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Child Labour: अमेरिका और यूरोप के विकसित देशों में भी होती है बाल मजदूरी, पढ़ें यह रिपोर्ट

क्या बाल श्रम को लेकर एक बड़ी सच्चाई को छुपाने की कोशिश की जाती है? दरअसल, दुनियाभर में दक्षिण एशिया और अफ्रीका के देशों में ही बाल श्रम को लेकर खबरें सुर्खियों में रहती है

report on Child labor in developed countries of America and Europe

Child Labour: अमेरिका के केंटकी शहर में मैकडॉनल्ड्स की फ्रेंचाइजी पर वहां के श्रम विभाग द्वारा कुल $212,000 का जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि शहर के लुइसविले इलाके के बाउर फूड एलएलसी द्वारा 10 मैकडॉनल्ड्स फ्रेंचाइजी का संचालन किया जाता है। इन रेस्तरां में अवैध रूप से 300 बच्चों को काम पर रखा गया, जिसमें 10 साल के दो बच्चे भी शामिल हैं।

वहीं श्रम विभाग ने कहा कि जांचकर्ताओं ने पाया कि 16 साल से कम उम्र के 24 नाबालिगों को कानूनी रूप से अनुमति से अधिक घंटे काम करने के लिए नियुक्त किया गया था। इनमें 10 साल के दो बच्चे भी थे। एजेंसी के मुताबिक बच्चे कभी-कभी देर रात दो बजे तक काम करते थे, लेकिन उन्हें भुगतान तक नहीं किया जाता था।

यहां गौर करने वाली बात यह है कि विकसित देशों या दुनिया की बड़ी-बड़ी एजेंसियों द्वारा हमेशा बाल श्रम को लेकर भारत सहित दक्षिण एशिया और अफ्रीकी देशों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर घेरा जाता है? लेकिन, सच्चाई यह है कि विकसित देशों में भी बाल श्रम खूब होता है। चलिए कुछ खबरों और आंकड़ों के जरिए इस तथ्य को समझने की कोशिश करते हैं।

अमेरिका में 5 प्रतिशत बच्चे बाल मजदूर

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक ही अफ्रीका और एशिया व प्रशांत क्षेत्र दुनिया भर में बाल श्रम में प्रत्येक दस बच्चों में से लगभग नौ बच्चों का योगदान करते हैं। जबकि शेष बाल श्रम आबादी अमेरिका में 11 मिलियन, यूरोप और मध्य एशिया में 6 मिलियन और अरब राष्ट्रों में 1 मिलियन हैं। अगर प्रतिशत के हिसाब से देखें तो अमेरिका में 5 प्रतिशत बच्चे बाल मजदूरी करते हैं। वहीं यूरोप और मध्य एशिया में 4 प्रतिशत और अरब राज्यों में 3 प्रतिशत हैं। वहीं अफ्रीका में सर्वाधिक 21.6 प्रतिशत बाल श्रमिक हैं तो सब-सहारा अफ्रीका में 23.9 प्रतिशत हैं।

विकसित देशों में ऐसे जबरन होती बाल मजदूरी

टीआरटीवर्ल्ड डॉटकॉम की एक खबर के अनुसार मानवाधिकार कार्यकर्ता, पत्रकार, राजनीतिक सलाहकार और सामाजिक उद्यमी फर्नांडो मोरालेस-डी ला क्रूज कहते हैं कि बच्चों के अधिकार दिये जाने के बावजूद दुनियाभर में 300 मिलियन से अधिक बच्चे कामकाजी हैं। उन्होंने कहा कि विकसित देशों और यूरोपीय संघ, अमेरिका, कनाडा, जापान, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में बाल श्रम की आपूर्ति में सिलसिलेवार ढंग से वृद्धि हुई है। विशेष रूप से देशों के क्रूर और अवैध व्यापार मॉडल के कारण ऐसा हो रहा है और पता भी नहीं चलता है।

वहीं न्यूयार्क टाइम्स की एक खबर के मुताबिक साल 2022 में अमेरिका में सीमावर्ती इलाकों में बिना किसी गार्जियन के 130,000 नाबालिग बच्चे रह रहे हैं। यह संख्या बीते पांच सालों में पहले की तुलना में तीन गुना ज्यादा बढ़ी है। संभावना है कि इन बच्चों का कोई रिकॉर्ड न होने के कारण इनसे बाल मजदूरी लेना आसान हो जायेगा। फिलहाल इन बच्चों को कॉफी, चाय, कोको, गाड़ी रिपेयरिंग, ज्वैलरी बनाने जैसी जगहों पर काम लिया जाता है। जबकि वैश्विक आंकड़ों में इनकी कोई चर्चा नहीं होती हैं।

वहीं बात यूनाइटेड किंगडम की करें तो साल 2021 में, 5,486 बच्चों की पहचान आधुनिक दासता जैसे तस्करी, आपराधिक कार्य और जबरन श्रम के शिकार के रूप में की गई थी।

जानें, इन यूरोपियन देशों का हाल

संयुक्त राष्ट्र के शोध के अनुसार, जॉर्जिया में 7-14 वर्ष की आयु के 29 प्रतिशत बच्चे काम कर रहे हैं। वहीं अल्बानिया में यह आंकड़ा 19 प्रतिशत है। रूसी संघ की सरकार ने अनुमान लगाया था कि उनके देश में लगभग एक मिलियन बच्चे काम कर रहे होंगे। जबकि इटली में, जून 2013 के एक अध्ययन से संकेत मिलता है कि 16 वर्ष से कम उम्र के 5.2 प्रतिशत बच्चे काम कर रहे हैं।

वहीं इस शोध के अनुसार पूरे यूरोप में नाबालिग बच्चे कृषि, निर्माण के क्षेत्र, छोटे कारखानों या सड़क पर बेहद खतरनाक व्यवसाय का काम करते हैं। ये हाल अल्बानिया, बुल्गारिया, जॉर्जिया, मोल्दोवा, मोंटेनेग्रो, रोमानिया, सर्बिया, तुर्की और यूक्रेन में देखा गया है। बुल्गारिया में ज्यादातर बाल मजदूरी तंबाकू उद्योग में ली जाती है। वहीं साइप्रस, ग्रीस, इटली और पुर्तगाल में भी नाबालिग बच्चों से कई तरह के काम लिये जाते हैं।

क्या कहती हैं वैश्विक संस्थाएं?

साल 2021 में आई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में अनुमानित 16 करोड़ बच्चे अभी भी बाल श्रम में लगे हुए हैं। इसमें बाल मजदूरी में 5 से 11 साल उम्र के बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी के बारे में बताया गया है। हालांकि, 2000 से 2016 के बीच बाल श्रम में बच्चों की संख्या 9.4 करोड़ कम हुई थी।

जबकि यूनिसेफ की जून 2021 में आई एक एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर के कृषि क्षेत्र में बाल श्रम में 70 प्रतिशत बच्चे (112 मिलियन) हैं। इसके बाद सेवाओं में 20 प्रतिशत (31.4 मिलियन) और उद्योग में 10 प्रतिशत (16.5 मिलियन) हैं। बाल श्रम में 5 से 11 वर्ष की आयु के लगभग 28 प्रतिशत और 12 से 14 वर्ष की आयु के 35 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर हैं। हर उम्र में लड़कियों की तुलना में लड़कों में बाल श्रम अधिक है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बाल श्रम का प्रसार (14 प्रतिशत) शहरी क्षेत्रों (5 प्रतिशत) की तुलना में तीन गुना अधिक है।

बाल श्रमिकों से कहां लिया जाता है काम?

रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में बाल श्रमिकों से बंधुआ मजदूरी, बाल सैनिक (चाइल्‍ड सोल्जर) और देह व्‍यापार का काम लिया जाता है। इसके अलावा बच्‍चों का और भी कई तरह के शोषण का शिकार होने का खतरा बना रहता है जिसमें यौन उत्‍पीड़न तथा ऑनलाइन एवं अन्य चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी शामिल है।

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