Ayodhya DM Board Case : अब लाल हुआ अयोध्या के डीएम आवास का बोर्ड, जानिए क्यों हो रही खूब चर्चा?
अयोध्या, 03 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में किस पार्टी की सरकार बनेगी? ये 10 मार्च को वोटों की गिनती के साथ ही पता चल जाएगा। लेकिन इससे पहले अयोध्या के जिलाधिकारी आवास के बोर्ड के बदलते रंग ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। डीएम ने इसे भवन निर्माण विभाग की नीति बता रहे हैं, लेकिन जनता इसे प्रदेश में सत्ता परिवर्तन से जोड़कर भी देख रही है। आइए जानते हैं अयोध्या के जिलाधिकारी आवास पर लगा हुआ बोर्ड क्यों चर्चा में है।

क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, बोर्ड के रंग को लेकर मामला गर्म है। भगवा रंग के बोर्ड को हटा कर बुधवार को हरे रंग का बोर्ड लगा दिया गया था। मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन ने एक बार फिर बोर्ड का रंग बदलवा दिया है। अब बोर्ड पर लाल रंग कर दिया गया है। बता दें, पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में डीएम अयोध्या का अस्थाई आवास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद डीएम नितीश कुमार ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी, क्योंकि आचार संहिता में ही पीडब्ल्यूडी ने भगवा बोर्ड हटाकर हरा बोर्ड लगा दिया था। बता दें, बोर्ड के रंग का लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि योगी के इशारे पर नाचने वाले अफसरों के होश उड़े।

डीएम नितीश कुमार ने क्या कहा ?
डीएम नितीश कुमार ने इसके बारे में अनिभिज्ञता जाहिर करते हुए बताया कि उनका आवास पीडब्ल्यूडी विभाग के डाक बंगले में हैं। डाक बंगले के रेनोवेशन के साथ विभाग ने हरे रंग का आवासीय बोर्ड लगवाया है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन गलत समय में किया गया है, जिसके बारे में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी की कलर नीति के तहत ही बोर्ड का रंग बदला गया है।

बीजेपी सरकार बनने के बाद रंगों का लेकर खूब हुई राजनीति
बता दें, साल 2017 में बीजेपी सरकार बनने के साथ ही अयोध्या से लेकर वाराणसी तक रंगों की राजनीति भी खूब हुई। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने और नेताओं के दौरों को बढ़ने के बाद कई इमारतों को भगवा रंग में रंग दिया गया। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के समय वाराणसी में भी भगवा रंग पोता गया।












Click it and Unblock the Notifications