'मासिक-धर्म परेशानी नहीं इसलिए अपने शरीर से प्रेम करें लड़कियां'
नई दिल्ली। आजकल सिने अभिनेत्रियां काफी मुखर हो गईं हैं और खुलकर अपने विचार सार्वजनिक मंच पर रखती हैं। जिसका ताजा उदाहरण हैं परिणीति चोपड़ा और स्वरा भास्कर, जिन्होंने खुलकर महिलाओं के मासिक धर्म पर चर्चा की।
मासिक धर्म यानी पीरियड्स पर खुलकर बोलीं परिणीति चोपड़ा
महिला दिवस के मौके पर स्वरा भास्कर ने अपने से जुड़ा एक सच लोगों से शेयर किया है। स्वरा भास्कर ने कहा कि जब वो 14 साल की थीं तो उनके और उनके पिता के बीच में पीरियड्स को लेकर एक बातचीत हुई थी जिसने उनकी सोच को ही बदल दिया। स्वरा ने कहा कि हो सकता है कि मेरी इस बात को सुनकर कुछ महिलाओं को धक्का लगा हो क्योंकि आमतौर पर लड़कियां अपने पिता से इस विषय पर बातें नहीं करती हैं।
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स्वरा ने बताया कि वो 14 बरस की थीं और उन्हें हाल ही में मासिक चक्र शुरू हुआ था। उस समय उनकी मां पीएचडी करने के लिए न्यूयार्क गईं थी इसलिए घर पर उनके पिता और उनके बीच में मासिक को लेकर बातचीत शुरू हो गई थी। स्वरा ने कहा कि उन्हें उस समय वार्षिक लीडरशिप ट्रेनिंग कैंप (एलटीसी) में जाने का मौका मिला था लेकिन जिस दिन ट्रेनिंग शुरू होने वाली थी उस दिन से उन्हें पीरियड्स स्टार्ट होने वाले थे जिसकी वजह से मैं डर और दुख के कारण घर के एक कोने में शांत बैठ गई थी।
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मेरी लटके चेहरे को देखकर मेरे पापा ने मुझसे कारण पूछा तो मैंने उन्हें बता दिया कि पीरियड्स के कारण मैं वहां नहीं जा रही क्योंक वो दिन काफी थकाने वाले और डराने वाले हैं और मैं ज्यादा भाग-दौड़ नहीं कर सकती जिस पर मेरे पापा ने मुझे समझाया कि ये तो हर महीने होगा और इस हिसाब से दुनिया की किसी भी लड़की को उन दिनों में काम ही नहीं करना चाहिए।
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तुम अपने पांच दिनों के डर के कारण वार्षिक लीडरशिप ट्रेनिंग कैंप (एलटीसी) छोड़ रही हो जो कि मेरी समझ के परे है। यह तु्म्हारे शरीर की एक नैचुरल प्रक्रिया है जिसे तुम्हें स्वीकारना चाहिए। स्वरा भास्कर ने कहा कि पापा की उस बात ने मेरे दिल-दिमाग को इस कदर छाप छोड़ी जो आज भी मेरे साथ है इसलिए स्वरा ने कहा है कि मासिक धर्म को लड़किया परेशानी ना समझें बल्कि उसे दिल से अपनाकर अपने शरीर से प्यार करें।
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