Budget 2023-24: बजट 2023 से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जो आम आदमी के काम की हैं
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2023-24 का आम बजट आज पेश किया। इस बार के बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी जनता के लिए वित्तमंत्री ने क्या घोषणाएं की हैं?

Budget 2023-24: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि यह अमृत काल का पहला बजट है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में मंदी के माहौल में भी भारत की आर्थिक वृद्धि 7 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। यह भारत के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि देश की इकॉनमी का आकार बढ़ा है और 9 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 10वीं से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।
7 लाख प्रति वर्ष आय पर कोई टैक्स नहीं
बजट 2023-24 में नई टैक्स स्कीम को चुनने वालों को 7 लाख रुपये तक की कुल आय पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन उन्हें कोई टैक्स रिबेट नहीं मिलेगी। इसके अतिरिक्त पुरानी टैक्स स्कीम में इनकम टैक्स स्लैब की संख्या घटाकर 5 कर दी गई है। इसमें 0-3 लाख आय तक कोई टैक्स नहीं होगा। 3 से 6 लाख तक 5 प्रतिशत, 6 से 9 लाख तक 10 प्रतिशत, 9 से 12 लाख तक 15 प्रतिशत, 12 से 15 लाख तक 20 प्रतिशत और 15 लाख से अधिक पर 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
इसे इस तरह समझ सकते हैं कि अगर आपकी आय 7 लाख या उससे कम है और आप नई टैक्स स्कीम को चुनते हैं तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन पुरानी टैक्स स्कीम में कई टैक्स रिबेट का लाभ मिलता है। उसमें अगर 9 लाख सालाना आय है तो उसमें आपको कुल 45 हजार रुपये टैक्स देना पड़ेगा। इसमें आपकी आय के 3 लाख रुपये टैक्स फ्री होंगे। 3 से 6 लाख रुपये तक की आय पर 5 प्रतिशत (15 हजार) टैक्स लगेगा। 6 से 9 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत (30 हजार) टैक्स लगेगा। लेकिन टैक्स रिबेट वाली स्कीम में कई प्रकार के निवेश पर कर छूट प्राप्त की जा सकती है।
महिलाओं के लिए बचत सम्मान योजना
बजट में वित्तमंत्री ने महिलाओं के लिए 'बचत सम्मान योजना' लॉन्च करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं बचत के लिए प्रोत्साहित होंगी। इसमें 2 लाख रुपये तक महिलाएं पैसा जमा कर सकेंगी तथा इस बचत पर 7.5 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिलेगा।
किसानों के लिए श्री अन्न योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए श्री अन्न योजना लागू करने का ऐलान बजट में किया है। इसके तहत मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। जिसमें बाजरा, ज्वार, रागी जैसे मिलेट्स के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मिलेट्स संस्थान की भी हैदराबाद में स्थापना की जाएगी।
वहीं किसान क्रेडिट गारंटी योजना के लिए 9 हजार करोड़ का प्रावधान इस बजट में किया गया है तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (सालाना 6000 रुपये) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बुजुर्गों के लिए खुशखबरी
इस बजट में वित्तमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक खाता योजना की सीमा 4.5 लाख रुपये से 9 लाख रुपये की जाएगी। इसका अर्थ यह है कि सीनियर सिटिजन (बुजुर्ग) इस स्कीम में अधिकतम 4.5 लाख रुपये की जगह 9 लाख रुपये तक जमा करवा सकेंगे। वहीं, संयुक्त खाते में अधिकतम जमा रकम की सीमा बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है।
मुफ्त अनाज की समय सीमा एक साल और बढाई
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 2 लाख करोड़ रुपये का खर्च केंद्र सरकार कर रही है। अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
कृषि स्टार्ट-अप के लिए कृषि कोष की स्थापना
सरकार का आर्थिक एजेंडा नागरिकों के लिए अवसरों को सुविधाजनक बनाने, विकास और रोजगार के अवसर को तेज गति प्रदान करने के साथ ही व्यापक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने पर केंद्रित है। वित्तमंत्री ने कहा कि खेती से जुड़े स्टार्टअप को सरकार प्राथमिकता देगी। युवा उद्यमियों के कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि कोष की स्थापना की जाएगी। पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन पर विशेष फोकस रखते हुए कृषि ऋण टारगेट को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।
जैविक खेती के लिए गोबरधन योजना
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वित्तमंत्री ने बजट में गोबरधन योजना शुरू करने का ऐलान किया है। जिसके अंतर्गत 500 नए प्लांट बनाए जाएंगे, जिसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके साथ ही सरकार एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए 10,000 बायो इनपुट रिसर्च सेंटर बनाएगी। इसके साथ-साथ वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए स्टोर क्षमता बढ़ाने का भी ऐलान किया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट 66 फीसदी बढ़ा
प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट भी 66 प्रतिशत बढ़ाकर 79,000 करोड़ किया गया है। इससे गरीब परिवारों को घर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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वित्त मंत्री ने बजट 2023-24 के 7 लक्ष्य बताए, जिसे उन्होंने सप्तर्षि कहा। 1. समावेशी विकास, 2. वंचितों को वरीयता, 3. बुनियादी ढांचा और निवेश, 4. क्षमता विस्तार, 5. हरित विकास, 6. युवा शक्ति, व 7. वित्तीय क्षेत्र।
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