'बेटियों को किडनैप किया',कौन हैं 'श्रीकृष्ण' की IAS पत्नी स्मिता? दो मुलाकात में शादी,13 साल बाद टूटा रिश्ता!
Nitish Bharadwaj IAS Smita Gate: टीवी के सबसे लोकप्रिय किरदारों में शामिल रहे 'महाभारत' के श्रीकृष्ण यानी नितीश भारद्वाज की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह हैं उनकी पूर्व पत्नी और मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी स्मिता गाटे। एक ऐसी शादी, जो चंद मुलाकातों में तय हुई, जुड़वा बेटियों के जन्म तक पहुंची और फिर 13 साल बाद तलाक के साथ एक गंभीर कानूनी और भावनात्मक लड़ाई में बदल गई।
आरोप इतने बड़े हैं कि मामला अब सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि किडनैपिंग, मानसिक प्रताड़ना और कोर्ट की अवहेलना जैसे शब्दों तक पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर एक बार फिर नितीश भारद्वाज की निजी जिंदगी को लेकर चर्चा है।

नितीश ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में दावा किया था कि उनकी दोनों बेटियों से स्मिता उन्हें मिलने नहीं देती हैं, यह एक तरह से उनकी बेटियों का किडनैपिंग है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मिता गाटे बेटियों को उनके खिलाफ भड़का रही हैं और जानबूझकर स्कूल तक बदलवा दिया गया है, ताकि वे पिता तक न पहुंच सकें। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं IAS स्मिता गाटे?
कौन हैं IAS स्मिता गाटे? पढ़ाई से प्रशासन तक का सफर (Who is IAS Smita Gate)
IAS स्मिता गाटे का जन्म 16 मार्च 1966 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ। पढ़ाई में शुरू से अव्वल रहीं स्मिता ने केंद्रीय विद्यालय से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद पुणे के नौरोसजी वाडिया कॉलेज से माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी की। आगे चलकर उन्होंने गरवारे कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स से समाजशास्त्र की पढ़ाई की।
साल 1991 में उन्होंने UPSC की सिविल सेवा परीक्षा पास की और 1992 बैच की IAS अधिकारी बनीं। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला। अपने प्रशासनिक करियर में स्मिता गाटे कई अहम पदों पर रहीं।
वे खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, खेल और युवा कल्याण विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे जिम्मेदार पद संभाल चुकी हैं। अक्टूबर 2024 में उन्हें मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। वर्तमान में वो इसी पद पर तैनात हैं।

IAS स्मिता गाटे और नितीश भारद्वाज की शादी, दो-चार मुलाकात के बाद ही लिया फैसला
नितीश भारद्वाज और स्मिता गाटे की मुलाकात एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। बताया जाता है कि दोनों के बीच ज्यादा वक्त तक डेटिंग नहीं चली। महज दो-चार मुलाकातों के बाद ही शादी का फैसला ले लिया गया। 14 मार्च 2009 को दोनों ने शादी कर ली।
यह शादी दोनों की दूसरी शादी थी। नितीश भारद्वाज की पहली शादी मोनिशा पाटिल से हुई थी, जो 2005 में टूट गई। वहीं स्मिता गाटे भी पहले पति से अलग हो चुकी थीं। शादी के बाद यह कपल कुछ समय तक साथ रहा और उनकी जुड़वा बेटियां देवयानी और शिवार्जनी पैदा हुईं।
शादी के बाद रिश्तों में दरार और तलाक की राह
शुरुआती सालों में सब कुछ सामान्य बताया जाता है, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते बिगड़ने लगे। साल 2019 में नितीश भारद्वाज ने मुंबई फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2022 में दोनों का आधिकारिक रूप से तलाक हो गया।
तलाक के वक्त दोनों ने सार्वजनिक तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। असली विवाद शुरू हुआ बेटियों की कस्टडी और मिलने के अधिकार को लेकर।

बेटियों को 'किडनैप' करने का आरोप, मामला पहुंचा पुलिस तक
फरवरी 2024 में नितीश भारद्वाज ने भोपाल पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पूर्व पत्नी स्मिता गाटे उन्हें अपनी बेटियों से मिलने नहीं दे रही हैं। उनका कहना था कि बेटियों के फोन नंबर ब्लॉक कर दिए गए हैं और उन्हें यह तक नहीं पता कि बेटियां कहां हैं और किस हाल में हैं।
नितीश ने यहां तक दावा किया कि यह एक तरह से उनकी बेटियों का अपहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मिता गाटे बेटियों को उनके खिलाफ भड़का रही हैं और जानबूझकर स्कूल तक बदलवा दिया गया है, ताकि वे पिता तक न पहुंच सकें।
कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं मिली बेटियों से मुलाकात?
नितीश भारद्वाज का दावा है कि दिसंबर 2023 में मुंबई कोर्ट ने आदेश दिया था कि पिता होने के नाते उन्हें बेटियों से मिलने का पूरा अधिकार है। इसके बावजूद उन्हें बेटियों से मिलने नहीं दिया जा रहा।
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने इस मामले पर कहा था कि शिकायत मिली है और यह पारिवारिक विवाद है, जिसकी जांच की जा रही है। बताया गया कि नितीश इससे पहले भी कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं।

पासपोर्ट विवाद और हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
विवाद सिर्फ कस्टडी तक सीमित नहीं रहा। बेटियों के पासपोर्ट रिन्यूअल को लेकर भी मामला गरमा गया। जब बेटियों ने भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन किया, तो पिता की आपत्ति के कारण प्रक्रिया रुक गई।
नितीश भारद्वाज ने कोर्ट में दलील दी कि बेटियों को विदेश भेजना उनकी सुरक्षा और पिता के अधिकारों के खिलाफ है। हालांकि जबलपुर हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए एक हफ्ते के भीतर बेटियों के पासपोर्ट रिन्यूअल का आदेश दिया। इस फैसले को एक मां के तौर पर स्मिता गाटे की बड़ी कानूनी जीत माना गया।
'डिवोर्स मौत से ज्यादा दर्दनाक होता है' - नितीश भारद्वाज
एक इंटरव्यू में नितीश भारद्वाज ने कहा था कि उन्होंने सितंबर 2019 में तलाक की अर्जी दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार तलाक मौत से ज्यादा दर्दनाक होता है, क्योंकि इंसान अपनों से अलग हो जाता है और अंदर खालीपन रह जाता है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परिवार टूटने का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। हालांकि बेटियों से मौजूदा बातचीत को लेकर उन्होंने खुलकर कुछ कहने से इनकार किया।
एक कहानी, जिसमें प्यार, सत्ता, कानून और दर्द सब शामिल
एक तरफ एक मशहूर अभिनेता और पूर्व सांसद हैं, तो दूसरी तरफ देश की सीनियर IAS अधिकारी। यह मामला सिर्फ दो लोगों के रिश्ते का नहीं, बल्कि बच्चों की कस्टडी, कानून, भावनाओं और ताकत के टकराव की कहानी बन चुका है। आने वाले दिनों में कोर्ट का फैसला तय करेगा कि यह हाई-प्रोफाइल विवाद किस मोड़ पर जाकर थमता है।












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