विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2021 - हर साल 60 लाख लोग तंबाकू के सेवन से मरते हैं
अंकुर सिंह। दुनियाभर में हर साल तंबाकू के सेवन से 60 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। तंबाकू उत्पादों से होने वाले नुकसनों से लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य ऑर्गेनाइजेशन डब्ल्यू एचओ ने 31 मई को 1987 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस घोषित किया।

लेकिन तंबाकू उत्पादों से जिस तरह से लाखों लोग हर साल मर रहे हैं उसे देखते हुइ यह जानना आवश्यक है कि इस रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रयास किये जा रहे है। साथ ही कुछ ऐसे सवाल जो इस दिन आपके जेहन में जरूर उठते होंगे।
1- सार्वजनिक जगहों पर तंबाकू के सेवन पर पाबंदी का क्या असर है?
आयरलैंड दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने 2004 में सार्वजनिक तंबाकू उत्पादों के सेवन पर पाबंदी लगायी है। आयरलैंड सरकार का दावा है कि ऐसा करने से उन्होंने 3700 लोगों के जीवन को बचाने में सफल रही है।
2- क्या होता है जब धूम्रपान छोड़ते हैं ?
- धूम्रपान करने के 20 मिनट बाद आपके हृदय की गति और रक्तचाप में कमी आती है।
- 12 घंटे बाद आपके रक्त में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइट का स्तर सामान्य होने लगता है।
- 2 से 3 हफ्ते के बाद आपके फेफड़े बेहतर काम करने लगते हैं।
- 1 से 9 महीने बाद खांसी और सांसों में आने वाली दिक्कतें कम होने लगती हैं।
- 1 साल के बाद आपको सिगरेट से होने वाले नुकसान की संभावना तकरीबन 50 फीसदी रह जाती है।
- 5 साल बाद आपको मुंह और गले के कैंसर होने की संभावना भी आधी रह जाती है।
- 10 साल के बाद फेफड़ों के कैसर होने की संभावना भी लगभग आधी हो जाती है।
- 15 सालों के बाद आपको हृदय की बीमारी होने की संभावना नहीं होती है।
3- कितने लोग हर साल तंबाकू से मर रहे हैं?
डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल दुनियाभर में 60 लाख लोग तंबाकू के सेवन से मर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा लोग धूम्रपान की वजह से मरते हैं यही नहीं इनमें से 10 फीसदी लोग आसपास में होने वाले धूम्रपान की वजह से मर जाते हैं।
तंबाकू के सेवन से महिलाओं की अपेक्षा पुरुष ज्यादा मरते हैं। 16 फीसदी पुरुष तंबाकू के सेवन से मरते हैं जबकि 7 फीसदी महिलाओं की मौत इसके चलते होती है। वहीं अफ्रीका में तंबाकू का उत्पाद अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा कम होता है जबकि यूरोप में अकेले 25 फीसदी लोग इसके सेवन से मर जाते हैं।
4- देश जहाँ तंबाकू सेवन पर प्रतिबंध हैं?
हाल ही में आये सर्वे के अनुसार पिछले दस सालों में तंबाकू के सेवन में 125 देशों में कमी दर्ज की गयी है। वहीं अमेरिका में सिगरेट के इस्तेमाल में भी कमी आयी है। 1965 में सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले 42.4 फीसदी थे जो 2011 में 19 फीसदी हैं।
5- सबसे ज्यादा कहां बढ़ रहा है तंबाकू का सेवन?
अफ्रीका में सबसे तेजी से तंबाकू के सेवन का चलन बढ़ रहा है। यूरोप और पूर्वी अमेरिका में तंबाकू के सेवन और सिगरेट के सेवन में आयी कमी के चलते तंबाकू निर्माताओँ की नजर अब अफ्रीका में है। अफ्रीका में 7.7 करोड़ वयस्क सिगरेट का सेवन करते हैं। वहीं माना जा रहा है कि 2030 तक इसक सेवन में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी आ सकती है।
6- क्या सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी कारगर है?
डब्ल्यूएचओ के अनुसार सिगरेट के पैकेट पर खतरनाक चेतावनी से कुछ असर तो जरूर होता है और लोगों में सिगरेट पीने की चाहत कम होती है। ब्राजील, कनाड़ा और थाइलैंड में किये गये सर्वे के अनुसार ऐसा करने से लोगों में जागरुकता बढ़ती है और तंबाकू के सेवन में गिरावट होती है।
7- तंबाकू कंपनियों का इस पर क्या रुख है?
डब्ल्यूएचओ की मानें तो तंबाकू कंपनियों का इस रूख के खिलाफ काफी सख्त तेवर दिखाया है। कंपनियों ने तंबाकू के उत्पादों के उपर दी जाने वाली चेतावनी और फोटो के खिलाफ कड़ी आपत्ति जतायी है।












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