मिलिये ऐसे गांव से जहां मासूम बच्चों का खिलौना हैं जहरीले सांप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के करीब एक गांव में सांपों को पाले जाने का काम किया जाता है। यहां मासूम बच्चों के खेलने के खिलौने जहरीले सांप हैं। बंथरा के शवसिरन गांव में हर घर में जहरीले सांप पाले जाते हैं। सांपों को पालना यहां के लोगों को पुश्तैनी काम है। यहां के लोग शहर में कहीं भी सांप निकलता है तो उसे पकड़ने जाते हैं।
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बंथरा के इस गांव को लोग उन लोगों का भी इलाज करते है जिन्हें सांप काट लेते हैं। यहां के लोगों की खास की बात है कि यहां के लोग सांपों का जहर नहीं निकालते हैं बल्कि उन्हें जड़ी-बूटियां देकर काबू में रखते हैं।

हर घर में रहते हैं सांप
बंथरा के शवसिरन गांव के हर घर में हैं सांप।

छोटे बच्चे नहीं डरते हैं सांपों से
यहां के बच्चों को सांपों से नहीं लगता है डर, उन्हें इसकी आदत पड़ गयी है।

सांपों को हाथ में लेकर खेलते हैं बच्चे
बच्चें सांपों को बेखौफ हाथ से उठाते हैं और उनके साथ खेलते हैं।

2साल के मासूम का खिलौना हैं जहरीले सांप
2साल के मासूम का खिलौना हैं जहरीले सांप।

सांपों का जहर नहीं निकाला जाता है
मासूम बच्चे भी सांपों को मानते हैं अपना दोस्त।

बेहद जहरीले होते हैं ये सांप
यहां के सांप बेहद ही जहरीले होते हैं, इनका जहर नहीं निकाला जाता है।

जड़ी बूटियों से कराया जाता है इलाज
सांपों के काटने का भी इलाज करते हैं इस गांव के लोग।

शहरों में जाते हैं सांपों को पकड़ने
शहरों में निकलने वाले सांपों को भी पकड़ने जाते हैं इस गांव के लोग।

हर नस्ल के सांप हैं इस गांव में
तकरीबन हर नस्ल के सांप इस गांव में पाये जाते हैं।

ये है संपेरों का गांव
हर घर में सापों के जमावड़े के चलते इस गांव को संपेरों का गांव भी कहा जाता है।












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