Fat Bear Week: एक प्रतियोगिता ऐसी जहां सबसे मोटे भालू को पहनाया जाता है ‘ताज’
अभी तक आपने खूबसूरत, तेज और स्मार्ट जानवरों की प्रतियोगिताओं के बारे में तो सुना होगा, लेकिन अमेरिका में एक ऐसी प्रतियोगिता भी होती है, जहां सबसे मोटे भालू को श्रेष्ठ पुरस्कार दिया जाता है।
अलास्का के कटमई राष्ट्रीय उद्यान में इस बार के सबसे मोटे भालू का खिताब 'ग्रेजर' नाम की मादा भूरे भालू को मिला है। ग्रेजर का वजन लगभग 700 पाउंड होने का अनुमान है। फैट बियर वीक अलास्का के कटमई नेशनल पार्क और प्रिजर्व द्वारा आयोजित एक वार्षिक ऑनलाइन प्रतियोगिता होती है।

अलास्का में गर्मियों के दौरान भूरे भालुओं के वजन बढ़ने पर जश्न मनाया जाता है। इस दौरान फैट बियर वीक प्रतियोगिता में सबसे मोटे भालू को चुनने के लिए मतदान भी किया जाता है। अलास्का में आमतौर पर भालू ज्यादातर सॉकी सैल्मन मछ्ली खाना पसंद करते हैं। यह प्रतियोगिता भी भालुओं के मछली खाने से शुरू होती है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भालुओं को ढेर सारी मछलियां खानी होती है।
कैसे मनाते हैं फैट बियर वीक?
दरअसल 12 भूरे भालुओं को एक ब्रैकेट में रखा जाता है। इस दौरान उन्हें अलग-अलग तरह के गेम की तरह ही लेवल के आधार पर उनकी एक्टीविटी को पैमाना मानकर मतदान किया जाता है। मतदान के आधार पर उन्हें अगले राउंड तक बढ़ाया जाता है। इस बार फैट बियर वीक 4-10 अक्टूबर, 2023 तक आयोजन किया गया। जो हर गर्मियों के मौसम में दर्शक अपने पसंदीदा भूरे भालुओं को मछली पकड़ते हुए और उन्हें प्रतिस्पर्धा करते हुए देख सकते हैं।
ब्रूक्स नदी में भालुओं द्वारा मछलियों का शिकार करना, उन्हें खेलते देखना और शीतकालीन शीतनिद्रा से पहले सैकड़ों पाउंड वजन बढ़ाना ये सब प्रतियोगिता के हिस्से हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन 'एक्सप्लोर.ओआरजी' द्वारा किया जाता है। यह कार्यक्रम पतझड़ के समय होता है, जब कटमई पार्क के रेंजर्स एक ब्रैकेट को चुनते हैं। जिसमें मोटे 12 भालुओं को एक-दूसरे के खिलाफ प्रतियोगिता के लिए खड़ा किया जाता है, और जनता उन सभी में से सबसे अधिक मोटे, स्वस्थ, शिकार के लिए चपल, आकर्षक भालू को अपना वोट देकर चुनती है।
यह प्रतियोगिता साल 2014 में एक दिवसीय कार्यक्रम के रूप में शुरू हुई थी। तब तत्कालीन पार्क रेंजर माइक फिट्ज़ ने देखा कि भालुओं की लाइव स्ट्रीम बहुत अधिक चर्चाओं में रही थी। फिट्ज़ ने 2022 में न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उन्हें अचानक एहसास हुआ कि लोग इन जानवरों को देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। वे उनसे व्यक्तिगत रूप से जुड़ जाते हैं। लोग इस तरह के भूरे भालू और सैल्मन के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं। इसलिए ऐसी प्रतियोगिता की शुरुआत की गई। उम्मीद है कि ऐसी प्रतियोगिता से दुनिया भर में भालू और सैल्मन की देखभाल की भावना बढ़ेगी।
ऑनलाइन कब शुरू हुई वोटिंग
पहली बार 2015 में मोटे भालू को लेकर सोशल मीडिया फेसबुक पर वोटिंग करवाया गया था। जिसने 1,700 मतदाताओं ने इन भालुओं को लेकर वोट किया था। यह प्रतियोगिता पूरे एक सप्ताह तक चली थी। लेकिन, अब मोटे भालुओं की इस प्रतियोगिता में लाखों में वोटिंग होती है। इस साल ब्रैकेट-शैली प्रतियोगिता के दौरान रिकॉर्ड तोड़ 1.4 मिलियन वोट डाले गए थे। सबसे ज्यादा वोट पाकर विजेता बनी विशाल मादा ग्रेजर जिसे 108,321 वोट मिले। वहीं उसके प्रतिद्वंद्वी चंक नाम के भालू को 23,134 वोट मिले।
क्यों कराई जाती है ये प्रतियोगिता?
अलास्का जैसी ठंडी जगहों पर गर्मियों के दौरान भूरे भालुओं के लिए जितना संभव हो सके उतना वजन बढ़ाना उनके जीने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति है। अपने सात महीने तक लंबे शीतनिद्रा (हाइबरनेशन) के दौरान आमतौर पर ये स्तनधारी कुछ भी नहीं खाते, पीते, शौच नहीं करते हैं। अलास्का में ठंड ज्यादा पड़ती हैं इसलिए वे इस तरह का जीवन जीते हैं।
राष्ट्रीय उद्यान सेवा के अनुसार जब ये हाइबरनेशन में होते हैं तब उनकी सांस धीमी हो जाती है। जहां गर्मियों में उनकी हृदय गति 40 या 50 बीट प्रति मिनट होती है। वहीं सर्दियों में घटकर 8 से 19 बीट प्रति मिनट रह जाती है। फिर भी हाइबरनेशन के दौरान भालू अपनी कैलोरी जलाते हैं। ये कैलोरी उन्हें सैल्मन खाने से ही मिलती है जो उन्हें जिंदा रखती है।
उद्यान के मुताबिक कभी-कभी भालू प्रति दिन 4,000 से भी अधिक कैलोरी जलाते हैं। जब तक वे भालू गर्मियों के दौरान अपनी मांद से बाहर आते हैं, तब तक वे अपने शरीर का वजन लगभग 33 प्रतिशत तक कम कर चुके होते हैं। हालांकि, सभी तरह के भालू शीतनिद्रा में नहीं जाते, लेकिन अलास्का में जहां सर्दियों में तापमान बहुत ठंडा होता है और भोजन की कमी हो सकती है, वहां अधिकांश ऐसा करते हैं।
विजेता बनी ग्रेजर की कहानी
ग्रेजर एक मादा भालू है। जिसे इस बार सबसे ज्यादा पसंद किया गया। अब तक 9 बार हुए प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाली ग्रेजर तीसरी मादा है। सुनहरे कान वाली ग्रेजर हाल के वर्षों में वेबकैम दर्शकों के बीच पसंदीदा बन गई है।
'एक्सप्लोर.ओआरजी' के अनुसार ग्रेजर दो शावकों की मां है। वो साल 2005 से इस पार्क का आकर्षण रही है। कटमई नेशनल पार्क की मीडिया रेंजर फेलिशिया जिमेनेज ने एबीसी न्यूज को बताया कि ग्रेजर ने पहली बार प्रतियोगिता जीती है। उसके जीतने का सबसे बड़ा कारण ये है कि पिछले साल ही ग्रेजर ने अपने शावकों को छोड़ दिया था।
जब उसके शावक साथ थे तब वह उनकी रक्षा के लिए कई बार दूसरे बड़े भालूओं से भिड़ जाया करती थीं। शिकार के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ गया था। इस दौरान उसने अपने शावकों को सैल्मन यानि चारा कैसे पकड़ा जाता है सब सिखाती रही थी। शावक आम तौर पर लगभग ढाई साल की उम्र में अपनी मां को छोड़ देते हैं, लेकिन ग्रेजर ने अपने शावकों को तीसरी गर्मियों तक अपने पास रखा था।
जिमेनेज आगे कहती हैं कि पार्क रेंजर्स भालुओं को टैग या वजन नहीं करते हैं। जब मादा भालू मांद से निकलती हैं, तो उसका वजन आम तौर पर 400 से 500 पाउंड के बीच होता है। कटमई नेशनल पार्क के अनुसार, अलास्का की ब्रूक्स नदी के किनारे रहने वाले भालू अपने वार्षिक शीतकालीन हाइबरनेशन की तैयारी के लिए सैल्मन, जामुन और घास खाकर गर्मी बिताते हैं। ये भूरे भालू नवंबर महीने के आसपास हाइबरनेशन में प्रवेश करने लगते हैं और मई के आसपास अपनी मांद से निकलना शुरू कर देते हैं।
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