Kargil Vijay Diwas 2024 History: '60 दिनों में 527 भारतीय जवान शहीद',जानिए कारगिल दिवस से जुड़ी ये खास बातें
25 Years of Kargil Vijay Diwas : जिस वक्त हम अपने घरों के नरम बिस्तर पर चैन की नींद सो रहे थे उस वक्त कोई था जो हिमाचल की ऊंचाईयों पर अपनी जान की परवाह ना करते हुए हमारी ओर दुश्मनों को आने से रोक रहा था।
वो कोई हिंदू, मुस्लिम, जाट या मराठा नहीं था, बल्कि वो था भारत देश का मजबूत सिपाही, जिसकी जाति भारतीय थी और वो अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहा था। जी हां, हम बात कर रहे हैं कारगिल युद्ध दिवस की, जिसने आज 25 बरस पूरे कर लिए हैं।

आपको बता दें कि कारगिल युद्ध मई 1999 से जुलाई 1999 तक चला था, यह युद्ध लगभग 60 दिनों तक 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल पर हुआ था, इस जंग में 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे। कारगिल युद्ध मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक चला था।
'ऑपरेशन सफेद सागर' (Operation Safed Sagar)
इस युद्ध में भारतीय वायु सेना ने 'ऑपरेशन सफेद सागर' के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वायु सेना ने दुश्मन के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे और भारतीय सेना को सहायता प्रदान की थी।
वीर जवान हुए परमवीर चक्र से सम्मानित ( Param Vir Chakra Award)
- लेफ्टीनेंट मनोज कुमार पांडे (प्रथम बटालियन, 11वीं गोरखा राइफल्स, मरणोपरांत)
- ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव (18वीं बटालियन, द ग्रेनेडियर्स)
- राइफलमैन संजय कुमार (13वीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स)
- कैप्टन विक्रम बत्रा (13वीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स, मरणोपरांत)
कुछ खास बातें (Kargil Vijay Diwas 2024)
- कारगिल युद्ध में 2.50 लाख से ज्यादा गोले दागे गए थे।
- कारगिल युद्ध में लगभग 696 पाकिस्तानी सैनिकों की भी जान गई थी।
- पाकिस्तान से 5 हजार से अधिक सैनिकों का इस्तेमाल किया था।
- कारगिल युद्ध माइनस 10 डिग्री सेल्सियस में लड़ा गया था।
कारगिल युद्ध पर हरिओम पंवार ये कविता आप दिल छू लेगी
- मैं केशव का पाञ्चजन्य भी गहन मौन में खोया हूं
- उन बेटों की आज कहानी लिखते-लिखते रोया हूं
- जिस माथे की कुमकुम बिन्दी वापस लौट नहीं पाई
- चुटकी, झुमके, पायल ले गई कुर्बानी की अमराई
- कुछ बहनों की राखियां जल गई हैं बर्फीली घाटी में
- वेदी के गठबन्धन खोये हैं कारगिल की माटी में
- पर्वत पर कितने सिन्दूरी सपने दफन हुए होंगे
- बीस बसंतों के मधुमासी जीवन हवन हुए होंगे।












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