Dharmendra: 'मौत का तमाशा ना बने', क्यों धर्मेंद्र को दी गई शांति से विदाई? क्या है इसके पीछे का कारण?
Dharmendra: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार धर्मेंद्र ने सोमवार को 89 वर्ष की अवस्था में दुनिया को अलविदा कह दिया, उनके जाने से जहां सिल्वर स्क्रीन सूना हो गया है वहीं दूसरी ओर लोगों के दिमाग में एक सवाल बार-बार घूम रहा है कि आखिर हिंदी फिल्मों का इतना बड़ा कलाकार इतनी खामोशी से क्यों चला गया?
जिन फैंस के दम पर धर्मेंद्र ने इतनी शौहरत और दौलत हासिल की, आखिर उन्हें ही उनके अंतिम दर्शन से महरूम क्यों रखा गया, क्या है इसके पीछे की वजह?

धर्मेद्र जैसे एक्टर रोज पैदा नहीं होते हैं, ब्लैंक एंड व्हाईट से डिजिटल युग तक काम करने वाले धर्मेंद्र ने हमेशा कहा कि 'मुझे पुरस्कारों की चाहत कभी इसलिए नहीं रही क्योंकि दर्शकों का प्यार ही मेरी असली ताकत और पुरस्कार है।' तो फिर उसी धर्मेंद्र की अंतिम यात्रा में उनके दर्शकों को शामिल क्यों नहीं किया गया? ये एक सवाल हर किसी के मन में घूम रहा है।
क्यों नहीं हुए लोगों को Dharmendra के अंतिम दर्शन?
गौरतलब है कि 24 दिसंबर दिन सोमवार को लोगों को धर्मेंद्र के बारे में चिंता तब बढ़ी जब देओल परिवार के घर एंबुलेंस पहुंची और घर के सामने सिक्योरिटी बढ़ा दी गई इसके बाद पर्ले श्मशान घाट के पास सुरक्षा बल बढ़ा दिया गया और मीडिया और लोगों को वहां से दूर होने के लिए कहा गया। सभी के मन में कहीं ना कहीं खटका जरूर था कि शायद कुछ अनहोनी हो गई है।

'क्या सच में Dharmendra की अंतिम इच्छा ये थी'
लेकिन तभी लोगों का शक हकीकत में बदल गया जब एंबुलेंस में फूलों से सजी अर्थी दिखाई पड़ी और उन्हें पता चला कि हिंदी फिल्मों का सबसे हैंडसम हीरो अब हमारे बीच में नहीं रहा। E24 की खबर के मुताबिक 'लोगों को धर्मेंद्र के अंतिम दर्शन और यात्रा से दूर रखने के पीछे कारण धर्मेंद्र की अंतिम इच्छा थी, दरअसल वो नहीं चाहते थे कि उनकी मौत का तमाशा बने।'

'लोगों का जमावड़ा अस्पताल के सामने लगा था' (Dharmendra)
हालांकि धर्मेंद्र के परिवार की ओर से इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया गया है। तो वहीं कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मौत के 12 दिन पहले जब धर्मेंद्र अस्पताल में एडमिट थे, तब जिस तरह से मीडिया और लोगों का जमावड़ा अस्पताल के सामने लगा था, उसे देखते हुए देओल परिवार ने एक्टर के अंतिम संस्कार को शांति से निपटाने का फैसला लिया।
Dharmendra के निधन की अफवाह उड़ा दी थी
तो वहीं दूसरी ओर कुछ रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि देओल परिवार मीडिया से नाराज था क्योंकि बीमारी के वक्त कुछ मीडिया तंत्रों ने धर्मेंद्र के निधन की अफवाह उड़ा दी थी, जिस पर हेमा मालिनी ने जमकर मीडिया को लताड़ लगाई थी और यही नहीं सनी देओल ने भी पैपराजी की क्लास लगाते हुए कहा था कि 'क्या आपके घर में बूढ़े मां-बाप या बीमार मां-बाप नहीं है', जिसके बाद से उनके घर के सामने से पैपराजी को हटाया गया था।












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