भारतीय सेना पर बनी इस फिल्म पर जमकर बवाल, फिल्म को रक्षा मंत्रालय ने रिलीज करने की नहीं दी मंजूरी
भारतीय सेना पर बनी इस फिल्म पर जमकर बवाल, फिल्म को रक्षा मंत्रालय ने रिलीज करने की नहीं दी मंजूरी
नई दिल्ली, 12 फरवरी: बॉर्डर से लेकर उरी तक, भारतीय सेना पर बनी फिल्म हमेशा से दर्शकों की पहली पसंद रही है। लेकिन ओनिर की अगली फीचर फिल्म, जो भारतीय सेना पर आधारित है, उसको लेकर जमकर विवाद हो रहा है क्योंकि इस फिल्म को रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी देने से इंकार कर दिया है। आर्मी पर बनी इस फिल्म को रक्षा मंत्रालय ने एनओसी नहीं दी गई है। भाजपा सांसद वरुण गांधी ने सदम में मुद्दा उठाया था, रक्षा मंत्रालय ने उनके सवालों पर विस्तृत जवाब दिया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (11 फरवरी) को कहा कि ओनिर की अगली फीचर फिल्म की पटकथा, जो एक समलैंगिक मेजर की वास्तविक जीवन की कहानी से प्रेरित है, उसको हमने रिलीज की अनुमति नहीं दी है। फिल्म को इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि इसमें कश्मीर में तैनात सेना को के बारे में खराब तरीके से दिखाया गया है और सुरक्षा मुद्दों को उठाया गया था।

सेना ने बताया आखिर फिल्म को NOC क्यों नहीं दी?
कनिष्ठ रक्षा मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा, ''एक सेना अधिकारी (सेवानिवृत्त) के जीवन पर आधारित फिल्म के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से इनकार करने का कारण कश्मीर में सेवारत एक सैनिक और एक स्थानीय लड़के के बीच एक रोमांटिक रिश्ते का चित्रण है, जो सेना की छवि और सुरक्षा के मुद्दों के लिए सही नहीं है।''

पिछले सालभर में सिर्फ 1 फिल्म को किया गया खारिज
कनिष्ठ रक्षा मंत्री अजय भट्ट ने कहा, ' पिछले एक साल में फिल्म निर्माताओं द्वारा बनाई सेना पर आधारित फिल्मों, वेब सीरिज के 18 प्रस्तावों में से सिर्फ एक को खारिज किया गया है। ओनिर ने अपनी फिल्म के लिए रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मांगी थी जो एक समलैंगिक मेजर की कहानी से प्रेरित थी, जिसने अपने राष्ट्रीय पुरस्कार की अगली कड़ी के रूप में समलैंगिक रहने और सेना में रहने के लिए छोड़ दिया था
फिल्म बनाने के लिए रक्षा प्रतिष्ठान की अनुमति मांगी थी, जो एक समलैंगिक मेजर की कहानी से प्रेरित थी। जिसने सेना की नौकरी छोड़ दी क्योंकि अब उसके लिए समलैंगिक बने रहना और सेना में रहना उचित नहीं था।

वरुण गांधी के सवालों का रक्षा मंत्रालय ने दिया जवाब?
लोकसभा में भाजपा सदस्य वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए, कनिष्ठ रक्षा मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अनुमोदन प्रक्रिया मनमानी या भेदभावपूर्ण प्रकृति की नहीं थी और न ही यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती है। भट्ट ने कहा, "प्रत्येक मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की रक्षा, कानून और व्यवस्था की स्थिति, सशस्त्र बलों में अनुशासन बनाए रखने, सैन्य सेवा के लोकाचार और रीति-रिवाजों, नागरिकों की सामान्य भावनाओं और जनता के मन में सशस्त्र बलों की छवि को ध्यान में रखते हुए हमने ये कदम उठाया है।''

क्या होता है NOC?
रक्षा से संबंधित विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए फिल्म निर्माताओं और निर्माताओं को एनओसी जारी करने के पीछे तर्क यह सुनिश्चित करना है कि सशस्त्र बलों को इस तरह से चित्रित नहीं किया जाता है जिससे उन्हें, सरकार या देश को बदनाम किया जाता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अनुमोदन प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) का उल्लंघन नहीं है।












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