AMU Turns 100: कॉलेज की इमारत बनवाने के लिए 'कोठों' से लिया गया था चंदा, जानिए कुछ रोचक बातें

Aligarh Muslim University Turns 100 Years Today: देश की मशहूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी आज 100 बरस की हो गई है। साल 1875 में इसकी स्थापना की गई थी और साल 1920 में इसे केंद्रीय विवि का दर्जा दिया गया था। आपको बता दें कि इस मुस्लिम विवि की स्थापना कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की तर्ज पर की गई । विवि बनने से पहले ये मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज था। इसके संस्थापक महान मुस्लिम समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान थे, जिन्हें इसे बनाने के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा था। कहा जाता है कि कॉलेज बनाने के लिए सैयद खान ने समाज के हर क्षेत्र से चंदा एकत्र किए थे, यहां तक कि उन्हें तवायफों के 'कोठों' से भी पैसे लिए थे।

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    तवायफों से लिया था चंदा तो भड़क गए थे कट्टरपंथी

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    हालांकि 'कोठों' से चंदा लेने की बात सामने आने के बाद उस वक्त कट्टरपंथी भड़क भी गए थे और उन्होंने इसका विरोध किया था लेकिन इन सब की परवाह ना करते हुए सर सैयद अहमद खान का पूरा लक्ष्य देश में एक ऐसे कॉलेज का निर्माण करना था, जो कि 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' कहलाए। बनारस में सिविल जज के तौर पर पोस्टेड सर सैयद खान को लोग मृदभाषी कहते थे लेकिन वो जिद्दी भी थे, एक बार जो चीज उनके मन में समा जाती थी, वो उसे पूरा करके ही दम लेते थे और इसी के चलते देश में अलीगढ़ विवि ने जन्म लिया।

     इकोफ्रेंडली था अलीगढ़ इसलिए बना वहां कॉलेज

    इकोफ्रेंडली था अलीगढ़ इसलिए बना वहां कॉलेज

    कॉलेज के निर्माण के लिए उन्होंने काफी लंबा प्लान बनाया था, उन्होंने शोध के लिए एक कमेटी बनाई थी, जिसने लंबी रिसर्च के बाद अलीगढ़ को कॉलेज निर्माण के लिए चुना क्योंकि उस वक्त के हिसाब से अलीगढ़ का वातावरण काफी इकोफ्रेंडली था और ये शहर हजरत अली के नाम पर बसा था, इसलिए सैयर खान अलीगढ़ का चुनाव किया था। कहा जाता है कि कॉलेज के लिए फंड जुटाने के लिए सैयद खान ने तब कई नाटकों में भी काम किया था, कई ड्रामों में तो वो लैला के रूप में भी नजर आए थे, मालूम हो कि उस वक्त के नाटकों में महिलाओं का रोल भी पुरुष ही किया करते थे इसलिए कई ड्रामों मे सर सैयद खान ने लैला के रूप में स्टेज पर डांस किया था। फिलहाल तमाम प्रयासों के बाद साल 1875 में ये कॉलेज अस्तित्व में आया।

     विश्वविद्यालय में 250 से अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं

    विश्वविद्यालय में 250 से अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं

    मालूम हो कि कई प्रमुख मुस्लिम नेताओं, उर्दू लेखकों और उपमहाद्वीप के विद्वानों ने विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 250 से अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। कुछ पाठ्यक्रमों में सार्क और राष्ट्रमंडल देशों के छात्रों के लिए सीटें आरक्षित हैं। विश्वविद्यालय सभी जाति, धर्म के छात्रों के लिए खुला है। अलीगढ़ दिल्ली के दक्षिण पूर्वी में 130 किमी दूरी पर दिल्ली-कोलकाता रेलवे और ग्रांड ट्रंक रूट पर स्थित है।

    PAK के पहले PM लियाकत अली ने की यहां से पढ़ाई

    PAK के पहले PM लियाकत अली ने की यहां से पढ़ाई

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह का हिस्सा बने। करीब पांच दशक बाद ऐसा हो रहा है जब AMU के किसी कार्यक्रम में कोई प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन दिया है। भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन, पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान, प्रमुख हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद, मशहूर अभिनेता नसीरूद्दीन शाह, गीतकार जावेद अख्तर, मशहूर शायर कैफी आजमी ने यहां से पढ़ाई की है।

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