उत्तर प्रदेश में 38 लाख नए मतदाता, रिझाने के लाख जतन!

पार्टी ने युवाओं के लिए 'विकास मॉडल' तैयार किया है। 'नमो क्रिकेट' प्रतियोगिता से लेकर स्कूलों में 'नमो ब्रांड एंबेसडर' भी बनाए हैं। युवा वर्ग को रोजगार व विकास के नाम पर सोशल मीडिया के मार्फत आकर्षित करने का काम जारी है। इसमें कहीं मोदी का गुजरात है तो कहीं अटल बिहारी वाजपेयी का युवाओं को रोजगार देने का वादा और उसका अनुपालन। भाजपा ने पहली दफा मतदाता बने इन वोटरों को लुभाने की जिम्मेदारी जनता युवा मोर्चा को सौंपी है।
पढ़ें- लोकसभा चुनाव के जिम कैरी हैं केरजवाल
युवा वर्ग को रोजगार व विकास के नाम पर सोशल मीडिया के मार्फत आकर्षित करने का काम जारी है। इसमें कहीं मोदी का गुजरात है तो कहीं अटल बिहारी वाजपेयी का युवाओं को रोजगार देने का वादा और उसका अनुपालन। भाजपा ने पहली दफा मतदाता बने इन वोटरों को लुभाने की जिम्मेदारी जनता युवा मोर्चा को सौंपी है।
युवा मोर्चा ने इन मतदाताओं को जोड़ने के लिए जोर-शोर से सदस्यता अभियान चलाया जिसमें दस लाख से ज्यादा सदस्य बनाए गए। इसमें बड़ी संख्या में नए मतदाता भी हैं। यह अभियान यही नहीं थमा, इसके बाद 'नमो क्रिकेट' प्रतियोगिता कराई, स्कूलों में 'नमो ब्रांड एंबेसडर' बनाए और अब पार्टी में युवा मोर्चा के प्रभारी को लगाकर इन युवाओं को बूथ स्तर से लामबंद करने की जुगत लगाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में 13 करोड़ पांच लाख मतदाताओं में पहली बार वोट का अधिकार पाए युवाओं की संख्या 2.8 फीसदी है।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, प्रदेश में पहली बार मतदाता बने युवाओं की इस संख्या में 60 फीसदी युवक व 40 फीसदी युवतियां हैं। यह युवा प्रदेश में परिवर्तन का वाहक हो सकता है, इसको भांपते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से लेकर उसके आनुषंगिक संगठनों एवं विद्यार्थी परिषद को इन्हें प्रभावित करने में लगाया गया है। राम मंदिर आंदोलन के बाद भाजपा को मिली कामयाबी से मतदाताओं का यह वर्ग अनजान है। यही वह वर्ग है जो भाजपा से यह सवाल नहीं करेगा कि इस बार के चुनाव में फिर राम मंदिर के मुद्दे को दरकिनार करने की वजह क्या है?
पार्टी समझती है कि युवा वर्ग का रुझान जाति-धर्म से हटकर विकास व रोजगार में ज्यादा है। ऐसे में इन्हें रिझाने के लिए गुजरात की विकास गाथा को अस्त्र बनाया गया है। इस वर्ग की प्राथमिकता विकास और रोजगार के आधार पर ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के शासनकाल में युवाओं के लिए किए गए कार्य को भी इसमें शामिल किया गया है।
भाजपा के शासनकाल में युवाओं को रोजगार दिए जाने का लेखा-जोखा बनाया गया है। यही नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह व कल्याण सिंह के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में युवाओं को मिली नौकरियों का भी डाटा बैंक तैयार कर इस वर्ग को लुभाने की तैयारी की गई है। पार्टी को पता है कि मोबाइल, इंटरनेट से लैस यह पीढ़ी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा शिरकत करती है, इसलिए सोशल मीडिया पर भी पार्टी काफी सक्रिय है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
-
Radhikaraje Gaekwad को है बेटा ना होने का मलाल? 25000 करोड़ के महल में रहने वाली रानी ने खोला राज -
Ayesha Takia ने मुस्लिम से निकाह के बाद होठों पर सहा इतना दर्द, बदल गई सूरत, तस्वीरों ने खोला राज! -
Monalisa निकली नाबालिग, मुस्लिम पति पर POCSO केस दर्ज, 16 की उम्र में कैसे हुई महाकुंभ वायरल गर्ल की शादी? -
Iran US War Peace Talks: संकट में ईरान-अमेरिका शांति वार्ता, नहीं गया ईरान! धरी रह गई शरीफ की तैयारी! -
Ayesha Takia Love Story: सलमान खान की हिंदू हीरोइन ने 23 साल की उम्र में इंटरफेथ लव मैरिज, क्या अपनाया इस्लाम? -
Yamuna Boat Capsized: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 लोगों की मौत, कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? -
Gold Rate Today: सोने के दामों में लगातार गिरावट जारी, अब इस भाव में बिक रहा है 22K और 18k गोल्ड रेट -
West Bengal Elections 2026: '₹1000 करोड़ की डील', ओवैसी ने तोड़ा हुमायूं कबीर से गठबंधन, क्या है वजह? -
'पति के साथ काम करूंगी', शादी करते ही टॉप एक्ट्रेस का बर्बाद हुआ करियर, बदले तेवर और डूब गया स्टारडम -
Bihar में का बा? CM कौन होगा? BJP की बैठक से पहले सम्राट चौधरी-श्रेयसी सिंह को क्यों दिल्ली बुलाया? -
RR vs RCB: टॉस के बाद फिर से बारिश, कब शुरू होगा राजस्थान-आरसीबी मैच, नया टाइम हुआ निर्धारित -
Aamir Khan: इतनी मोहब्बत थी तो रीना को छोड़ा क्यों? आमिर के शराब पीने वाली बात पर क्यों भड़के लोग?












Click it and Unblock the Notifications