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Talent India: आनंद का एक घंटा बदल देता है सैंकड़ों गरीबों की जिंदगी

[Talent India] हम यहां एक टैलेंट से आपको मिलवाने जा रहे हैं, जिसका एक घंटा सैंकड़ों गरीबों की जिंदगी बदल देता है। नाम है आनंद कृष्ण मिश्र, जो सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, एलडीए, लखनऊ में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। आज यानी 8 जुलाई 2015 को आनंद को लखनऊ के इनर व्हील क्लब द्वारा सम्मानित किया गया है।

Anand Krishna Mishra

आनंद लखनऊ का वो बच्चा है, जो अपने डांस, सिंगिंग या फिर आर्ट जैसे टैलेंट के लिये नहीं बल्क‍ि अपनी प्रेरणादायक काउंसिलिंग के लिये जाना जाता है। काउंसिलिंग के साथ-साथ आनंद, गरीब बच्चों को कंप्यूटर, गाण‍ित, विज्ञान, आदि का बेसिक ज्ञान बांटता है। बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने में आनंद को एक अलग ही सुख मिलता है, जिसका अंदाजा हम और आप लगा भी नहीं सकते। आनंद ने अपने इस अभ‍ियान को नाम दिया है "बाल चौपाल"।

आनंद की उपलब्ध‍ियां

आनंद लखनऊ और उसके आस-पास के जिलों के करीब 85 गांवों में जाकर बच्चों की काउंसिलिंग कर चुका है। साथ ही उन्हें पढ़ा भी चुका है। यह सिलसिला जारी है और हर हफ्ते या दो हफ्तों में वह एक न एक गांव के चक्कर जरूर लगाता है। आनंद अपने मम्मी-पापा के साथ गांव में जाता है, बच्चों को इकठ्ठा कर लेता है और उन्हें यह बताता है, कि पढ़ाई क्यों जरूरी है। उन्हें बताता है कि विज्ञान के जरिये दुनिया कहां से कहां पहुंच गई। गण‍ित में कैसे रुचि बढ़ाई जा सकती है और यह भी बताता है कि पढ़ने से उन बच्चों के जीवन में कैसे बदलाव आ सकते हैं।

Anand Krishna Mishra

कहां से आयी प्रेरणा

आनंद ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि जब वो चौथी कक्षा में था तब अपने मम्मी-पापा के साथ अजंता-एलोरा घूमने गया। वहां एक मंदिर में दर्शन करते वक्त आरती हो रही थी। एक गरीब बच्चा, दौड़ कर आया और आरती में शामिल हो गया। वह बेहतरीन स्वरों में आरती गा रहा था। आरती संपन्न होते ही, बच्चा मंदिर के बाहर जाकर बैठ गया और किताब खोलकर पढ़ने लगा। आनंद को यह देख बहुत अच्छा लगा। आनंद के पिता ने उस गरीब बच्चे को पैसे दिये, लेकिन बच्चे ने यह कहकर लेने से इंकार कर दिया, कि अंकल अगर देना ही है, तो मेरे लिये कॉपी-किताबें खरीद दीजिये।

बस उसी दिन से आनंद के मन में गरीब बच्चों को पढ़ाने व पढ़ाई में मदद करने की इच्छा जागृत हो गई। आनंद के पिता अनूप मिश्रा 'अपूर्व' और रीना मिश्रा, दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। माता-पिता दोनों ने आनंद की इस सोच को हकीकत में बदला और लखनऊ से 30 किलोमीटर दूर काकोरी के भवानी खेड़ा गांव ले गये। आनंद उस दिन को हर रोज याद करता है।

आनंद ने बताया, "जब मैं गांव में गया तो करीब छह-सात बच्चे खेल रहे थे। वे सभी मुझे देखने लगे। मैंने उनसे पूछा, पढ़ाई करते हो, तो कुछ ने जवाब दिया हां और कुछ चुप रहे। न वो मुझे जानते थे, न मैं उन्हें जनता था, लेकिन जब मैंने उन्हें कंप्यूटर के बारे में बताना शुरू किया, तो वे सभी बच्चे बड़े गौर से सुनने लगे। थोड़ी ही देर में मैंने उनसे कहा, जाओ अपने दोस्तों को बुला लाओ। करीब 15 से 20 मिनट के भीतर 30 से ज्यादा बच्चे आ गये और जमावड़ा लग गया। हम सभी ने एक घेरा बनाया और बातें करनी शुरू कर दीं।"

Anand Krishna Mishra

फिर क्या हुआ भवानी खेड़ा में

भवानी खेड़ा में पहले दिन आनंद ने महज एक घेरा लगाकर बातचीत की और बच्चों के साथ कुछ गेम्स खेले और चला आया। आनंद फिर से भवानी खेड़ा गया और इस बार नये आईडिया लेकर। और बच्चों की काउंसिलिंग की। जिन बच्चों का पढ़ाई से मन हट चुका था, उन्हें दोबारा पढ़ाई शुरू करने के लिये प्रेरित किया। जो बच्चे स्कूल जाते हैं, लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लगता, उन्हें पढ़ाई का महत्व बताया और बात जब कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट की आती, तो सारे बच्चे उत्साहित हो जाते। अलग-अलग गांवों में यह सिलसिला अब भी जारी है।

Anand Krishna Mishra

आनंद का रोज का रुटीन

  • आनंद सुबह तड़के उठकर आधा या एक घंटा पढ़ाई करता है।
  • फिर स्कूल और स्कूल से आने के बाद शाम 4:30 बजे तक रेस्ट।
  • शाम 5 बजे से 6 बजे तक हर रोज घर के पास रहने वाले गरीब बच्चों को पढ़ाने जाता है।
  • आनंद किसी विशेष सब्जेक्ट को नहीं पढ़ाता है, न ही बच्चों का होमवर्क करवाता है।
  • आनंद बच्चों को साइबर वर्ल्ड, मैथ्स, साइंस, आदि के टिप्स देता है।
  • कुछ देर खेलने के बाद फिर से पढ़ाई।

आनंद के अंदर सबसे बड़ा टैलेंट है उसका बात करने का तरीका। इतनी छोटी सी उम्र में आनंद महज पांच मिनट के अंदर सामने वाले की सोच बदलने का माददा रखता है। उसके एक घंटे के सेशन में बच्चों की ही नहीं, उनके माता-पिता की सोच बदल जाती है और वह संदेश गांव में फैल जाता है और जिंदगियां बदल जाती हैं। वनइंडिया भविष्य में भी आनंद का उत्साहवर्धन करता रहेगा, ताकि आनंद की सोच पूरे देश की सोच बन जाये।

Talent India: टैलें‍ट इंडिया वनइंडिया का साप्ताहिक कॉलम है, जिसमें हम देश के कोने-कोने से टैलेंट की खोज करते हैं। यदि आपके परिवार में, पड़ोस में, गांव में, शहर में या फिर राज्य में कोई ऐसा कोई बच्चा है, तो हमें लिख भेजिये [email protected] पर Subject line में "Talent India" लिखना मत भूलियेगा। हम उस बच्चे को कॉल करेंगे और उसका इंटरव्यू जरूर प्रकाश‍ित करेंगे।

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