Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

जानिए क्या है 'जापानी इन्सेफेलाइटिस', जिससे जूझ रहा है पूर्वी भारत

Encephalitis
नई दिल्ली। भारत में जापानी इन्सेफेलाइटिस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश में जापानी इन्सेफेलाइटिस के लक्षण दिखने को मिल रहे हैं। देश में अब तक इससे 700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

पश्चिम बंगाल में जहां इससे प्रभावित 208 लोगों की मौत हो गई हैं। वहीं, असम में 295, उत्तरप्रदेश में 123 और बिहार में भी 200 से ज्यादा बच्चे इसकी चपेट में आ गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में इसके बढ़ते असर को रोकने के कई सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जबकि, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि इस वायरस के खिलाफ 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। लेकिन साथ ही सरकार ने लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है।

लिहाजा, जानते हैं कि क्या है यह जापानी इन्सेफेलाइटिस और इससे कैसे अपना बचाव किया जा सकता है।

क्या है जापानी इन्सेफेलाइटिस ?

  • जापानी इन्सेफेलाइटिस एक प्रकार दिमागी बुखार है जो वाइरल संक्रमण की वजह से होता है।
  • यह एक खास किस्म के वायरस से द्वारा होता है, जो मच्छर या सूअर के द्वारा फैलते हैं। या यूं कह लें गंदगी से भी यह उत्पन्न हो सकता है।
  • एक बार यह हमारे शरीर के संपर्क आता है, फिर यह सीधा हमारे दिमाग की ओर चला जाता है।
  • दिमाग में जाते ही यह हमारे सोचने, समझने, देखने और सुनने की क्षमता को प्रभावित करता है।
  • यह वायरस सिर्फ छूने से नहीं फैलता।
  • ज्यादातर 1 से 14 साल के बच्चे एवं 65 वर्ष से ऊपर के लोग इसकी चपेट में आते हैं।
  • इसका प्रकोप साल के तीन महीने अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में अपने जोरों पर होता है।

क्या हैं जापानी इन्सेफेलाइटिस के लक्षण ?

  • इसके शुरुआती लक्षण कई प्रकार के होते हैं। जबकि इससे ग्रसित 50 से 60 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है।
  • बुखार, सिरदर्द, गरदन में अकड़, कमजोरी और उल्टी होना इसके शुरुआती लक्षण हैं।
  • जबकि समय के साथ सिरदर्द में बढ़ोतरी होने लगती है और हमेशा सुस्ती छाई रहती है।
  • भूख कम लगना, तेज बुखार, अतिसंवेदनशील होना
  • वहीं, कुछ समय के बाद भ्रम का शिकार होना
  • फिर पागलपन के दौरे आना, लकवा मारना और स्थिति कोमा तक पहुंच सकती है।
  • वहीं, बहुच छोटे बच्चों में ज्यादा देर तक रोना, भूख की कमी, बुखार और उल्टी होना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।

कैसे करें जापानी इन्सेफेलाइटिस से बचाव ?

  • समय से टीकाकरण कराएं
  • साफ-सफाई से रहें, गंदे पानी के संपर्क में आने से बचना होगा
  • मच्छरों से बचाव
  • घरों के आस पास पानी न जमा होने पाए
  • खासकर बारिश के मौसम में बच्चों को बेहतर खान-पान
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+