Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से जुड़े कुछ विवाद
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी जहां एक तरफ परिपक्व नेता के तौर पर नजर आ रहे है, वहीं इस दौरान उनके कई बयानों ने जमकर सुर्खियाँ बटोरी।

Bharat Jodo Yatra: 2024 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 12 राज्यों सहित 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर जम्मू-कश्मीर पहुंच चुकी है। हर दिन 21 किमी पैदल चलकर 150 दिनों में 3,570 किमी की दूरी तय कर यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक जाकर समापन होगी। इस यात्रा से कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, इस दौरान, जैसे-जैसे यह यात्रा आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इसके साथ कई विवाद भी जुड़ते चले गए।
सेना पर दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल, राहुल ने दी सफाई
जम्मू-कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि "वे (भाजपा के नेता) सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं और कहते हैं कि हमने इतने लोग मार गिराए, लेकिन प्रमाण कुछ नहीं है। सिर्फ झूठ के पुलिंदे से ये राज (भाजपा सरकार) कर रहे है।" इस बयान पर विवाद पैदा हो गया, जिसके बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सफाई देते हुए कहा कि यह दिग्विजय सिंह का व्यक्तिगत बयान है, न कि कांग्रेस पार्टी का। इसके बाद खुद राहुल गांधी ने भी साफ़ कहा कि यह दिग्विजय सिंह का निजी बयान है। मैं उनके बयान से सहमत नहीं हूं। मुझे देश की आर्मी पर पूरा भरोसा है। सेना कुछ करे तो सबूत मांगने की जरूरत नहीं है।
राहुल की टी-शर्ट पर विवाद
इतिहास में जब कभी भी इस यात्रा का जिक्र होगा तो राहुल गांधी के टी-शर्ट की बात जरूर होगी। दरअसल, कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी टी-शर्ट पहनकर ही यात्रा करते दिखे, चाहे कितनी भी ठंड हो। राहुल गांधी के टी-शर्ट ने मीडिया में बहुत सुर्खियां बटोरी हैं। इस पर विवाद तब हुआ जब भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बरबेरी ब्रांड की 41 हजार रुपये की टी-शर्ट पहनकर यात्रा कर रहे हैं। साथ ही उनकी घड़ी और जूतों को लेकर भी सवाल उठाये।
तपस्वी और पुजारी के विवाद में फंसे राहुल गांधी
जब भारत जोड़ो यात्रा हरियाणा पहुंची तो राहुल गाँधी ने एक प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस तपस्या में यकीन रखती है जबकि बीजेपी पूजा का संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि BJP और RSS लोगों को उनकी पूजा करने के लिए मजबूर करते हैं। भारत तपस्वियों का देश है, न की पुजारियों का। जिसके बाद, कई हिंदू संगठनों ने राहुल गांधी के इस बयान की घोर निंदा की।
भगवान राम से की गयी राहुल गांधी की तुलना
जब यात्रा उत्तर प्रदेश पहुंचने वाली थी, तब कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से कर दी। उन्होंने मुरादाबाद में प्रेस से बात करते हुए कहा कि भगवान राम की खड़ाऊं बहुत दूर तक जाती है। कभी-कभी खड़ाऊं लेकर भी चलना पड़ता है। हमेशा भगवान राम हर जगह नहीं पहुंच पाते हैं, उनके भाई भरत जी उनकी खड़ाऊं लेकर चलते हैं। खड़ाऊं लेकर हम उत्तर प्रदेश में पहुंच गए हैं। अब रामजी भी पहुंचेंगे। यह हमारा विश्वास है। खुर्शीद के इस बयान पर भाजपा समेत हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध किया था।
मध्य प्रदेश के खरगोन में लगे विवादित नारे
मध्य प्रदेश के खरगोन में इस दौरान यात्रा को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस वीडियो में कुछ लोगों की भीड़ 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगा रही थी। तब कांग्रेस ने इस वीडियो के वायरल होने पर भाजपा की साजिश बताया, उधर भाजपा ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा यही है। मध्य प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि खरगोन में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान विवादित नारे लगाये गए हैं। कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल के जरिये इसे ट्वीट किया गया था और बाद में हटा दिया गया।
सावरकर पर राहुल के बयान से बवाल
भारत जोड़ो यात्रा जब महाराष्ट्र पहुंची तो राहुल गांधी ने विनायक दामोदर सावरकर पर अंग्रेजों की मदद करने का आरोप लगा डाला। उन्होंने कहा कि सावरकर के जेल में रहने के दौरान अंग्रेजों के डर से माफीनामे पर हस्ताक्षर कर महात्मा गांधी और भारत के दूसरे फ्रीडम फाइटर को धोखा दिया था। जिसका लेटर भी उन्होंने सबको दिखाया था। राहुल गांधी के इस बयान ने महाराष्ट्र और देश की राजनीति में सनसनी मचा दी थी। यहां तक कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी इस टिप्पणी से असहमति जताई थी।
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राहुल के साथ दिखे 'विवादित' कैथोलिक पादरी
यात्रा के दौरान ही, राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे एक विवादित कैथोलिक पादरी जॉर्ज पोन्नैया के साथ बातचीत करते हुए दिखाई दिए। इस बातचीत में राहुल गांधी कहते है कि क्या ईसा मसीह भगवान का ही रूप हैं? इस पर पोन्नैया ने कहा कि वही असली भगवान है। दरअसल, पोन्नैया को जुलाई 2021 में ही तमिलनाडु के मदुरै से गिरफ्तार किया गया था। क्योंकि उन्होंने पीएम मोदी, और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं पर आपत्तिजनक बयान दिया था।
यात्रा के कंटेनरों पर हुआ विवाद
इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के रुकने के लिए कंटेनर बनाये गए थे। उन कंटेनरों को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित कृषि विश्वविद्यालय में कैंप में खड़ा किया गया। यहां पर लेफ्ट विंग (CPM) की छात्र इकाई ने इन कंटेनरों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद इन कंटेनरों को विश्वविद्यालय से हटाकर स्कूलों में खड़ा कराया गया। इस बीच, सोशल मीडिया में कटेनरों में मौजूद ऐशोआराम से भरी सुविधाओं के वीडियो और फोटो तेजी से वायरल हो गए। भाजपा ने भी इस पर चुटकी लेते हुए इसे 'आराम यात्रा' करार दिया।
RSS की 'हाफ पैंट' पर विवादित पोस्ट
7 सितंबर 2022 को तमिलनाडु से शुरू हुई इस यात्रा पर सबसे पहला और बड़ा विवाद 12 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की खाकी हाफ पैंट में आग लगाने की फोटो ट्वीटर पर पोस्ट करने से हुई।
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