सूर्यास्त के बाद फलों का सेवन करते हैं तो सावधान, सेहत के लिए नुकसानदेह, जानिए सही तरीका
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सूर्यास्त के पहले फलों का सेवन क्यों?
भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के मुताबिक शाम को फल खाने से नींद खराब हो सकती है और पाचन प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
दरअसल इसकी वजह यह है अधिकांश फल साधारण कार्ब्स से युक्त होते हैं। वे तत्काल ऊर्जा का बड़ा स्रोत होने के साथ ही ब्लड में शुगर के स्तर को भी बढ़ाते हैं। ऐसे में अगर आप सोने के समय के आस-पास फल खाते हैं तो ब्लड में शुगर का बढ़ा स्तर आपकी नींद में खलल डाल सकता है। हमारी बॉडी क्लॉक भी ऐसा करने से हमें रोकती है जो कि सूर्यास्त के बाद हमारे मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है और कार्ब्स को पचाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए शाम के समय फलों का सेवन नहीं करना चाहिए।

फलों के सेवन का सबसे अच्छा समय
सुबह खाली पेट फल का सेवन करना सबसे अधिक फायदेमंद होता है। रात में खाने के बाद हमें सोने में दो घंटे का वक्त लगता ही है। फिर से 7 से 8 घंटे की नींद के बाद सुबह उठते हैं तो फ्रेश होने में एक घंटे लग जाते हैं। ऐसे में रात में सोने के बाद सुबह उठने पर हमारा लगभग 10 घंटे का उपवास हो चुका होता है। सुबह की यह स्थिति भोजन से पोषक तत्वों को अधिक कुशलता से बाहर निकाल लेती है और पाचन को भी दुरुस्त रखती है।
आहार विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के साथ भी फल शामिल करना चाहिए या भोजन के तुरंत बाद लेना चाहिए। साधारण कार्ब्स का सेवन सुबह और व्यायाम से पहले और बाद में करना सबसे अच्छा है। सूर्यास्त के बाद वसा, प्रोटीन और कम जटिल कार्ब्स का सेवन करना सर्वोत्तम होता है।

फलों को अकेले खाएं
कई बार हम फलों को डेयरी उत्पादों के साथ मिलाकर खाते हैं। ऐसा करना ठीक नहीं है। फलों को अकेले ही लेना चाहिए। फलों को डेयरी उत्पाद या सब्जियों के साथ लेने से शरीर में विषाक्त पदार्थों का निर्माण हो सकता है। ऐसा फलों के अनुचित पाचन और पोषक तत्वों के कम अवशोषण के कारण होता है। शरीर में विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी दूसरी समस्याओं को जन्म दे सकती है।












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