Smart Ring: स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड के बाद आने वाला है ‘स्मार्ट रिंग’ का दौर
Smart Ring: 1990 के दशक तक घड़ी का काम केवल समय देखने के लिए किया जाता था। माइक्रोसॉफ्ट ने पहले ट्रू स्मार्टवॉच माइक्रोसॉफ्ट स्पॉट (SPOT) को 2004 में लॉन्च किया था, जो स्मार्ट पर्सनल ऑब्जेक्ट टेक्नोलॉजी पर काम करता था। इसमें वॉलपेपर, न्यूज, स्टॉक एक्सचेंज अपडेट्स और रेडियो जैसे फीचर्स मिलते थे। इसके 5 साल पहले 1999 में सैमसंग ने पहला वॉच फोन सैमसंग WP10 लॉन्च किया था, जिसमें 90 मिनट की कॉलिंग का बैकअप था। अगले कुछ साल में स्मार्टवॉच में अपग्रेड्स होते गए और इसमें लोग समय देखने के साथ-साथ अपनी डेली एक्टिविटी, हेल्थ अपडेट्स आदि ट्रैक कर सकते हैं। यही नहीं, इन स्मार्टवॉच के जरिए कॉलिंग और SMS की सुविधा भी मिलने लगी हैं।
आ गया स्मार्ट रिंग का दौर!
पिछले कुछ सालों में जिस तरह से वियरेबल यानि पहने जाने वाले डिवाइसेज की टेक्नोलॉजी इंप्रूव हुई है, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में हमें कई और वियरेबल डिवाइसेज देखने को मिल सकते हैं। स्मार्टवॉच, स्मार्ट बैंड (फिटनेस बैंड), और ईयरबड्स के बाद अब स्मार्ट रिंग यानी स्मार्ट अंगूठी का दौर आने वाला है। सैमसंग, बोट, नॉइज, गूगल जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियां बाजार में अपने स्मार्ट रिंग उतारने की तैयारी में हैं। भारतीय कंपनी नॉइज ने तो अपना पहला स्मार्ट रिंग (लूना रिंग) पिछले दिनों ही पेश किया है। वहीं, एक और भारतीय ब्रांड बोट ने भी जल्द बाजार में अपना स्मार्ट रिंग लाने का दावा किया है।

वियरेबल डिवाइसेज बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में दक्षिण कोरियाई ब्रांड सैमसंग के स्मार्ट रिंग का प्रोटोटाइप भी देखा गया है। अगले कुछ सालों में आपको बाजार में स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड की तरह स्मार्ट रिंग भी देखने को मिलेंगे। ये स्मार्ट रिंग किसी फिटनेस बैंड और स्मार्टवॉच की तरह ही आपकी डेली एक्टिविटी को ट्रैक करेंगे। साथ ही, इसमें कई हेल्थ सेंसर्स भी दिए जाएंगे।
कैसा है पहला स्मार्ट रिंग (Luna Ring)?
नॉइज ने वियरेबल सेगमेंट में अपने पहले स्मार्ट रिंग को लॉन्च किया है, जिसकी प्री-बुकिंग शुरू हो गयी है। जल्द ही इसे बाजार में सेल के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। नॉइज के इस लूना स्मार्ट रिंग में कई सेंसर दिए गए हैं, जो आपकी एक्टिविटी को लगातार ट्रैक करते रहेंगे। कंपनी का दावा है कि इस स्मार्ट रिंग में ऐसे सेंसर दिए गए हैं, जो डेली एक्टिविटी के साथ 70 से ज्यादा मैट्रिक्स को ट्रैक कर सकता है। नॉइज की लूना रिंग फाइटर जेट ग्रेड वाले टाइटेनियम मटीरियल से बना है और देखने में किसी महंगी अंगूठी की तरह ही लगती है। इस स्मार्ट रिंग में डायमंड कोटिंग दी गई है, जो स्क्रैच और जंग लगने से इसे बचाता है।
इसमें प्रीमियम ग्रेड मटीरियल का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से यह हर स्किन के लिए सूटेबल है। इस स्मार्ट रिंग में मिलने वाले सेंसर की बात करें तो इसमें फोटोप्लेथिस्मोग्राफी (PPG) सेंसर, स्किन टेम्परेचर सेंसर, 3- एक्सिस एक्सीलकोमीटर सेंसर दिए गए हैं। ये सेंसर यूजर के साइकोलॉजीकल सिग्नल को ट्रैक करता है। साथ ही यह वायरलेस चार्जिंग फीचर के साथ आता है। इस रिंग में रिम डिजाइन वाली बैटरी मिलती है, जो रिंग के बॉडी के साथ फिट रहती है।
मिलने वाले हेल्थ फीचर्स
यह स्मार्ट रिंग हेल्थ एक्टिविटी को दिए गए सेंसर के माध्यम से ट्रैक करता है। इसके जरिए इसे पहनने वाले की सोने की आदत के साथ-साथ वो कितने एक्टिव हैं, इसका पता लग सकता है। इसमें स्लीप स्कोर, रेडिनेस स्कोर, एक्टिविटी स्कोर आदि के नोटिफिकेशन्स मिलते हैं। ऐसे में इसे पहनने वाले यूजर्स अपनी हेल्थ से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह बॉडी मूवमेंट और टेम्परेचर के जरिए यूजर का हेल्थ ट्रैक कर सकेगा। इसमें बॉडी टेम्परेचर के जरिए डायट, एक्सरसाइज, साइकोलॉजिकल स्टेट और हार्मोन के बारे में पता चलेगा। कंपनी का दावा है कि यह हर 5 मिनट में शरीर के हार्मोन, हार्ट रेट, SpO2 (बल्ड ऑक्सीजन सेंसर) आदि को ट्रैक करेगा।
कोरोना महामारी के बाद से लोग अपने स्वास्थ को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। इसका असर वियरेबल डिवाइसेज की बिक्री पर भी देखने को मिला है। काउंटरप्वाइंट और आईडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 की पहली तिमाही के मुकाबले 2021 की पहली तिमाही में वियरेबल डिवाइसेज की बिक्री में दोगुनी बढोतरी देखने को मिली है। भारत ही नहीं ग्लोबल स्तर पर टेक्नोलॉजी कंपनियां वियरेबल डिवाइसेज बनाने पर जोर देने लगी हैं। कई स्टार्ट-अप कंपनियों ने भी इस दौरान वियरेबल डिवाइसेज लॉन्च किए और आज एक बड़े ब्रांड बन गए हैं।












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