साइबर हमलेः फिरौती के बाद भी नहीं बच सकते रैनसमवेयर से
हाल ही में पूरी दुनिया में कई कंपनियों पर साइबर हमला हुआ. तकनीक विशेषज्ञों का कहना है कि ये पिछले महीने 'वानाक्राई रैनसमवेयर' जैसा हमला हो सकता है.
रैनसमवेयर एक तरह का मैलवेयर होता है जिसका पूरा नाम मैलिशस सॉफ़्टवेयर है.
फिर साइबर हमले की चपेट में दुनिया, यूक्रेन में बैंक और कई कंपनियां ठप्प
क्या है 'फ़िरौती वायरस', जो करता है पैसे की उगाही
हैकर्स किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम या ब्राहउज़र की ख़ामियों का फायदा उठाते हैं.
उदाहरण के लिए माइक्रोसॉफ़्ट ऑपरेटिंग सिस्टम की एक ख़ामी थी, इटर्नल ब्लू, जिस पर हैकर्स ने हमला किया.
इसकी प्रक्रिया बहुत साधारण होती है. किसी भी वेबसाइट के लिए सिस्टम के अंदर एक पे डाउनलोड का तंत्र होता है.
जब किसी वेबसाइट से कोई मैलवेयर डाउनलोड होकर सिस्टम में चला जाता है तो वो उसकी ख़ामियों को स्कैन करता है.
फिरौती का क्या होता है तरीक़ा?
जो वर्तमान में हमला हुआ है, उसमें मैलवेयर ने सिस्टम की फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट कर देता है और फ़ाइलें लॉक हो जाती हैं, उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
हैकर की ओर से इसमें एक संदेश आ रहा है कि अगर बिटक्वाइन के मार्फत फिरौती नहीं दी तो वो कम्प्यूटर लॉक रखेंगे.
वादा किया जाता है कि फिरौती के एवज में वो एक कोड देंगे जिससे कम्प्यूटर को अनलॉक किया जा सकता है.
अक्सर पर फिरौती के बाद भी ये कोड नहीं दिया जाता है.
ताज़ा मामले में अजीब बात ये है कि सभी यूज़र्स को एक ही ईमेल आईडी दी गई और फिर उस ईमेल आईडी को डिलीट कर दिया गया.
अब ये पता नहीं चल पा रहा है कि ये रैनसमवेयर ही है. इससे पहले तक प्रभावित यूज़र्स को अलग अलग ईमेल आईडी से कोड दिया जाता था.
कितना बड़ा नुकसान?
इसलिए ऐसा लगता है कि ताज़ा हमले का मक़सद पैसे कमाना नहीं है बल्कि डाटा नष्ट करना है.
पिछले दो मामलों, वानाक्राई और पेट्या के दौरान ये देखा गया है कि ये खुद-ब-खुद बढ़ने वाला मैलवेयर है.
इसका मतलब है कि हैकर को ज़्यादा कुछ करना नहीं पड़ रहा है. उसने एक सिस्टम में घुसपैठ करा दी, उसके बाद ये खुद बखुद एक कम्प्यूटर से दूसरे और एक नेटवर्क से दूसरे में फैल रहा है.
इसलिए इससे कितना नुकसान होगा ये कहा नहीं जा सकता.
हां सावधानियां बरतकर इससे रोका जा सकता है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है तकनीकी विभाग की.
सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर्स की ओर से सबसे बड़ी लापरवाही हो रही है. वो सही समय पर ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट नहीं करते.
हैकर तो सिस्टम में खामी की निगरानी कर रहा है. जहां मौका मिला, वो हमला बोल देता है.
क्या है उपाय?
इसलिए सबसे पहले अपने सिस्टम और एंटी वायरस को अपग्रेड करना चाहिए.
अगर ऑपरेटिंग सिसक्टम प्रदाता कंपनी खामी को दुरुस्त करने के लिए कोई पैच रीलीज़ करती है तो उसे तुरंत अपडेट किया जाना चाहिए.
अगर निजी तौर पर पर वेबसाइटों को चेक करना चाहते हैं तो यूआरएल चेकर के नाम से एक वेबसाइट है उसकी मदद ले सकते हैं.
इसके अलावा जो प्लानिंग इस्तेमाल में न हों, उसे डिलीट कर देना चाहिए.
सबसे बड़ी बात ये है कि सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर्स को सुरक्षा के सारे उपायों को लागू करना चाहिए.
(कोम्प टीआईए के रीजनल डायरेक्टर प्रदीप्तो चक्रबर्ती से बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा की बातचीत पर आधारित)
-
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
Hyderabad Bengaluru Bullet Train: 626 किमी के प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, DPR पर बड़ा अपडेट आया -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Silver Rate Today: चांदी के दाम में भारी गिरावट, ₹5000 तक सस्ती,आपके शहर में क्या 100g और 1kg का ताजा भाव -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: ₹64 लाख बढ़ी CM की संपत्ति, कौन हैं पत्नी रिनिकी, दोनों में कौन ज्यादा अमीर? -
LPG Crisis: 5 साल तक गैस और तेल की रहेगी किल्लत! दुनिया की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी के CEO के दावे से हड़कंप -
Dhurandhar-2 में 'अतीक अहमद' बनने वाले Salim Siddiqui कौन? कितनी ली फीस? UP माफिया का खुला PAK काला चिट्ठा! -
दुष्कर्म के आरोपी बाबा के चरण धोती दिखीं महिला आयोग अध्यक्ष, CM फडणवीस ने तुरंत मांगा इस्तीफा, छिनी कुर्सी -
Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: दिल्ली में आज क्या खुला, क्या बंद? ईद पर बैंक, स्कूल-बाजारों की लेटेस्ट अपडेट -
Iran War Updates: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए गुड न्यूज, एक साथ कितने टैंकर होंगे रवाना? आ गया अपडेट












Click it and Unblock the Notifications