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Death Anniversary: 562 रियासतों को एकजुट करने वाले सरदार पटेल कैसे बनें 'लौह पुरुष', जानिए 10 बड़ी बातें

सरदार पटेल 1917 में महात्मा गांधी से मिले और उसके बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए। सरदार पटेल ही 'गुजरात सत्याग्रह' के पीछे की प्रेरणा थे। उन्हें भारत गणराज्य के संस्थापक भी कहा जाता है।

Sardar Vallabhbhai Patel death Anniversary

Sardar Patel Death Anniversary: सरदार वल्लभ भाई पटेल की आज 15 दिसंबर को पुण्यतिथि है। 15 दिसंबर 1950 को भारत के लौह पुरुष और देश के पहले उपप्रधान मंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने मुंबई (बॉम्बे) में अंतिम सांस ली थी। सरदार वल्लभ भाई का पूरा नाम वल्लभभाई झावेरभाई पटेल था। सरदार पटेल को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई और देश के 562 रियासतों को नए स्वतंत्र भारत में शामिल होने के लिए राजी किया। इस भूमिका और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए ही सरदार पटेल को 'भारत के लौह पुरुष' की उपाधि से नवाजा गया था। उन्हें भारत गणराज्य के संस्थापक भी कहा जाता है।

सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर आइए जानें हम उनके बारे में 10 बड़ी बातें?

1. सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात में हुआ था। उन्होंने लंदन में मिडिल टेम्पल इन से कानून का अध्ययन किया और भारत में वकालत की प्रैक्टिस की। वो देखते ही देखते एक देश के सफल वकील बन गए।

2. सरदार पटेल की शादी झवेरबा से हुआ था और उनके दो बच्चे थे बेटी मणिबेन और बेटा दह्याभाई। जब उनकी शादी हुई तो वह सिर्फ 16 साल के थे। उनकी पत्नी की कैंसर से मृत्यु हो गई जब उनके बच्चे सिर्फ 5 और 3 साल के थे ।

3. सरदार पटेल 1917 में महात्मा गांधी से मिले और उसके बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रव्यापी भारतीयों को ब्रिटेन से स्वराज (स्व-शासन) की मांग वाली याचिका पर सहमत होने और हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित किया।

4. सरदार पटेल ने गुजरात के खेड़ा में प्लेग और अकाल के दौरान राहत कैंप का आयोजन किया था। उस दौरान उन्होंने एक वकील के तौर पर अपनी महत्वाकांक्षाओं को छोड़ दिया और खुद को पूरी तरह से स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित कर दिया। सरदार पटेल ही 'गुजरात सत्याग्रह' के पीछे की प्रेरणा थे।

5. सरदार पटेल को 1920 में गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाया गया। जिसके बाद के सालों में उन्होंने राज्य में शराब,जातिगत भेदभाव और महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ बड़े पैमाने पर काम किया।

6. सरदार पटेल ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन का समर्थन किया था। इसके बाद से ही वह सिर्फ और सिर्फ खादी के कपड़े पहनते थे।

7. सरदार पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में 1934 और 1937 में चुनावों के लिए पार्टी का आयोजन किया, यहां तक कि उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन को बढ़ावा दिया।

8. भारत को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद देश में मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में बढ़ते मुस्लिम अलगाववादी आंदोलन के समाधान के तौर पर देश का विभाजन स्वीकार करने वाले सरदार पटेल पहले कांग्रेसी नेता था। सरदार पटेल ने विभाजन परिषद में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

9. सरदार पटेल को भारत के राजनीतिक एकीकरण का जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसके तहत उन्होंने देश में 562 रियासतों को एकजुट किया। जिसके बाद उन्हें 'भारत के लौह पुरुष' की उपाधि मिली।

10. सरदार पटेल की 15 दिसंबर 1950 को बंबई के बिड़ला हाउस में दिल का दौरा पड़ने मौत हो गई। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

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