RBI vs Govt: जानिए रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल से जुड़ी ये खास बातें
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक और सरकार के बीच पनपा विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है ऐसे में अब खबर आ रही है रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं। ईटी नाउ के मुताबिक अगर सरकार रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 लागू करती है तो उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं। आपको बता दें कि सरकार लगातार आरोप लगा रही है कि इकोनॉमिस्ट के तौर पर रिजर्व बैंक का गवर्नर भारत के लिए ठीक से काम नहीं कर सकता है।

साल 2016 में उर्जित पटेल बने थे गर्वनर
आपको बता दें कि सितंबर 2016 में उर्जित पटेल ने आरबीआई के गर्वनर का पद संभाला था, उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी, रघुराम राजन तीन साल तक इस पद पर रहे थे। गवर्नर बनने से पहले उर्जित पटेल मॉनेटरी पॉलिसी डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें यूपीए सरकार ने यह जिम्मेदारी दी थी।

जन्म, शिक्षा और करियर
उर्जित पटेल का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को हुआ। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीए किया है इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एम. फिल और येल यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की थी।
उर्जित पटेल के काम
उर्जित पटेल ने वर्ष 1998 से 2001 तक भारत सरकार के ऊर्जा, आर्थिक मामलों से जुड़े विभागों में बतौर सलाहकार अपनी सेवाएं दी थी। इंटरनेशनल मोनेट्री फंड यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में वह भारत, अमरीका, म्यांमार और बहामास आदि डेस्क पर 1990 से 1995 तक काम कर चुके हैं।

आर्थिक मामलों के विभाग में सलाहकार
गवर्नर बनने से पहले उर्जित पटेल अमरीकन थिंक टैंक माने जाने वाले बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के सलाहकार थे। उर्जित पटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने भारत की मुद्रास्फीति दर तय करने वाले पैनल में प्रमुख सलाहकार की भी भूमिका निभाई है। 1998 से 2001 के बीच वह वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में सलाहकार के तौर पर भी रहे थे।












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