Ilhan Omar: भारत विरोधी अमरीकी सांसद, जानिए इल्हान उमर के बारे में

Ilhan Omar: अमेरिकी सांसद इल्हान उमर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। दरअसल, इल्हान ने साल 2022 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का दौरा किया था। अब उसी दौरे से जुड़ा एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अमेरिका की सालाना रिपोर्ट से पता चला है कि इल्हान उमर द्वारा 18 से 24 अप्रैल 2022 को किये गये दौरे का पूरा खर्चा (रहना, खाना और यात्रा करना) पाकिस्तान ने उठाया था। हालांकि, जब इल्हान ने अप्रैल 2022 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का दौरा किया था। तब भारत सरकार की सख्त आपत्ति और निंदा के बाद बाइडन प्रशासन ने सफाई दी थी कि इल्हान का यह दौरा सरकारी नहीं था। जिसका खुलासा अब इस सलाना रिपोर्ट से हो गया है।

कौन हैं इल्हान अब्दुल्लाही उमर?

इल्हान अब्दुल्लाही उमर अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य हैं। वह 2019 से मिनेसोटा के 5वें कांग्रेस जिले के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह उमर सोमालिया से अमेरिका एक शरणार्थी के तौर पर आयी थीं।

Ilhan Omar: Anti-India American MP, know about Ilhan Omar

उमर का जन्म 4 अक्टूबर 1981 में सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में हुआ था। वह सात भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। जब वह दो साल की थीं, तब उनकी मां की मौत हो गयी। उनके पिता और दादा ने उन्हें पाला है। वह फिलिस्तीनी मूल के थे। उनका परिवार सोमाली गृहयुद्ध के दौरान देश छोड़कर भाग गया था। 1995 में अमेरिका आने से पहले उन्होंने केन्याई शरणार्थी शिविर में चार साल बिताये। उसके बाद एक शरणार्थी बनकर अमेरिका पहुंचे।

इल्हान उमर ने साल 2006 से 2009 तक ग्रेटर मिनियापोलिस-सेंट पॉल क्षेत्र में मिनिसोटा विश्वविद्यालय में एक न्यूट्रिशन एजुकेटर के तौर पर अपना करियर शुरू किया। इसके बाद राजनीति में आने के लिए म्यूनिसिपल मुद्दों से जुड़े अभियानों में शामिल रही। कई राजनेताओं के नीति निर्माण करने में सहयोगी के रूप में काम करना शुरू किया।

उन्होंने 2016 में पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और चुनाव जीतकर मिनिसोटा की प्रतिनिधि सभा पहुंचीं। साल 2019 में मिनिसोटा से चुनाव जीतकर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव पहुंची यानि सांसद बनीं। वह अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं।

कब-कब इल्हान उमर ने किया भारत का विरोध

18 से 24 अप्रैल 2022 में इल्हान उमर ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का दौरा किया था। क्योंकि पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिए कई प्रयास किये हैं। जबकि भारत ने बार-बार कहा है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। अन्य देशों को उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसके बाद भी इल्हान उमर ने कश्मीर का दौरा किया।

जून 2023 में जब पीएम मोदी अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने गये थे। तब इल्हान उमर ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में धार्मिक अल्पसंख्यकों को दबाया जाता है। हिंसक हिंदू राष्ट्रवादी समूहों का हौसला बढ़ाया जाता है। यहां पत्रकारों को निशाना बनाया जाता है। मैं मोदी के भाषण में शामिल नहीं होऊंगी।

भारत के खिलाफ अमेरिकी संसद में लाईं थीं प्रस्ताव

अप्रैल 2022 में इल्हान उमर ने अमेरिकी संसद में कहा था कि भारत सरकार मुसलमानों के खिलाफ और कब तक जुल्म करेगी? क्या बाइडन प्रशासन इस मामले पर कुछ कहेगा? इन दौरान उन्होंने अमेरिका के भारत समेत कई देशों के साथ रिश्तों को 'ऐतिहासिक अन्याय' की संज्ञा दी थी।

22 जून 2022 को अमेरिकी संसद में इल्हान उमर ने भारत के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया था। जिसमें अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने कहा था कि भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। विशेष रूप से मुसलमानों, ईसाइयों, सिखों, दलितों, आदिवासियों और 'अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों' को भारत में निशाना बनाया जा रहा है। वहां पर मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। इस प्रस्ताव का मूल उद्देश्य था कि वह अमेरिकी संसद से ये प्रस्ताव पास कराये कि भारत को एक ऐसा देश घोषित किया जाये, जहां पर धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का कथित उल्लंघन होता है।

क्या है इल्हान उमर का पाकिस्तानी कनेक्शन?

सामान्य तौर पर देखें तो इल्हान उमर का पाकिस्तान से धार्मिक स्तर के अलावा कोई सीधा रिश्ता नजर नहीं आता। लेकिन, कथित तौर पर उमर मुस्लिम ब्रदरहुड और कतर के शासकों की एक मोहरा है। इल्हान उमर के इस्लामिक रिलीफ एंड हेल्पिंग हैंड फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट (एचएचआरडी) जैसे कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों से भी संबंध हैं। जोकि आतंकवादी संगठन जमात-ए-इस्लामी, इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (आईसीएनए) का सहयोगी संगठन है। जबकि यह संगठन भारत में प्रतिबंधित है। एचएचआरडी के पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा जैसे इस्लामी आतंकवादी समूहों के साथ भी संबंध हैं। जबकि तैयबा जैसे संगठनों का पाकिस्तानी रिश्ता जगजाहिर है।

इल्हान उमर यहूदियों से चिढ़ती हैं?

हमेशा से विवादों में रहीं इल्हान उमर ने अपनी सफाई में साल 2019 में कहा कि मैं केवल इसलिए विवादास्पद हूं क्योंकि लोग विवाद चाहते है। आपको बता दें कि इल्हान उमर यहूदी विरोधी बातें करने के लिए हमेशा सुर्खियों में रही हैं।

साल 2012 की उनकी एक पोस्ट ने 2019 में सुर्खियां बटोरी थीं। जिसमें उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने दुनिया को सम्मोहित कर लिया है। 2019 में ही उन्होंने अमेरिकन इजराइल पब्लिक अफेयर्स कमेटी (एआईपीएसी) पर हमला करते हुए कहा था कि यह समूह इजराइल समर्थक नीतियों के लिए हमारे राजनेताओं को भुगतान कर रहा है। जिस पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ने उनकी टिप्पणियों की निंदा की थी। जबकि हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने उमर के 'पूर्वाग्रहपूर्ण आरोपों' पर माफी की मांग की थी। इसके बाद भी इल्हान उमर ने कहा कि उनके सहकर्मी उन्हें यहूदी-विरोध के दर्दनाक इतिहास के बारे में शिक्षित कर रहे है।

12 जुलाई 2019 को वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक खबर के मुताबिक किसी के मन में किसी के प्रति नफरत घर कर जाये तो उससे उबरना मुश्किल होता है। इल्हान उमर के साथ भी यही बात लागू है। इल्हान उमर उन मुस्लिमों में शामिल हैं, जो दुनिया में जो भी गलत हो रहा है, उसके लिए एकमात्र दोषी यहूदियों को मानती हैं।

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