मां इंदिरा ने खोजी थी अपने लिए बहू लेकिन राजीव गांधी को हो गया था सोनिया से प्यार
नई दिल्ली, 21 मई। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 30वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और उनके बेटे राहुल गांधी ने भी अपने पिता को याद करते हुए Tweet किया है। राहुल ने राजीव गांधी की एक फोटो ट्वीट कर कहा है, "सत्य, करुणा और प्रगति"। इसके अलावा राहुल गांधी वीर भूमि स्थल भी पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता की समाधि स्थल पर पुष्पांजिल अर्पित की है तो वहीं उनकी मां सोनिया गांधी ने राहुल की पोस्ट को री-ट्वीट किया है।

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किसी परीकथा से कम नहीं हैं सोनिया गांधी की कहानी
मालूम हो कि साल 1946 में इटली में जन्मीं सोनिया गांधी के जीवन की कहानी किसी परीकथा से कम नहीं है। उन्होंनें शायद ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि उनका प्यार उन्हें भारत देश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की बहू बना देगा। पूर्व पीएम राजीव गांधी से उनकी पहली मुलाकात ग्रीक रेस्टोरेंट वार्सिटी में हुई थी। खाने की मेज पर इत्फाक से हुई उस मुलाकात ने दोनों के जीवन की ऐसी पटकथा लिखी, जिसके बारे में कोई सोच ही नहीं सकता था। इटली के ट्यूरिन शहर के बाहरी इलाके ओरबैसानो में पैदा हुई सोनिया गांधी तो कैंब्रिज में अंग्रेजी पढ़ने आई थीं लेकिन इस पढ़ाई के दौरान उन्हें जीवन ने प्रेम का भी पाठ पढ़ा दिया।

राजीव-सोनिया के प्रेम से बेखबर इंदिरा ने खोजी थी बहू
जहां एक ओर राजीव कैंब्रिज में पढ़ाई कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर वो इन बातों से अनजान थे कि उनकी मां और देश की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी उनके के लिए भारत में ही दुल्हन चुन रखी हैं। वो मशहूर अभिनेता राज कपूर की बेटी ऋतु से उनकी शादी कराना चाहती हैं।

'नेता अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स' में खुलासा
पत्रकार रशीद किदवई की किताब 'नेता अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स' में लिखा है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और दिग्गज अभिनेता रहे पृथ्वीराज कपूर के बीच काफी गहरी दोस्ती थी। इंदिरा गांधी इस दोस्ती को रिश्ते में बदलना चाहती थीं और इसी कारण उनके मन में राजकपूर की बेटी ऋतु को अपने घर की बहू बनाने की इच्छा जागी थी। ऋतु कपूर भी एक बहुत सुंदर, पढ़ी-लिखी महिला थीं।

इंदिरा ने किया बेटे राजीव की भावनाओं का सम्मान
लेकिन इससे पहले कि इंदिरा अपनी बात बेटे राजीव को बतातीं या उनसे ऋतु के के बारे में जिक्र करतीं, राजीव गांधी ने अपने दिल की बात मां इंदिरा को बता दी। पहले तो सभी की तरह इंदिरा गांधी भी इस बेमेल रिश्ते की बात सुनकर हैरान रह गई थीं लेकिन फिर उन्होंने हर मां की तरह अपने बेटे की भावनाओं का सम्मान किया और सोनिया से मिलने की इच्छा जाहिर की। जिसके बाद राजीव ने सोनिया गांधी और इंदिरा गांधी की मुलाकात विदेश में तय की।

मां इंदिरा ने सोनिया से कहा-'डरो नहीं मैंने भी प्यार किया है'
कहा जाता है कि इंदिरा से पहली बार मिलते वक्त सोनिया गांधी बहुत ज्यादा नर्वस थीं लेकिन इंदिरा गांधी ने उन्हें देखकर बड़े ही प्यार के साथ उन्हें बोला था कि 'डरो नहीं, मैंने भी प्यार किया है इसलिए मैं इस वक्त तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है, उसके बारे में समझ सकती हूं।'

प्रेम, त्याग और समर्पण की मिसाल बना सोनिया-राजीव का रिश्ता
इसके बाद उन्होंने सोनिया गांधी से कुछ देर बात की और इंडिया आते ही उन्होंने राजीव गांधी की पसंद पर अपनी मुहर लगा दी। जिसके बाद 1968 में राजीव गांधी और सोनिया गांधी सात जन्मों के बंधन में हमेशा के लिए बंध गए।इस शादी के बारे में काफी कुछ लिखा गया है लेकिन इसमें किसी को शक नहीं कि सोनिया और राजीव गांधी का रिश्ता प्रेम, त्याग और समर्पण की मिसाल है।












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