Asian Games: खेलों को अपनी आर्थिक ताकत का प्रतीक बना रहा है चीन
Asian Games: खेल को खेल भावना से लेने के बजाय चीन खेलों के आयोजन को अपने कूटनीतिक और आर्थिक हितों को साधने का यंत्र बना रहा है। पहले भारत के खिलाड़ियों, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश के निवासी खिलाड़ियों, को वीजा देने में अपनी छुद्र मानसिकता का प्रदर्शन किया और अब चीन यह प्रचार कर रहा है कि तीन तीन एशियाई खेलों का आयोजन उसकी आर्थिक ताकत का प्रतीक है।
पिछले 33 वर्षों के दौरान चीन ने 1990 में बीजिंग, 2010 में गुआंगज़ौ, और अब 2023 में हांगझू में एशियाई खेलों की मेजबानी की है। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने 26 सितंबर को लिखा कि तीन मेजबान शहर में एशियाई खेलों के साथ चीन की भागीदारी चीन की महान आर्थिक उपलब्धियों के प्रमाण हैं।

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि 1990 के बीजिंग एशियाई खेलों के दौरान, चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास के पथ पर चल पड़ी। तब चीन की वार्षिक जीडीपी केवल 1.89 ट्रिलियन युआन; यानी 395 अरब डालर थी। उस समय अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन की आवाज़ काफी सीमित थी। चीन को अक्सर "पिछड़ा", "रूढ़िवादी" देश के रूप में संबोधित किया जाता था। लेकिन 33 साल बाद पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के हांगझू में 19वें एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के समय चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2022 में चीन का वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद 121.02 ट्रिलियन युआन से अधिक हो गया है, जो 1990 की तुलना में लगभग 64 गुना अधिक है।
क्या हैं एशियन गेम्स?
एशियन गेम्स या एशियाड एक खेल आयोजन है, जो एशियाई देशों के एथलीटों के बीच हर चार साल में आयोजित किया जाता है। 1951 में भारत में पहले एशियन गेम्स से लेकर 1978 के एशियन गेम्स तक इन खेलों का आयोजन एशियाई खेल महासंघ (एजीएफ) द्वारा किया जाता था। लेकिन 1982 के एशियन गेम्स के बाद से एशियन गेम्स का आयोजन एशिया ओलंपिक परिषद (ओसीए) द्वारा किया जाता है।
एशियन गेम्स को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा मान्यता प्राप्त है और यह ओलंपिक के बाद दूसरा सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन है। एशियन गेम्स में एशिया ओलंपिक परिषद (ओसीए) के सभी 45 सदस्य खेलों में भाग लेते हैं।
चीन में एशियन गेम्स
19वें एशियन गेम्स 23 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2023 तक चीन के हांगझोऊ में आयोजित हो रहे हैं। 1990 में बीजिंग और 2010 में गुआंगज़ौ के बाद यह तीसरी बार होगा जब चीन एशियन गेम्स आयोजित कर रहा है। इस बार के एशियन गेम्स में कुल 40 खेलों के 481 इवेंट शामिल हैं। इन 15 दिनों के एशियन गेम्स में सभी एशियाई देशों के एथलीट 483 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे।
इस बार के एशियन गेम्स में चीन ने 887 खिलाड़ियों के साथ दूसरा सबसे बड़ा खिलाड़ियों का बेड़ा मैदान में उतारा है, 934 खिलाड़ियों के साथ पहले स्थान पर थाईलैंड है। हांगझोऊ एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 23 सितंबर, 2023 को आयोजित किया गया था, और इसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी भाग लिया था।
एशियन गेम्स में भारत
एक साल देरी से हो रहे एशियन गेम्स 2022 में भारत का प्रदर्शन बहुत ही जबरदस्त चल रहा है। चीन में कोविड के फिर से फैलने के कारण सितंबर 2022 में होने वाले एशियन गेम्स 2022 को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया था। अभी चल रहे एशियाई खेलों में भारत के 653 खिलाड़ियों (328 पुरुष और 325 महिला) ने 35 खेलों में हिस्सा लिया है।
वीजा के नाम पर चीन की घटिया हरकत
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने अरुणाचल प्रदेश के तीन एथलीटों को मान्यता देने से इंकार कर दिया है, जो हांग्जो एशियन गेम्स में भाग लेने वाले थे। एथलीटों को वीजा देने से इंकार कर दिया गया और इसके बदले स्टेपल वीजा दिया गया, जो भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। चीन की इस घिनौनी हरकत के लिए भारत ने चीन के खिलाफ विरोध भी दर्ज किया और चीन के खिलाफ मोर्चा खोला। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि चीन ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों को चीन अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दावा करता है। भारत के युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने चीन की इस हरकत के विरोध में अपनी चीन यात्रा रद्द कर दी।
पहले भी कर चुका है घिनौनी हरकत
2016 में भारतीय बैडमिंटन टीम के मैनेजर बामंग टागो को चीन ने वीजा देने से इंकार कर दिया था क्योंकि वह अरुणाचल प्रदेश के निवासी थे, जिसके कुछ भाग पर चीन अपना दावा मानता है। लेकिन चीन ने बाद में यह दावा किया कि भारतीय बैडमिंटन टीम के कोच ने खुद अपनी विजा एप्लीकेशन को वापस लिया, जिसके कारण उन्हें वीजा नहीं दिया गया। हालांकि बाद में भारत या बैडमिंटन कोच की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि बामंग टागो ने अपनी विजा एप्लीकेशन वापस ली थी या नहीं। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में तो यही दावा किया गया था कि चीन ने बामंग टागो को वीजा देने से इंकार कर दिया है।












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