अगर आप टीम लीड हैं तो कतई मत भूलें ये 10 बातें
क्या कंपनी ने आपके अच्छे प्रदर्शन को देख आपको टीम लीड बनाया है। क्या आप अभी-अभी बॉस बने हैं, या फिर बॉस बनने की तमन्ना रखे हैं। अगर हां, तो कुछ बातें हैं, जो आपको कतई नहीं भूलनी चाहिये।
एक अध्ययन से यह पता चला है कि कंपनी में प्रत्येक 5 कर्मचारियों में से 1 पूरी तरह अपने काम में लीन रहता है, तीन में उत्साह की कमी होती है और 1 फांके-मस्त रहकर काम करता है। अगर आप एक बॉस हैं और आपकी टीम का अनुपात भी कुछ ऐसा ही है, तो आप कभी आगे नहीं बढ़ सकते। पांच में से तीन का मनोबल डाउन है, तो उसे ऊपर उठाना आपकी जिम्मेदारी है। उन्हें प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है।
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कर्मचारियों में उत्साहवर्धन करना कोई मुश्किल नहीं है अगर आप हमारी 5 बातों पर ध्यान दें तो आपके लिए यह काम आसान हो सकता है। नीचे स्लाइडर में पहली पांच स्लाइड में उत्साह भरने के तरीके और अगली पांच में पढ़े क्यों हो जाता है उत्साह कम-

अच्छे काम के लिये इनसेंटिव
कंपनी के प्रदर्शन के साथ व्यक्तिगत आर्थिक हितों को संरेखित करें - यह काम उच्च प्रबंधन स्तर के लिए उतना बड़ा नहीं है जितना अन्य के लिए। एक संस्था के सभी स्तरों पर कर्मचारियों के लिए जो प्रोत्साहन इनसेंटिव के रूप में होता है। इससे कर्मचारियों का अच्छे प्रदर्शन के लिए उत्साह बढ़ता है। ऐसा इस लिए कि इस कार्यक्रम में कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन को आधार बनाया जाता है। ऐसे में हर कर्मचारी यही चाहेगा कि उसका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ हो।

भविष्य को अच्छा बनाने की बात करें
कर्मचारियों के करियर के भविष्य को लेकर वास्तविक रूचि दिखाएं - अगर कर्मचारी यह महसूस करेगा कि प्रबंधन को उसके भविष्य की चिंता हैI प्रबंधन की तरह सी दी जाने वाली ट्रेनिंग, सलाह आदि का कर्मचारी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और प्रबंधन के प्रति उसकी आस्था भी बढ़ती है परिणाम स्वरूप उसका प्रदर्शन भी बेहतर होता है।

वर्क लाइफ को अच्छा बनायें
कर्मचारी के वर्क-लाइफ में वास्तविक रूचि दिखाएं - अगर प्रबंधक कर्मचारी के काम के समय में थोड़ी सुविधा दे दे, कुछ बदलाव करे, और कर्मचारी की निजी जीवन के बारे में भी सोचे तो कर्मचारी भी काम के प्रति निष्ठा दिखाता है।

सहयोगियों की सुनें
कर्मचारियों की बात, उसके विचारों को भी सुनने में रूचि दिखाएं। काम के संबंध यदि कर्मचारी अपनी तरफ से कोई सुझाव प्रकट करता है तो उसे सुने, अगर उसे किसी भी प्रकार की समस्या है तो उसे समझने का प्रयास करें। कर्मचारी को किसी सीमा में न बांध के रखें, उसके साथ संबंध ऐसे बनाएं कि वो खुल कर अपनी बात रखें। उसके अच्छे प्रदर्शन पर उसकी तारीफ करना भी न भूलें।

हमेशा अच्छा व्यवहार करें
जो अपने लिए अपेक्षा करते हैं वैसा दूसरे के साथ करें- जब बात आती है व्यवहार करने की तो अपने अधीनस्थ से भी वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप अपने लिए अपेक्षा करते हैं। इससे आप अपने कर्मचारियों को आदर देते हैं।

किन बातों से कम होता है उत्साह
अब आप आगे पढ़ सकते हैं कि बॉस होने के नाते आपकी किन-किन बातों से सहयोगियों का उत्साह कम होने लगता है।

अपने पद की शक्ति का दुरुपयोग
जब बॉस अपने पद की शक्ित का दुरुपयोग करने लगता है, तब सहयोगियों का उत्साह मर जाता है। अगर आप खुद को बहुत ऊंचा दिखाते हैं और सहयोगियों को नीचा, तो आपकी टीम की परफॉरमेंस जरूर नीचे जायेगी। मीटिंग में देर से आना, सहयोगियों के ई-मेल का जवाब नहीं देना, उनके सुझावों को अनदेखा करने, आदि से सहयोगियों के मन में निराशा की भावना आती है।

मेहनत का श्रेय खुद ले लेते हैं
अगर आप अपने सहयोगियों की मेहनत का श्रेय खुद ले लेते हैं या फिर जिस कर्मचारी ने जी-जान लगाकर मेहनत की है, उसे जरा भी श्रेय नहीं देते हैं, तो कर्मचारी का मनोबल अपने आप ही कमजोर हो जाएगा।

यदि आप जरूरत से ज्यादा गुस्सा होते हैं
यदि आप जरूरत से ज्यादा गुस्सा होते हैं, कर्मचारियों की बातों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हैं तो इससे उनका काम के प्रति उत्साह कम हो जाएगा।

कर्मचारियों के लिए स्टेण्ड नहीं लेना
कई बार ऐसे मौके होते हैं जब किन्हीं व्यक्तिगत या संस्थागत मुद्दे पर आपका अधीनस्थ यह चाहता है कि आप उसके पक्ष में हो, पर ऐसा मौका आए तो उसके लिए कोई पक्ष न लें। आपकी इस अनदेखी को वो याद रखेगा और आपके काम के प्रति उसकी रूचि भी कम हो जाएगी।

किसी की प्रशंसा नहीं करना
लोगों को प्रशंशा पसंद होती है। वो चाहते हैं कि आप उनके काम को सराहे पर अगर आप ऐसा नहीं करेंगे और इसके विपरीत उनकी गलतियां निकालेंगे, तो आपकी टीम का मनोबल गिर जायेगा।












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