इटावा: सर्राफा व्यवसायी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
इटावा। यूपी के इटावा में दोस्त ने अपहरण के बाद फिरौती के लिए सर्राफा व्यवसायी के पुत्र की हत्या कर दी। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज घरवालों ने शव को शमशान घाट से वापस लाकर शहर के चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना है कि अभी भी हत्यारों के फिरौती के लिए फोन कॉल आ रहे हैं।
प्रशासनिक अमला और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।

क्या है पूरा मामला
23 फरवरी की रात 8 बजे सर्राफा व्यवसायी धर्मेंद्र के 22 वर्षीय पुत्र रोहित उर्फ अर्पित जो कि बीएससी थर्ड ईयर का छात्र था। अपने घर से दुकान जाने की बात कहकर निकला, ठीक 1 घंटे बाद अर्पित के मोबाइल से 10 लाख की फिरौती की रकम मांगी जाती है, जिसके बाद घर वाले कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट लिखाते हैं, लेकिन रात भर खोजबीन के बाद पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगता है। एक दिन बाद 24 रविवार की दोपहर शहर से दूर नीलकंठ मंदिर के पीछे बीहड़ में एक व्यक्ति की लाश मिलने की सूचना आती है। तत्काल सीओ सिटी और एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचते हैं। वे देखते है कि युवक के चेहरे को बुरी तरह कुचल कर मार गया है, तभी मोके पर रोते हुए एक युवक पहुंचता और बताता है कि यह शव उनके भतीजे अर्पित का है, जिसकी सूचना लगने के बाद अर्पित के घरवाले और सेकड़ों की संख्या में लोग कोतवाली पहुंचते है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते है।

दोस्त ने मांगे थे पांच लाख रुपए
अर्पित के चाचा विजय ने बताया कि कुछ दिनों पहले अर्पित के एक दोस्त सचिन ने उससे 5 लाख रुपए मांगे थे। हो न हो इसके पीछे अर्पित के दोस्तों का ही काम है। रातभर पुलिस की टीम अर्पित के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर हत्यारों की तलाश में जुट जाती है और सोमवार की सुबह सचिन ओर इसके एक साथी को हिरासत में भी ले लेती है, जिसके बाद घरवाले अर्पित के अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट पहुंच जाते हैं, लेकिन तभी अर्पित के घरवालों के पास अर्पित के नंबर से फिर फोन आता है और फिर से फिरौती की मांग की जाती है।

चौराहे पर शव रखकर तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
अर्पित के घरवाले भड़क जाते है और शव को शमशान घाट से लाकर शहर के बीचोंबीच नगर पालिका चौराहे पर लाकर रख देते है और मांग करते है कि जब तक इस हत्याकांड के तीसरे आरोपी की भी गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक वह यहां से नही हटेंगे। शव को रखकर जाम लगने की खबर सुनते ही जिले के आला अधिकारी एडिशनल एसपी, एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट मोके पर पहुंचते हैं। लोगों को समझाने की कोशिश करते हैं। गुस्साई भीड़ नहीं मानती ओर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती है।

पुलिस-प्रशासन कर रहा समझाने की कोशिश
मौके पर इटावा सदर से भाजपा विधायक सरिता भदौरिया पहुंची और प्रसाशन के साथ मिलकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन नतीजा फिलहाल अभी तक कुछ नहीं निकला है। अर्पित के घरवाले अभी भी शव को रखकर जाम लगाए हुए हैं। अर्पित के घरवालों का कहना है कि आखिर क्यों प्रसाशन अभी तक अर्पित के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर हत्यारोपी को क्यों नहीं पकड़ सका।












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