अब जूट के इस्तेमाल से बनेगी प्लास्टिक की चादरें

अब जूट का इस्तेमाल कर चादर को बनाया जाएगा, जो प्लास्टिक से कहीं ज्यादा सस्ता, मजबूत और टिकाऊ होगा। इसे एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल से लेकर घरेलू उपयोग तक में लाया जा सकेगा।
इसको आगरा कॉलेज के इंजीनियरिंग संकाय के शिक्षकों ने तैयार किया है। जो पिछले एक वर्ष से प्लास्टिक की चादर तैयार करने के लिए प्राकृतिक स्रोत की तलाश कर रहे थे। काफी मेहनत के बाद शिक्षकों ने जूट से प्लास्टिक की चादर तैयार करने में सफलता हासिल की है। कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के प्रमुख धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि उनके साथ इस शोध में इंजीनियर दीपक पाठक, ए. के. सिंह व अभिषेक दीक्षित ने बेहद मेहनत की जिसके परिणाम सकारात्मक आए।
इस शोध में काम करने वाले इंजीनियर दीपक पाठक बताते हैं कि प्लास्टिक की चादर को तैयार करने में पॉलीमर और बेस्ट कम्पोजिट का प्रयोग किया जाता है। इस समय जो कम्पोजिट (दो या दो से अधिक चीजों का मिश्रण) प्रयोग हो रहा है उसमें लोहा और कंक्रीट मिलाई जाती है।
उन्होंने बताया कि नेचुरल प्लास्टिक चादर तैयार करने के लिए जूट में एपौक्सी रैजिन तथा हाडनर (एक तरह के केमिकल) निश्चित अनुपात में मिलाकर सांचे में डाल दिया जाता है। फिर 24 घंटे के लिए वजन रखकर छोड़ दिया जाता है। वजन हटाने पर जूट से बनी प्लास्टिक शीट तैयार हो जाती है।
पाठक बताते हैं कि इस शोध को 'अमेरिकन सोसायटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग' के जर्नल में भी स्थान मिला है। अब इसे टेस्टिंग के लिए सीआईपीईटी (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) व आईआईटी दिल्ली भेजा जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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