Delhi-NCR Pollution: ग्रेप दिलाएगा दिल्ली-एनसीआर को वायु प्रदूषण से मुक्ति? जानें नये नियम
Delhi-NCR Pollution: वायु प्रदूषण में सुधार के लिए दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण रोधी उपायों में बदलाव किया है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत नये नियम 1 अक्टूबर 2023 से लागू होंगे। नये नियमों को सीएक्यूएम की ओर से दिल्ली व एनसीआर से जुड़े राज्यों (उत्तर प्रदेश व हरियाणा) को जारी किया गया है।
इस नये नियम को आयोग की ओर चार नियमों (चरणों) में विभाजित किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले सूचकांक के 400 से ऊपर जाने पर दिल्ली में बीएस-3 मानक वाले पेट्रोल और बीएस चार मानक वाले डीजल वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती थी। लेकिन, इस बार यह नियम दिल्ली के साथ-साथ इससे सटे एनसीआर के चार जिलों पर भी लागू होंगे।

चार अलग-अलग एक्यूआई को लेकर पाबंदियां
दिल्ली और एनसीआर में ग्रेप को प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के लिहाज से चार चरणों में रखा गया है। यह पैमाना वायु में मोटे धूल कण और महीन धूल कणों के आधार पर है।
● पहले स्तर पर वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 201 से 300 तक खराब स्थिति में होगी।
● द्वितीय चरण में बहुत खराब वायु गुणवत्ता 301 से 400 के स्तर पर होगी।
● तीसरा चरण गंभीर एक्यूआई 401 से 450 तक और अति संवेदनशील
● चौथा चरण गंभीर स्थिति में वायु गुणवत्ता 450 और उससे अधिक को रखा गया है।
हर एक्यूआई कैटेगरी में अलग-अलग नियम
पहला चरण यानि खराब वायु गुणवत्ता (दिल्ली एक्यूआई 201-300 के बीच) के दौरान अपना समय पूरा कर चुके डीजल या पेट्रोल वाहनों पर एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मौजूदा कानूनों के तहत कार्रवाई की जायेगी।
दूसरा चरण यानि बहुत खराब वायु गुणवत्ता (दिल्ली एक्यूआई 301-400 के बीच) के दौरान एनसीआर में सभी चिन्हित हॉटस्पॉट में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय और कार्यालय प्रतिष्ठानों आदि सहित एनसीआर के सभी क्षेत्रों में सिर्फ डुअल मोड वाले डीजल जेनरेटर को छूट दी गयी है बाकि तरह के डीजल जेनरेटर पर नहीं।
तीसरा चरण यानि 'गंभीर' वायु गुणवत्ता (दिल्ली एक्यूआई 401-450 के बीच) के दौरान एनसीआर राज्य सरकारें व जीएनसीटीडी दिल्ली (दिल्ली की चुनी हुई सरकार को राज्य में कोई भी योजना या फैसला लागू करने से पहले उसका प्रस्ताव दिल्ली के उपराज्यपाल को भेजना होगा) और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर सख्त प्रतिबंध लगाए जायेंगे।
चौथा चरण यानि ज्यादा गंभीर वायु गुणवत्ता (दिल्ली एक्यूआई > 450) के दौरान ईवी/सीएनजी/बीएस-VI डीजल के अलावा, आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, दिल्ली के बाहर पंजीकृत एलसीवी को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं एनसीआर राज्य सरकारें और जीएनसीटीडी दिल्ली की कक्षा 4 से 9 की सभी कक्षाएं बंद करने या फिर ऑनलाइन मोड में पढ़ाई कराने का आदेश दे सकती है। साथ ही राज्य सरकारें कॉलेजों व शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने और गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद करने, पंजीकरण संख्या के सम-विषम आधार पर वाहनों को चलाने की अनुमति देने आदि जैसे अतिरिक्त आपातकालीन उपायों पर विचार कर सकती हैं।
ग्रेप क्या होता है?
सर्दियों में दिल्ली को प्रदूषण की मार से बचाने के लिए सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) तैयार किया है। यह ग्रैप वास्तव में प्रदूषण की वजह से हवा की गुणवत्ता में और गिरावट रोकने के लिए अपनाये जाने वाले आपातकालीन उपायों का एक ढांचा है। इसी के तहत सीक्यूएम ने इस बार दिल्ली के लिए यह खास प्लान बनाया है।
एक्यूआई क्या है?
एयर क्वालिटी इंडेक्स यानि वायु गुणवत्ता सूचकांक, यह दरअसल एक नंबर होता है। जिसके जरिये हवा की गुणवत्ता को मापा जाता है। इसके जरिए भविष्य में होने वाले प्रदूषण के स्तर का भी अंदाजा लगाया जाता है। हर देश का एक्यूआई वहां मिलने वाले प्रदूषण कारकों के आधार पर अलग अलग होता है। भारत में एक्यूआई को मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरोमेंट, फॉरेस्ट और क्लाइमेट चेंज ने लॉन्च किया था। इसे 'एक संख्या, एक रंग, एक विवरण' के आधार पर लॉन्च किया गया था। प्रदूषण की गंभीरता को समझाने के लिए इसमें रंगों को भी शामिल किया गया है।
इसके मुताबिक एक्यूआई की रीडिंग को छह कैटेगरी में बांटा गया है। 0 और 50 के बीच 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।












Click it and Unblock the Notifications