भारत की पहली तीन महिला कॉम्बेट पायलट, जिन्होंने रचा इतिहास
भारत की पहली तीन महिला कॉम्बेट पायलट, जिन्होंने रचा इतिहास
नई दिल्ली। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जिसमें भारत की लड़कियों ने कामयाबी के झंडे ना गाड़े हों, रक्षा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। इस स्वतंत्रता दिवस पर हम आपको तीन ऐसी लड़कियों से मिलवा रहे हैं, जिन्हों साबित कर दिया कि 'सितारों से आगे जहां और भी हैं'। ये तीन नाम हैं भारत की पहली महिला कॉम्बेट एयरक्राफ्ट पायलट्स भावना कंठ, मोहाना सिंह और अवनी चतुर्वेदी।

इन तीनों ने अपनी मेहनत के दम पर एक मुकाम बनाकर दिखाया है। ये 'त्रिमूर्ति' जून 2016 में इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुईं। ट्रेनिंग के दौरान इन्होंने ब्रिटिश हॉक एडवांस जेट उड़ाए, आज ये तीनों सुपरसोनिक सुखोई-30 जेट उड़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ये तीनों तब इस क्षेत्र मे आईं जब अक्टूबर 2015 में सरकार ने लैंगिक आधार पर भेदभाव करने वाली पॉलिसी खत्म की।
ये तीनों 40 फ्लाइंटग ऑफिसर्स के बैच का हिस्सा बनीं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा में एयरफोर्स स्टेशन पर ट्रेनिंग ली। इन तीनों का इंडियन एयरफोर्स में आना एक बड़ा कदम रहा। भावना बिहार की रहने वाली हैं. वो एक इंजीनियर पिता और गृहणी की बेटी हैं। वहीं अवनी भी इंजीनियर पिता की बेटी हैं। मोहाना को आर्मी का माहौल विरासत में मिला है। मोहाना के पिता इंडियन एयरफोर्स में रहे हैं।












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