बिहार की काबलियत के सामने ये आंकड़े अफसोसनाक हैं
इस वक्त बिहार के लोगों के बीच सिर्फ एक ही मंथन चल रहा है- किसे वोट दें? किसे चुनें अपना विधायक? कौर मेरे बिहार को विकास की नई दिशा दिखा सकता है? कौन है जो इस राज्य को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को टक्कर देने लायक बना सकता है? जी हां अगर आप बिहार से हैं, और आपके मन में ये सवाल उठ रहे हैं, तो आप अपने राज्य के सबसे बड़े हितैशी हैं, क्योंकि आपका एक वोट देश के 7% युवाओं के जीवन को बदल सकता है। [बिहार चुनाव विशेष]
कौन हैं ये 7 फीसदी युवा?
ये वो युवा हैं जो बहुत पढ़े-लिखे हैं, बुद्धिमान हैं और अपने क्षेत्र में काबिल भी, लेकिन उनके पास नौकरी नहीं है। सबसे ज्यादा आईएएस पैदा करने वाले बिहार की काबीलियत से हर कोई परिचित है और हर कोई जानता है कि इस राज्य में जितनी क्षमता है, उतनी दो राज्यों को मिलाने पर नहीं। बस अवसर की जरूरत है। [बिहार से जुड़े रोचक तथ्य]
बिहार की काबलियत को देखने के बाद बेरोजगारी की तस्वीर देखने के बाद आपको अफसोस जरूर होगा। स्लाइडर में कुछ आंकड़े जिन पर आने वाली सरकार को गंभीरता से लेना चाहिये-

2.8 करोड़ युवा
बिहार के 10.4 करोड़ की जनसंख्या में 2.8 करोड़ 15 से 30 वर्ष की आयु के हैं।

27% गरीब
27% आबादी की गरीबी रेखा के नीचे आती है।

17.5 प्रतिशत बेरोजगार
यहां 17.5 प्रतिशत बेरोजगार हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत है।

बेराजगारी दर 1.4 प्रतिशत
30 से ज्यादा उम्र वालों की बेरोजगारी दर 1.4 प्रतिशत है।

कृषि आधारित जीवन
बिहार के ज्यादातर युवा कृषि से जुड़े हैं। उसके बाद निर्माण क्षेत्र व व्यापार क्षेत्र से जुड़े हैं।

मात्र 3 हजार उद्योग
2013 के आंकड़ों के अनुसार बिहार में मात्र 3,345 उद्योग हैं।

कृषि का विकास जरूरी
कृषि की विकास दर 3.7 प्रतिशत है। यानि इस क्षेत्र में रोजगार की गति धीमी है।

बेरोजगारी दूर करना बड़ा लक्ष्य
कुल मिलाकर जिसकी सरकार बनेगी, उसका सबसे पहला लक्ष्य बेरोजगारी दूर करना होना चाहिये।












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