RPSC: राजस्थान लोक सेवा आयोग की साख पर बार-बार क्यों लग रहा है सवालिया निशान
RPSC: राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से जारी एसआई भर्ती 2021 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति अनुशंसा की सूची ने एक बार फिर आयोग की साख पर सवाल खड़ा कर दिया है। चयनित 795 अभ्यर्थियों में आयोग के पूर्व सदस्य रामूराम राइका के बेटा-बेटी भी शामिल हैं। साथ ही सूची में एक ही तहसील से 100 से अधिक अभ्यर्थी मेरिट में शामिल है। हालांकि यह पहला मामला नहीं है, पूर्व में भी आरपीएससी के अध्यक्ष व सदस्यों पर भाई-भतीजावाद के आरोप लगते आए है।
एक ही तहसील से 100 अभ्यार्थी चयनित
ऐसी चर्चा है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा में अकेले जालौर जिले के सांचौर तहसील के करीब 100 लोगों का चयन हुआ है। पुलिस मुख्यालय ने नियुक्ति संबंधी आदेश भी जारी कर दिए। गौरतलब है कि कुछ समय पहले राजस्थान पुलिस में उपनिरीक्षकों की भर्ती आरपीएससी के माध्यम से की गई थी। कुल पद 850 थे और करीब साढ़े आठ लाख युवाओं ने परीक्षा दी थी।

लिखित परीक्षा के दौरान सदस्य थे राइका
रामूराम राइका आयोग में 4 जुलाई 2018 को सदस्य बन कर आए थे। उनका कार्यकाल 3 जुलाई 2022 को पूरा हो गया। आयोग में एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के इंटरव्यू 23 जनवरी से 30 मई तक आयोजित हुए। आयोग द्वारा जब इस भर्ती की लिखित परीक्षा कराई गई थी तब रामूराम राइका आयोग में मेंबर थे। हालांकि राइका का कहना है कि उन्होंने इस बाबत आरपीएससी अध्यक्ष को लिखित में अवगत करा दिया था। इसमें टॉप 10 में से 5वें नंबर पर रामूराम की पुत्री शोभा और 37वें नंबर पर पुत्र देवेश के नाम हैं।
पूर्व में अध्यक्ष और सदस्यों पर भी लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
इससे पहले आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड सेकंड प्रतियोगी परीक्षा पेपर तीक प्रकरण में एसओजी की गिरफ्त में आया। वह अभी जेल में है। आरएएस-18 इंटरव्यू में पास कराने के बदले घूस के आरोप पूर्व सदस्य राजकुमारी गुर्जर के पति भैरोसिंह पर लगे। आयोग के पूर्व अध्यक्ष हबीब खान गौरान पर 2013 का पेपर लीक कराने का आरोप लगा। आयोग के पूर्व अध्यक्ष शिवसिंह राठौड़ पर आरएएस की उत्तर पुस्तिका को गलत तरीके से जांच कराने के आरोप लगे थे। इसी प्रकार ईओ भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर ₹18.50 लाख की घूस में पकड़े गए पूर्व मंत्री गोपाल केसावत के मामले में उसके दलाल अनिल ने परिवादी से रिश्वत लेने के लिए आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा के साथ संगीता आर्य का भी नाम लिया था। एसीबी की एफआईआर में लिखा है कि परिवादी से इन दोनों के अलावा एक अन्य व्यक्ति सुरजीत मल के नाम से भी रुपए मांगे थे।
पहले 100 में से 80 अभ्यार्थी बीसी कैटेगरी के जनरल व ईडब्ल्यूएस के 16
आरपीएससी की ओर से एसआई भर्ती 2021 के इंटरव्यू के बाद नियुक्ति के लिए भेजी गई लिस्ट में पहले 100 अभ्यर्थियों में से 80 अभ्यर्थी बीसी कैटेगरी के है। जनरल कैटेगरी के 16 और शेष एमबीसी तथा एसटी कैटेगरी के है। पुलिस मुख्यालय को भेजी गई सूची में स्थानों के नाम नहीं हैं, लेकिन अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, कैटेगरी और मेरिट जारी की गई है। आरपीएससी ने परीक्षा के इंटरव्यू का परिणाम एक जून को जारी किया था। कुल 859 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा हुई। पुलिस महानिदेशक को कुल 795 अभ्यर्थियों की मेरिट जारी की गयी है। वहीं पुलिस महानिदेशालय की ओर से कोर्ट में कैवियट दाखिल की गयी है कि एसआई भर्ती-2021 के बारे में कोई भी मामला आने पर हमारा भी पक्ष सुना जाए।
अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर लगाया सवालिया निशान
सूत्रों की मानें तो बेरोजगारों में चर्चाएं जोरों पर है। उनका कहना है कि पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती में सभी की तो नहीं, केवल जालौर जिले वालों (जो सफल अभ्यर्थी है) का किसी दूसरी एजेंसी से टेस्ट करवा लिया जाए, तो असलियत सामने आ जाएगी। अन्यथा एक ही जगह से इतने अभ्यर्थियों का चयन सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। उनका कहना है कि इस मेरिट लिस्ट में अभ्यर्थियों के रोल नंबर भी जारी नहीं किए गए है।












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