Jawan Movie: शाहरुख खान की फिल्म ‘जवान’ पर्दे पर आने से पहले ही कैसे हो गई हिट?
Jawan Movie: बॉलीवुड किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'जवान' को लेकर खूब सुर्ख़ियों में हैं। दो दिन बाद 7 सितंबर को बड़े पर्दे पर उनकी नई फिल्म रिलीज होने वाली है। इस फिल्म को लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इसकी ओपनिंग अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी।
31 अगस्त को 'जवान' फिल्म के ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। मशहूर भारतीय फिल्म समीक्षक तरण आदर्श एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पर लिखते हैं कि अब तक जवान मूवी की तकरीबन 222,500 टिकटें एडवांस में बिक चुकी हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि 'जवान' पहले दिन 70-80 करोड़ रुपये कमा सकती है। जबकि वर्ल्ड वाइड पहले ही दिन 100 करोड़ के पार चली जाएगी। खैर शाहरुख खान की ये फिल्म इतिहास रच पाएगी या नहीं, ये तो समय ही बताएगा। लेकिन, उससे पहले आपको बताते हैं आखिर पर्दे पर आने से पहले ही कोई फिल्म हिट कैसे हो जाती है। यह खेल क्या है। हिट कराने का पैमाना कैसे तय हो जाता है? कहीं इसमें कोई झोल तो नहीं है?
बदल गए फिल्मों के प्रमोशन के तरीके
फिल्मों के प्रमोशन के लिए मेकर्स नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। रिलीज के पहले ही उसके पोस्टर्स, टीजर, ट्रेलर, गाने रिलीज होने शुरू हो जाते हैं। जिनका सोशल मीडिया पर जमकर इस्तेमाल किया जाता है। वहीं फिल्म के सेट से जुड़े कुछ मजेदार फोटोज, वीडियोज और किस्से भी सोशल मीडिया पर वायरल किए जाते हैं।
कंट्रोवर्सी को हवा देकर हिट कराई जाती हैं फिल्में?
साथ ही साथ मूवी से जुड़ी कोई कंट्रोवर्सी, विवादित कहानी जो लोगों की उत्सुकता बढ़ा दे, उस फिल्म पर उनका ध्यान आकर्षित करें। जैसे कि बीते दिनों ही 'जवान' मूवी का ट्रेलर जारी किया गया, इसमें शाहरुख खान एक धमाकेदार डायलॉग बोलते हैं कि 'बेटे को हाथ लगाने से पहले बाप से बात कर'। अब ये डायलॉग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। क्योंकि, इस डायलॉग को लोग समीर वानखेड़े (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर) और उन तमाम लोगों पर तंज की तरह देख रहे हैं। जिनकी वजह से शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स मामले में जेल जाना पड़ा था। इस तरह से 'जवान' फिल्म के प्रमोशन के लिए एक बड़ी कंट्रोवर्सी मिल गई।
वहीं इस डायलॉग को लेकर उधर समीर वानखेड़े ने भी एक ट्वीट कर दिया। समीर वानखेड़े ने निकोल लॉयन्स के एक वाक्य को ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट किया कि "मैंने आग को चखा है और हर उस पुल की राख में डांस किया है जिसे मैंने कभी जलाया है। मुझे किसी भी नरक का डर नहीं है" - निकोल लॉयन्स। जिस पर कई लोगों ने रिएक्ट किया कि जवान को प्रमोट करने के लिए धन्यवाद। अब ये सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सभी मीडिया प्लेटफार्म ने इसे प्रमुखता से जगह दे दी, मतलब करोड़ों का फिल्म प्रमोशन फ्री में हो गया।
जब कंगना ने किया था प्रमोशन को लेकर खुलासा
वहीं फिल्मों को पर्दे पर आने से पहले हिट कराने को लेकर बॉलीवुड 'क्वीन' कंगना रनौत भी तंज कस चुकी है। उन्होंने खुलासा किया था कि कैसे एक निर्देशक कुछ पैसा खर्चा करके फिल्म को हिट करवा देता है। दरअसल बीते महीने जब रणवीर सिंह और आलिया भट्ट अभिनित फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की रिलीज हुई थ, तब कंगना रनौत ने करण जौहर को निशाने पर लेते हुए कहा था कि करण जौहर जैसे निर्देशक पैसे देकर अपनी फिल्म हिट कराते हैं। कंगना ने कहा था कि पीआर एजेंसी के जरिए करण जौहर किसी फिल्म की बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बदल सकते हैं।
पीआर एजेंसी फिल्मों को करवाती है हिट?
आज के दौर में किसी भी फिल्म का प्रचार फिल्म निर्माण का सबसे अहम हिस्सा है। बकायदा इसके लिए फिल्म से जुड़े अभिनेता और अभिनेत्री को फिल्म साइन कराते वक्त ही अनुबंध कर लिया जाता है। यानि कि फिल्म में अभिनय करने के साथ कलाकारों को उस फिल्म के प्रचार के लिए भी दिन-तारीख, पैसे तय करने होते हैं।
वहीं फिल्मों के निर्माण के साथ ही साथ उसके प्रमोशन पर कितना खर्च होगा। इसका भी हिसाब तय कर लिया जाता है। जैसे NBT की खबर के मुताबिक बीते दिनों रिलीज हुई 'गदर 2' फिल्म का कुल बजट 90 करोड़ रुपये था, जबकि इसके प्रमोशन पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख की पिछली फिल्म 'पठान' का बजट 250 करोड़ था और इसके प्रमोशन पर मेकर्स ने तकरीबन 20 करोड़ रुपये का खर्च किया था। इतने बजट में तो 'द केरल स्टोरी' जैसी फिल्में बन जाती हैं। ऐसे में ये तो साफ है कि कई फिल्मों के सिर्फ प्रमोशन पर जितना पैसा खर्च किया गया है उतने में तो छोटे बजट की पूरी फिल्म बन सकती हैं।
शाहरुख खान पर उम्मीदों का पहाड़?
हालांकि, इसमें कोई दो राय नहीं है कि शाहरुख बॉलीवुड के 'किंग' हैं। इसलिए उनके फिल्मों को लेकर उत्सुकता सामान्य बात है पर किसी फिल्म को लेकर इतना हाइप क्रिएट करना उतना भी सही नहीं है। क्योंकि, अगर जरा भी फिल्म कमजोर हुई तो फिल्म का डूबना तय है। अगर आप बॉलीवुड के इतिहास पर गौर करें तो ठग्स ऑफ हिंदुस्तान, ट्यूबलाइट, किसी का भाई किसी की जान, साहो जैसी फिल्मों की लिस्ट पड़ी है जिसे लेकर कहा गया था कि ये सुपरहिट हो चुकी हैं। लेकिन, जब पर्दे पर आई तो दो से तीन दिनों में धड़ाम से गिर गई। हाइप क्रिएट के कारण ये बड़े बजट वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई थीं।












Click it and Unblock the Notifications