Bridge Collapse Accidents: भारत में पुल टूटने से हुए बड़े हादसे
इस दुर्घटना से पहले भी पुल टूटने के अनेक हादसे भारत में पिछले दो दशकों में हो चुके हैं।
30 अक्टूबर 2022 की शाम गुजरात के मोरबी में एक केबल सस्पेंशन ब्रिज टूटने से कई जिंदगियां समाप्त हो गईं। इस पुल पर खड़े लगभग 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए। हादसे में अब तक 141 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 150 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

कहा जा रहा है कि मच्छु नदी पर बना मोरबी केबल पुल मरम्मत कार्य व रखरखाव में कमी, कुप्रबंधन या अन्य तकनीकी कारणों से ढह गया है। ब्रिटिश काल में बनाया गया यह पुल काफी पुराना था। 6 महीने तक चली मरम्मत के बाद इस पुल को 26 अक्टूबर 2022 को जनता के लिए खोला गया था। लेकिन, इस दुर्घटना से पहले भी पुल टूटने के अनेक हादसे भारत में पिछले दो दशकों में हो चुके हैं।
- 22 जून 2001: मंगलौर-चेन्नई मेल ट्रेन केरल के कोझीकोड जिले के कदलुंडी रेलवे स्टेशन के पास नदी पर बने एक पुल के पिलर टूटने से बेपटरी हो गई थी। ट्रेन के चार डिब्बे नदी में समा गए थे। इस हादसे में 59 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।
- 10 सितंबर 2002: बिहार के रफीगंज रेल पुल पर कोलकाता से नई दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 130 लोगों की मौत हो गई थी।
- 28 अगस्त 2003: दमन के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में एक पुल नदी में गिर गया था, जिससे एक स्कूल बस और कई अन्य वाहन पानी में बह गए थे। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी।
- 29 अक्टूबर 2005: तेलंगाना के वेलिगोंडा रेलवे ब्रिज ढहने से पूरी ट्रेन पानी में चली गई थी, जिसमें 114 लोग मारे गए थे। पुल का एक हिस्सा बह जाने से यह हादसा हुआ था। अचानक आई बाढ़ के कारण हैदराबाद के निकट यह हादसा हुआ था।
- 2 दिसंबर 2006: बिहार के भागलपुर रेलवे स्टेशन पर एक 150 साल पुराना पुल टूट गया, जिसमें 33 लोगों की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि हावड़ा-जमालपुर सुपरफास्ट ट्रेन के पुल से गुजरने के समय यह हादसा हुआ था।
- 9 सितंबर 2007: हैदराबाद के पंजागुट्टा में फ्लाईओवर पुल निर्माण के दौरान गिर गया था, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी।
- 24 दिसंबर 2009: राजस्थान के कोटा जिले में एक निर्माणाधीन पुल के ढहने से मलबे में फंसे 37 मजदूरों की मौत हो गई थी।
- 22 अक्टूबर 2011: भारत के चाय उत्पादक क्षेत्र दार्जिलिंग में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पुल ढह गया था, जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई थी।
- 10 जून 2014: गुजरात के सूरत में पंडित दीनदयाल उपाध्याय केबल ब्रिज का 35 मीटर लंबा और 650 टन वजनी स्लैब 40 फुट की ऊंचाई से ढह गया था, जिसमें से 10 लोगों की मौत हो गई थी और 6 लोग घायल हो गए थे।
- 31 मार्च 2016: कोलकाता में निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर का लगभग 100 मीटर का हिस्सा गिरने से 27 लोगों की मौत हो गई थी।
- 2 अगस्त 2016: महाराष्ट्र में सावित्री रिवर ब्रिज हादसे में 28 लोग मारे गए थे। महाड़ के पास सावित्री नदी पर बना 106 साल पुराना पुल ढह गया था।
- 18 मई 2017: गोवा के कुरचोरेम में सैनवोर्डेम नदी पर पुर्तगाली युग के एक जर्जर पुल के ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लापता हो गए थे।
- 29 सितंबर 2017: मुंबई में एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन के पुल पर अचानक भगदड़ मचने से 23 लोगों की मौत हो गई थी और 39 लोग घायल हो गए थे।
- 15 मई 2018: वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया था। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
- 4 सितंबर 2018: कोलकाता में मजेरहाट पुल टूट गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कम-से-कम 25 लोग घायल हो गए।
- 14 मार्च 2019: मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर को बदरुद्दीन तैयबजी लेन से जोड़ने वाले फुटओवर ब्रिज का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया था। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी और कम-से-कम 30 अन्य घायल हुए थे।












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