Julian Assange: फिर सुर्खियों में हैं विकिलीक्स के जूलियन असांजे, खुफिया राज खोलने पर चल रहा है मुकदमा
Julian Assange: दुनिया भर के देशों के कई राज खोलने वाले विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इन दिनों वे ब्रिटेन से अमेरिका अपने प्रत्यर्पण को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। अमरीका प्रत्यार्पण होने पर उन्हें बाकी का पूरा जीवन जेल में काटना पड़ सकता है।
दरअसल, विकिलीक्स ने 2010 और 2011 में गुप्त सैन्य फाइलों का एक बड़ा भंडार प्रकाशित करने के बाद एक राजनयिक तूफान पैदा कर दिया था। अमेरिका उसके लिए असांजे पर मुकदमा चलाना चाहता है, जिसके बारे में उसका कहना है कि इससे उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है।

2021 में यूके हाई कोर्ट ने असांजे के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। साथ ही पूर्व गृह सचिव प्रीति पटेल ने अप्रैल 2022 में असांजे के प्रत्यर्पण आदेश को मंजूरी दे दी थी। इसके चलते मंगलवार को असांजे के वकील ने गुप्त सैन्य और राजनयिक फाइलों को प्रकाशित करने के लिए मुकदमे का सामना करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पण के खिलाफ अंतिम अपील की है। इन चर्चाओं के बीच आज हम आपको जूलियन असांजे, इनकी वेबसाइट विकिलीक्स और उन मामलों के बारे में बताएंगे जिसके कारण अमेरिका इनका प्रत्यर्पण चाहता है।
कौन है जूलियन असांजे
तीन जुलाई, 1971 को जन्में जूलियन असांजे एक ऑस्ट्रेलियाई संपादक, प्रकाशक हैं जिन्होंने 2006 में विकिलीक्स की स्थापना की थी। साल 2007 में असांजे ने पहली गोपनीय जानकारी लीक की थी, जो क्यूबा की ग्वांतानामो बे जेल से जुड़ी हुई थी। इसके बाद वे 2010 में उस समय दुनियाभर की नजरों में आए, जब उन्होंने अमेरिकी सेना के कुछ खुफिया दस्तावेजों को लीक कर दिया था।
इसके बाद 2010 में ही स्वीडन सरकार ने असांजे के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था, तब उन पर दो लड़कियों के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। वहीं निजी जिंदगी की बात करें तो असांजे ने स्टेला नाम की महिला से 2022 में शादी की थी, जो उनसे 2011 में मिली थीं। स्टेला एक वकील हैं और असांजे की कानूनी टीम का हिस्सा रही हैं। इनके दो बच्चे हैं।
क्या है विकिलीक्स ?
विकिलीक्स एक ऐसी वेबसाइट है जो खुफिया जानकारियों को इंटरनेट पर उपलब्ध कराती है जो आम तौर पर लोगों को पता नहीं होती है। ये वेबसाइट अपनी लॉन्चिंग के समय 2006 से ही सुर्खियों में आ गई थी। साथ ही वेबसाइट का दावा है कि उसके पास दस लाख से भी ज्यादा गुप्त दस्तावेज हैं।
वहीं, इस वेबसाइट में कोई भी व्यक्ति सूचना उपलब्ध करवा सकता है। सूचना मिलने के बाद विकिलीक्स की एक टीम अपने स्तर पर जांच पड़ताल के बाद उसे प्रकाशित करती है। साल 2008 में स्विस बैंक जूलियस बेयर ने वेबसाइट के खिलाफ मुकदमा जीत लिया था और अदालत ने वेबसाइट को बंद करने का फ़रमान जारी किया था। बावजूद इसके वेबसाइट विभिन्न नामों और विभिन्न लोगों के माध्यम से अपना काम करती रही।
विकिलीक्स के खुलासे
ग्वांतानामो बे मामला
विकिलीक्स ने सबसे पहले क्यूबा की ग्वांतानामो बे जेल से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक किए थे। वेबसाइट ने इस जेल से जुड़े 238 पेजों के दस्तावेजों को शेयर किया था। इन दस्तावेजों में बताया गया था कि कैसे बिना सबूतों के भी वहां लोगों को रखा जा रहा है और खुंखार अपराधियों को छोड़ा जा रहा था।
राजीव गांधी पर भी किया था खुलासा
आठ अप्रैल, 2013 को द हिंदू में प्रकाशित लेख के मुताबिक, विकिलीक्स ने दावा किया कि 1974 से लेकर 1976 के बीच राजीव गांधी स्वीडिश कंपनी साब स्कैनिया से जुड़े हुए थे। ये कंपनी भारत को युद्धक विमान बेचने की कोशिश कर रही थी। पर भारत से स्वीडिश कंपनी की यह डील फाइनल नहीं हो पाई थी और भारत ने ब्रिटिश फाइटर प्लेन जगुआर को खरीदने का फैसला किया था। खुलासे के मुताबिक, इस सौदे के दौरान स्वीडिश राजदूत द्वारा अपने देश को लिखे गए गोपनीय केबल में कई बार राजीव गांधी और उनके परिवार की अहमियत के बारे में चर्चा की गई थी।
जॉर्ज फर्नांडिस पर भी किया था खुलासा
इमरजेंसी के दिनों में इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ बगावत में जुटे जॉर्ज फर्नांडिस डाइनामाइट धमाकों के लिए सीआईए तक की मदद लेने को तैयार थे। ये खुलासा भी विकीलीक्स ने किया था। दावा किया गया कि इसके लिए जॉर्ज ने फ्रांसिसी दूतावास के एक राजनयिक से बातचीत भी की थी।
मायावती पर भी कर चुका है खुलासा
अपने खुलासों से दुनियाभर में कोहराम मचाने वाली वेबसाइट विकिलीक्स ने मायावती के भी कई राज खोले थे। 2011 में विकिलीक्स ने मायावती को तानाशाह, भ्रष्ट बताया था। खुलासे में कहा गया कि उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम ने अपनी पसंद की सैंडल मंगवाने के लिए अपने निजी प्लेन को मुंबई भेजा था। साथ ही उनमें असुरक्षा की भावना इतनी है उनके भोजन करने से पहले उसे एक कर्मचारी चखता था।
साथ ही ये भी रिपोर्ट में उजागर किया गया था कि घर से ऑफिस निकलने से पहले वे सड़क को धुलवाती हैं। इसके बाद विकिलीक्स के खुलासे पर यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि विकिलीक्स का मालिक पागल हो गया है। उसे पागलखाने भेज देना चाहिए।
वहीं विकिलीक्स बगदाद हवाई हमले का फुटेज, 9/11 हमले से जुड़े मैसेज, इराक और अफगानिस्तान वॉर दस्तावेज, स्टेट डिपार्टमेंट केबल्स, 2016 के अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के ईमेल लीक को अपनी वेबसाइट में प्रकाशित कर तहलका मचा चुकी है।
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