Entertainment to Politics: मनोरंजन जगत की हस्तियां, सियासत मे कितनी सफल?
Entertainment to Politics: लोक सभा के चुनाव बिल्कुल करीब है। विभिन्न पार्टियां टिकटों की घोषणाएं भी करने लगी हैं। जीतने योग्य उम्मीदवारों की तलाश सभी पार्टियों को होती हैं।
लोगों को लुभाने के लिए अक्सर मनोरंजन एवं खेल जगत के सितारों को भी चुनाव मैदान में उतार दिया जाता है। इनमें कुछ सफल तो कुछ असफल हो जाते हैं। कुछ तो राजनीति से तौबा ही कर लेते हैं। ताजा उदाहरण गौतम गंभीर का है, जिन्होंने चुनाव लड़ने से ही मना कर दिया है। ऐसे लोगों की सूची बहुत लंबी है।

भारत में राजनीति, मनोरंजन और खेल, ये तीन ऐसे क्षेत्र हैं, जिसमें संघर्ष, समृद्धि और ग्लैमर का बड़ा गहरा नाता रहा है। लिहाजा ये हर किसी को हमेशा लुभाते रहे हैं। यही वजह है कि हिंदी सिनेमा के कई ऐसे स्थापित कलाकार रहे हैं, जिन्होंने राजनीति में भी अपने जलवे दिखाए और वोट बटोरे तो दूसरी तरफ खेलों की दुनिया के कई ऐसे नामी गिरामी क्रिकेटर, खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने राजनीति से अपनी नई पारी शुरू की।
स्टार जो राजनीति के मैदान में उतरे
सिने कलाकार अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, स्मृति ईरानी, जया प्रदा, जया बच्चन, शबाना आजमी, शत्रुहन सिन्हा, सनी देओल, भोजपुरी फिल्मों के कलाकार और गायक मनोज तिवारी, रवि किशन, दिनेश लाल यादव निरहुआ, साउथ सिनेमा के दिग्गज कलाकार एमजी रामचंद्रन, जयललिता, एनटी रामाराव, कमल हासन, रजनीकांत और चिरंजीवी शामिल हैं।
दूसरी तरफ खिलाड़ियों में मंसूर अली खान पटौदी, सचिन तेंदुलकर, अजहरुद्दीन, चेतन चौहान, कीर्ति आजाद, हरभजन सिंह, गौतम गंभीर, एथलीट पीटी उषा, मुक्केबाज़ मैरी कॉम जैसे दिग्गजों ने अपने दमखम से राजनीति में भी नाम कमाया।
अमिताभ बच्चन ने जब राजनीति में कदम रखा तब उनका बॉलीवुड में सिक्का बोलता था और 'एंग्री यंग मैन' और सुपरस्टार के रूप में दर्शकों के बीच शीर्ष लोकप्रियता हासिल की थी। हालांकि उनका राजनीतिक सफर इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र में 1984 में कांग्रेस के सांसद के रूप में शुरू तो अच्छे से हुआ, लेकिन बोफोर्स घोटाले की वजह से बहुत जल्दी खत्म हो गया।
दूसरे सुपर स्टार राजेश खन्ना ने 1991 में कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़े और थोड़े से वोटों के अंतर से हार गये। आडवाणी के इस्तीफे के बाद हुए उप चुनाव में वह शत्रुहन सिन्हा के खिलाफ 1992 में जीत हासिल कर लोकसभा सांसद बने।
सिनेमा में भी सफल और राजनीति में भी
स्मृति ईरानी अपने युवा काल में मॉडल रहीं और टेलीविजन सीरियल्स में दमदार एक्टिंग से लंबे समय तक कायम रहीं। बाद में वे राजनीति में आ गई और काफी सफल रहीं। उन्होंने अमेठी निर्वाचन क्षेत्र से राहुल गांधी को हराकर जबर्दस्त नाम कमाया और केंद्रीय मंत्री बनीं।
हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध कलाकार विनोद खन्ना ने भी राजनीति में कदम रखा और पंजाब के गुरदासपुर से जीतकर लोकसभा में पहुंचे। 2019 में सनी देओल ने भी राजनीति में एंट्री ली और विनोद खन्ना के ही निर्वाचन क्षेत्र पंजाब के गुरदासपुर से सांसद बने।
शत्रुहन सिन्हा न केवल सांसद रहे, बल्कि केंद्रीय मंत्री भी बने। वे पहले बीजेपी में रहे, फिर कांग्रेस में गए। इस समय वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) से सांसद हैं। राज बब्बर बॉलीवुड से विदा होने के बाद राजनीति में आए और तीन बार लोकसभा के सदस्य और दो बार राज्य सभा के सदस्य रहे हैं।
फिल्मों में अपने अनोखे नृत्य और अभिनय से दर्शकों को मोहने वाले गोविंदा ने भी राजनीति में कदम रखा और सफल रहे। उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव में मुंबई उत्तर सीट से विजयी होकर लोकसभा पहुंचे। नामी एक्टर सुनील दत्त भी अमिताभ बच्चन के समय 1984 में राजनीति में कदम रखा और पांच बार कांग्रेस पार्टी से सांसद रहे।
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने 2011 में फिल्म 'मिले न मिले हम' में कंगना रनौत के साथ काम किया था, लेकिन यह फिल्म सफल नहीं रही। इसके बाद वे राजनीति में आ गए और सांसद बन गए।
फिल्मों से राजनीति में आने की एक लंबी परंपरा
हिंदी के अलावा साउथ की कई भाषाओं में एक्टिंग करने वाली जया प्रदा ने भी जब फिल्मों को छोड़ा तो राजनीति में एंट्री की और 2004 से 2014 तक यूपी के रामपुर से सांसद रहीं। मिथुन चक्रवर्ती हिंदी, बंगाली समेत कई भाषाओं की फिल्मों में काम किए। वह सिनेमा जगत में अपनी दमदार एक्टिंग से लंबे समय तक छाए रहे। बाद में वह राजनीति में आए और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा।
हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री रेखा 2012 से 2018 तक राज्यसभा सदस्य रहीं। सिनेमा में काफी समय गुजारने के बाद वह राजनीति में उतरी थीं। शबाना आजमी एक कुशल अभिनेत्री के रूप में लंबे समय तक बॉलीवुड में दर्शकों का मनोरंजन करती रहीं, बाद में वह राज्यसभा की मनोनीत सदस्य बनाई गईँ। परेश रावल ने बॉलीवुड में कुल 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और फिर राजनीति में कदम रखा। वह फिलहाल अहमदाबाद पूर्व से बीजेपी सांसद हैं।
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