BJP MPs: बड़बोलेपन ने कटवा दिया टिकट? इनके बयानों से नाराज थे मोदी
BJP MPs: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने 13 मार्च (बुधवार) को उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इसमें 72 उम्मीदवारों के नाम हैं, जबकि 2 मार्च को बीजेपी की पहली लिस्ट में 195 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया था। इस तरह बीजेपी अब तक 267 सीटों पर नामों की घोषणा कर चुकी है।
बीजेपी की पहली लिस्ट में 33 सांसदों के टिकट कटे थे और 110 सांसदों को दोबारा मौका दिया गया है। जबकि दूसरी लिस्ट में 30 सांसदों के टिकट काटे गए हैं 30 सांसदों को दोबारा टिकट मिला है। इस हिसाब से बीजेपी 63 सांसदों के टिकट काट चुकी है और 140 सांसदों को रिपीट किया गया।

बीजेपी ने अपनी पहली और दूसरी सूची में जिन प्रमुख सांसदों का टिकट काटे हैं। उनमें सबसे ज्यादा चर्चा प्रज्ञा सिंह ठाकुर, रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा और प्रताप सिम्हा मुख्य रूप से शामिल हैं। बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव में ऐसे किसी भी नेता को टिकट देने से बच रही है, जो अपने बयानों और हरकतों को लेकर हमेशा विवादों में रहते हैं। बीजेपी इस चुनाव में किसी तरह का कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है और ना ही विपक्ष को कोई मुद्दा देना चाहती है। जानते हैं उन सांसदों के बारे में जिनका बीजेपी ने विवादित मामलों में सुर्खियों में रहने के कारण टिकट काट लिया है।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर
बीजेपी की फायरब्रांड नेता व भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का पार्टी ने टिकट काट दिया है। उनकी जगह पार्टी ने आलोक शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। जब साल 2019 में भोपाल लोकसभा सीट से 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी रहीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया था तब भी विपक्ष ने खूब हंगामा किया था। उसके बाद जब वो सांसद बनीं उसके बाद भी पिछले 5 सालों में उन्हें कई विवादों में फंसते देखा गया। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपने स्वास्थ्य कारणों की वजह से जमानत पर बाहर हैं लेकिन उनके कबड्डी खेलने और गरबा में भाग लेने पर भी विवाद हुआ था।
लेकिन, प्रज्ञा ठाकुर तब ज्यादा विवादों में फंसती नजर आईं जब उन्होंने नाथूराम गोडसे को लेकर विवादित बयान दे दिया था। उन्होंने अपने बयान में नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' कहा था। जिसे लेकर पार्टी और पीएम मोदी बहुत नाराज हो गए थे। बाद में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर कहा था कि गांधी जी या गोडसे के संबंध में जो भी बातें कही गई हैं, वे भयंकर खराब हैं। हर प्रकार से घृणा के लायक हैं। सभ्य समाज में इस तरह की भाषा नहीं चलती है। इस प्रकार की सोच नहीं चल सकती है। ऐसा करने वालों को 100 बार आगे सोचना पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने माफी मांग ली अलग बात है लेकिन मैं अपने मन से माफ नहीं कर पाऊंगा। मन से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा।
प्रवेश साहिब सिंह वर्मा
'दिल्ली का शेर' कहे जाने वाले साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का टिकट पार्टी ने काट लिया है। जिसका कारण उनका बड़बोलापन बताया जा रहा है। बीजेपी की पहली सूची में ही पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा का नाम गायब था। इस सीट से लगातार 2 बार चुनाव जीत चुके प्रवेश वर्मा की जगह बीजेपी ने कमलजीत सहरावत को टिकट दिया गया है।
माना जा रहा है कि प्रवेश वर्मा की टिप्पणियों और भाषणों को ध्यान में रखते हुए ही पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया है। प्रवेश वर्मा ने 2020 के दिल्ली चुनावों से पहले शाहीन बाग इलाके में विरोध के दौरान विवादास्पद टिप्पणी की थी। तब उन्होंने कहा था कि अगर दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी तो प्रदर्शनकारियों को एक घंटे में हटा दिया जाएगा।
इसके बाद 2022 में वे एक बार फिर सुर्खियों में आए जब उन्होंने अल्पसंख्यकों के बहिष्कार की बात कही थी। उन्होंने उस दौरान कहा था कि आप उन्हें जहां भी देखें, यदि आप उनका दिमाग ठीक करना चाहते हैं, यदि आप उन्हें सीधा करना चाहते हैं तो एकमात्र इलाज उनका पूर्ण बहिष्कार है। शायद इन्हीं विवादित बयानों की वजह से प्रवेश वर्मा का टिकट कट गया है।
रमेश बिधूड़ी
दक्षिणी दिल्ली से दो बार के सांसद रहे रमेश बिधूड़ी का भी टिकट पार्टी ने काट दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण उनके द्वारा सदन में दी गई विवादित टिप्पणी को माना जा रहा है। सितंबर, 2023 में लोकसभा में मानसून सत्र में एक चर्चा के दौरान रमेश बिधूड़ी ने अमरोहा के बसपा सांसद दानिश अली के लिए इस्लामोफोबिक जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके द्वारा की गई ये अपमानजनक टिप्पणियां कैमरे में कैद हो गईं। इसके बाद काफी विवाद बढ़ गया और पार्टी को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। साथ ही माफी भी मांगनी पड़ी। हालांकि दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने इसके लिए ऑन रिकॉर्ड माफी भी मांगी। लेकिन, अब उनका टिकट साफ हो गया है।
रमेश बिधूड़ी बीजेपी के लिए एक बहुत ही कद्दावर नेता हैं। वे बीजेपी की टिकट पर तीन बार विधायक रह चुके हैं। जबकि साल 2014 और साल 2019 के पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव भी जीत चुके हैं। 2019 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और कांग्रेस के उम्मीदवार और बॉक्सिंग चैंपियन विजेंदर सिंह को हराया था।
प्रताप सिम्हा
कर्नाटक के 28 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक मैसूर सीट के बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा का भी टिकट कट गया है। उनकी जगह पर पार्टी ने यदुवीर कृष्णदत्त वाडियार को उम्मीदवार बनाया है। यदुवीर कृष्णदत्त वाडियार पूर्ववर्ती मैसूर शाही परिवार से आते हैं। इनके टिकट कटने का सबसे बड़ा कारण नए संसद भवन में हुआ हादसा माना जा रहा है। दरअसल प्रताप सिम्हा वही सांसद हैं जिनकी अनुशंसा पर बने पास के जरिए दो युवा लोकसभा की दर्शक दीर्घा में कूद हंगामा किया था।
13 दिसंबर, 2023 को संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही के दौरान दो लोग अचानक ही लोकसभा चेंबर में दर्शक दीर्घा से कूद गये। वे इधर-उधर भागने लगे और स्मोक कैन से लोकसभा के अंदर पीला धुआं और कलर स्प्रे छोड़ने लगे। साथ ही नारेबाजी भी की थी। जिसे संसद की सुरक्षा में बड़ा खतरा माना गया था। ये लोग बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के विजिटर पास पर ही संसद में एंट्री ली थी। वैसे प्रताप सिम्हा मैसूर सीट से दो बार लोकसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं।
वैसे विवादित बयानों से भी इनका पुराना नाता रहा है। नवंबर, 2022 में प्रताप सिम्हा ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि शहर भर में मस्जिद जैसे बस शेल्टर बनाए जा रहे हैं। मैंने बस शेल्टरों में गुंबद जैसी संरचनाएं देखी हैं बीच में एक बड़ा गुंबद और उसके दोनों तरफ दो छोटे गुंबद हैं। यह एक मस्जिद के अलावा कुछ नहीं है। इंजीनियरों को इस प्रकार के शेल्टर को हटाना होगा अन्यथा, मैं जेसीबी लाऊंगा और उन्हें नीचे गिरा दूंगा। इसके अलावा उन्होंने कुत्तों पर भी विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बिना किसी दया के अवारा कुत्तों को खत्म कर देना चाहिए। कुत्ते प्रेमी अपने बच्चों को कुत्तों द्वारा काटे जाने के बाद ही आवारा कुत्तों के खतरे को समझेंगे।












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