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House Rent: महंगे होते जा रहे हैं किराये के मकान, महानगरों के किरायेदार परेशान !

House Rent: 'मकानों के भाव यूं ही नहीं बढ़ गए, आशियाने की तलाश में बिल्डर कमा गए', ये शायरी महानगरों में रहने की जगह खोजने वालों पर सटीक बैठती है। दरअसल कोरोना महामारी के बाद से भारत के महानगरों समेत दुनियाभर के देशों में घरों की मांग बढ़ गयी है । इसका फायदा उठाते हुए मकान मालिकों ने किराया लगभग दोगुना कर दिया है। भारत में वैसे भी हर साल मकान का किराया बढ़ाना एक सेट ट्रेंड है। 11 महीने के एग्रीमेंट के साथ अक्सर यह शर्त भी जुड़ी होती है कि अगली बार रिनुअल के समय किराया अपने आप 5 से 10 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

अभी बीते कुछ महीनों पहले अप्रैल, 2023 में बेंगलुरु के चिन्‍नास्‍वामी स्‍टेडियम में आईपीएल का मैच खेला जा रहा था। दर्शकदीर्घा में बैठे एक शख्स के हाथों में लिया पोस्‍टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। पोस्टर पर लिखा था कि लुकिंग फॉर टू बीएचके इन इंदिरानगर (बेंगलुरु)।

House Rent in metro cities rental houses are becoming expensive

खबरों के मुताबिक ये शख्स दो महीने से किराए का घर ढूंढ़ रहा था, लेकिन बेंगलुरु में घरों के किराए में भारी बढ़ोतरी की वजह से उसे मकान नहीं मिल रहा था । यह हाल केवल भारत के महानगरों- दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद जैसे शहरों का ही नहीं है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में किराए पर रहना लोगों के लिए काफी मुश्किल होता है। ऐसा ही हाल जर्मनी की राजधानी बर्लिन का भी है।

लंदन में किराया ढाई से तीन लाख रुपया हुआ

जनवरी, 2023 में हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम में रहना अब पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है क्योंकि मकान मालिक अब प्रति माह 1,172 पौंड (₹1,18,460) का औसत किराया मांग रहे हैं। वहीं 'द टेलीग्राफ' ने प्रॉपर्टी पोर्टल राइटमूव का हवाला देते हुए लिखा कि लंदन शहर में पहली बार किराये की दर 3,000 पौंड (₹303225) प्रतिमाह को पार कर गयी है ।

बर्लिन में किराया 30 प्रतिशत बढ़ा

'द लोकल जर्मनी' में छपी एक खबर के मुताबिक म्यूनिख के बाद बर्लिन अब जर्मनी का दूसरा सबसे महंगा शहर है। क्योंकि जनवरी से मार्च (2023) यानि तीन महीनों में किराया लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गया है। वेबसाइट ने हाउसिंग पोर्टल इम्मोवेल्ट के एक हालिया सर्वेक्षण के आधार पर लिखा है कि जर्मनी में किराये की दरों में गति लगातार बढ़ रही है। नवंबर 2022 के बाद से, नए किराये के अनुबंधों के लिए औसत मांग मूल्य में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है ।

आखिर किराए के दामों में इतना इजाफा क्यों?

दरअसल भारत समेत दुनियाभर में कोविड-19 महामारी का प्रभाव कम होने के बाद अब कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस बुलाना शुरू कर दिया है। वहीं व्यवसाय उद्योग भी तेजी से चलने शुरू हो गए हैं। इन वजहों से बड़े शहरों में किराए के घर की मांग में काफी वृद्धि देखने को मिल रही है।

कोरोना के दौरान एक से दो सालों तक बहुत से मकान खाली पड़े थे। लेकिन, अभी अचानक से किरायदारों की बढ़ी मांग के कारण मकान मालिक कोरोना काल के दौरान खाली पड़े मकानों का भी किराया वसूल लेना चाहते हैं। देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में मकान किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है।

घर खरीदने के लिए करोड़ों चाहिए

मकानों के किराए बढ़ने का एक बड़ा कारण यह भी है कि एक बड़ी संख्या में लोग शहरों में कामकाज के लिए आते हैं। वे कब तक उस संबंधित शहर में रहकर काम करेंगे उन्हें पता नहीं होता तो उनके लिए सबसे अच्छी सुविधा किराए पर मकान लेना होता है। वे घर खरीदने में पैसा इंवेस्ट नहीं करना चाहते हैं। क्योंकि, बड़े शहरों में मकान की कीमतें आसमान छू रही हैं। न्यूज़ 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में डीडीए हाउसिंग स्कीम के तहत भी जो फ्लैट मिलते हैं, उनकी कीमत 1.73 करोड़ रुपये तक है। एक मध्यम वर्ग परिवार के लिए इतना पैसा इकट्ठा करना बहुत मुश्किल होता है, इसलिए मिडिल क्लास के लोग किराए के मकानों में रहना चाहते हैं।

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