Sneezing: 10 घरेलू उपाय जो छींक की परेशानी को दूर करने में हैं सहायक

नई दिल्ली। छींक आना कोई बड़ी बात नहीं है। हम सभी समय-समय पर इसका अनुभव करते हैं लेकिन जब यही छींक बढ़ जाए तो मुश्किल हो सकती है। छींक आने की बहुत सी वजह हो सकती है। फिर चाहे ठंड हो या किसी तेज गंध से होने वाली एलर्जी भी हो सकती है।

क्यों आती है छींक ?
छीकना एक सामान्य प्रक्रिया है। जब भी कोई भी बाहरी चीज जैसे धूल, धुआं, गंदगी आदि हमारी नाक में घुसने की कोशिश करती है तो हमारा सुरक्षातंत्र तुरंत एक्टिव हो जाता है। इसके चलते कई बार हमारी नाक में हल्की जलन सी होने लगती है। हमारी नाक को साफ करने और धूल के कणों को हटाने के लिए खुद को तैयार करने लगती है और छींकने की वजह बनती है। आसान भाषा में कहें तो छींकना बाहरी जीवाणुओं के खिलाफ रक्षा की प्रक्रिया है। जो थोड़ी देर बाद बंद हो जाती है। लेकिन अगर यह लंबी चल रही है तो चिंता की बात है। यह आपको पूरी तरह निचोड़ कर रख देती है। आइए हम ऐसे ही कुछ प्राकृतिक तरीकों की जानकारी आपको देते हैं जो छींक से आपको राहत दिला सकते हैं।

भाप लेना करेगा मदद

भाप लेना करेगा मदद

छींक के इलाज के लिए गर्म पानी की भाप के साथ साँस लेना अच्छा तरीका है। करना बसे ये है कि एक बड़े कटोरे में थोड़ा गर्म पानी लें और इसके द्वारा निकलने वाली भाप पर झुकें। अपने सिर को तौलिए से ढकें जिससे भाप ठीक से अंदर आ सके। गर्म भाप से नाक का रास्ता साफ होगा और बहती नाक भी ठीक हो सकती है। यह सर्दी और फ्लू के लिए भी एक प्रभावी उपाय है। अध्ययन बताते हैं कि भाप लेने से बीमारी ठीक होने के समय में एक सप्ताह तक की कमी आ सकती है।

शहद
कई अध्ययन बताते हैं कि शहद सर्दी और फ्लू से संबंधित छींक को रोकने में मदद कर सकता है। हालांकि ये सबसे कारगर तरीका नहीं है लेकिन फिर भी इसके इस्तेमाल में बुराई नहीं है। शहद हमारे शरीर को वातावरण में मौजूद एलर्जी के अनुकूल बनाने में मदद कर सकता है। एक चम्मच शहद का इस्तेमाल जलन को कम कर सकता है और तुरंत राहत मिल सकती है।

भारी भोजन से बचें
यह अजीब लग सकता है लेकिन कुछ लोग भारी भोजन के बाद भी छींकने लगते हैं। डॉक्टरों की भाषा में इसे स्नैटिएशन कहा जाता है, जो दो शब्दों स्नीज (छींक) और सैटिएशन (तुष्टि) से बना है। विशेषज्ञ अभी तक यह नहीं समझ पाए हैं कि ऐसा क्यों होता है। लेकिन खाने को कम करके और छोटी बाइट लेने से इससे बचा जा सकता है।

कुछ अजीब कहना

कुछ अजीब कहना

आपने सुना होगा कि घरों में जब छींक आती है तो लोग अजीब शब्द बोलने को कहते हैं। ऐसा माना जाता है कि अजीब या जीभ घुमा देने वाले शब्द आपका ध्यान छींकने से हटा सकते हैं और आपको बेहतर महसूस करा सकते हैं। हालांकि इस दावे को साबित करने के लिए कोई प्रमाण नहीं है। आप कोशिश कर सकते हैं और देखें कि क्या यह काम करता है।

तालु में करें गुदगुदी
एक पुरानी मान्यता है कि जब बहुत छींक आ रही हो तो मुंह के ऊपरी हिस्से को, जिसे तालु कहते हैं, उसे गुदगुदाने से भी छींक से राहत मिलती है। अपनी जीभ को तालु पर हल्क-हल्के चलाइए। ये आपको छींक को रोकने में मदद करेगा। यह कानों में गुदगुदी करने से भी यह काम करता है।

रोशनी को न देखें
तेज रोशनी के संपर्क में आने या सीधे सूर्य की रोशनी में देखने से भी कुछ लोगों को छींक आ सकती है। लगभग एक-तिहाई लोग इस स्थिति से पीड़ित हैं जो उन्हें चमकदार रोशनी को देखते हुए छींकने का कारण बनता है। यह परिवार में एक सदस्य से दूसरे सदस्य में जाती है। इससे बचने के लिए जब आप घर से बाहर निकले तो धूप वाला चश्मा लगाएं।

अपनी नाक को झटकें
अपनी नाक से धूल के कण को ​​हटाने के लिए, अपनी नाक से जोर से बाहर की तरफ झटके में हवा बाहर करें। अगर आप धूल कणों को महसूस कर रहे हैं तो ऐसा करना आपको उनसे छुटकारा दिलाएगा। इन कणों के चलते नाक लाल भी हो सकती है। एक बार जब ये कण आपकी नाक से बाहर हो जाते हैं तो आप नाक पर कुछ लोशन लगा सकते हैं।

नाक को दबाएं
आप कहीं बैठे हैं और अचानक छींक आ जाए तो कई बार यह बहुत असहज स्थिति पैदा कर देता है। इससे बचने का आसान तरीका है। जैसे ही लगे कि छींक आने वाली है आप अपने नथुनों को कुछ इस तरह दबाएं जैसे आप दुर्गंध महसूस करने पर दबाते हैं। ये तरीका तुरंत छींक को रोक देगा। नाक को भौहों के ठीक नीचे भी दबा सकते हैं।

विटामिन सी लें

विटामिन सी लें

संतरे और नींबू जैसे खट्टे फलों में फ्लेवोनोइड्स नामक एक रसायन होता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है। फ्लेवोनोइड प्रतिरक्षा बनाने में मदद कर सकता है और आपको ठंड और अन्य एलर्जी पैदा करने वाले अवांछित बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकता है। आप अपने आहार में विटामिन सी की खुराक भी शामिल कर सकते हैं। विटामिन सी आपको तुरंत राहत नहीं दे सकता है, लेकिन समय के साथ छींक को कम कर सकता है। इसके लिए विटामिन सी वाले फलों का सेवन किया जा सकता है।

यूकेलिप्टस का तेल
धूल की एलर्जी के कारण होने वाली छींक को रोकने के लिए यूकेलिप्टस का तेल एक और बेहतरीन उपाय है। यह तेल साइट्रोनेला नामक एक यौगिक से भरा हुआ है। अपने रूमाल में यूकेलिप्टस के तेल की कुछ बूँदें डाल लें और इसे सूँघते रहें। यह नाक को साफ करने में मदद करेगा और धूल के कणों को ​​हटा देगा।

डॉक्टर से मिलें
छींकना ऐसी चीज है जो थोड़ी देर बाद अपने आप खत्म हो जाती है। आपको इसके लिए कोई दवा लेने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप बहुत परेशान हैं तो ऊपर दिए गए घरेलू उपचार आजमा सकते हैं। यह दो दिनों में दूर हो जाता है।। हां अगर इससे ज्यादा हो रहा है तो एक बार डॉक्टर से संपर्क करें। आपको फ्लू भी हो सकता है।

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