रोचक रखे जाते हैं जिससे वो लोगों को हमेशा याद रहें, इनका नाम कभी अंग्रेजी की वर्णमाला के मुताबिक नहीं होता है। इसे हमेशा क्रेजी नाम के आधार पर रखा जाता है।












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