Amit Jani: कौन हैं उदयपुर फाइल्स’ के डायरेक्टर अमित जानी? जिन्हें मिली Y सिक्योरिटी, क्यों मचा फिल्म पर बवाल
Who is Amit Jani: कहते हैं सिनेमा समजा का आईना होता है और जब वो समाज की सच्चाई के सबसे कड़वे पहलू को उजागर करने की हिम्मत करता है, तो उसके पीछे खड़े लोगों को सिर्फ तारीफें नहीं, बल्कि खतरे भी मिलते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है 'उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर' के निर्माता अमित जानी के साथ।
विवादों में रही डॉक्यू-फिल्म 'उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर' के निर्माता अमित जानी को केंद्र सरकार ने Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। यह सुरक्षा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक संभावित खतरे के इनपुट के आधार पर दी गई है। अब उनके नोएडा स्थित आवास और दिल्ली में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो 24x7 तैनात रहेंगे।

CRPF के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमित जानी को मिली Y श्रेणी सुरक्षा के तहत उन्हें 8 से 11 सशस्त्र जवानों की एक टीम दी गई है, जिनमें कमांडो भी शामिल हैं। यह टीम हर समय उनके साथ रहेगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी।
अमित जानी ने जताया आभार
Y श्रेणी सुरक्षा मिलने के बाद अमित जानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को केंद्र सरकार द्वारा Y श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने हेतु दिल से धन्यवाद।"
क्या होती है Y-श्रेणी की सुरक्षा? What is Y Security?
भारत सरकार की सुरक्षा व्यवस्था में Y श्रेणी सुरक्षा मध्यम स्तर की सुरक्षा श्रेणी मानी जाती है। इसमें आमतौर पर 8 से 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें सशस्त्र जवान और कभी-कभी कमांडो शामिल रहते हैं। यह सुरक्षा उन लोगों को दी जाती है जिनके जीवन को सामाजिक, राजनीतिक या धार्मिक कारणों से खतरा हो सकता है।
Y श्रेणी की सुरक्षा अक्सर विवादित सार्वजनिक हस्तियों, एक्टिविस्टों, पत्रकारों या राजनीतिक चेहरों को दी जाती है, जिन्हें संभावित हमले या उत्पीड़न की आशंका हो।
फिल्म के खिलाफ क्यों बढ़ा विवाद?
फिल्म 'उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर' साल 2022 में राजस्थान के उदयपुर में हुए भीषण हत्या कांड पर आधारित है, जिसमें कन्हैयालाल नामक दर्जी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। हत्या के पीछे का कारण बताया गया था कि कन्हैयालाल ने पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था।
इस हत्याकांड ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया था और कट्टरता और सांप्रदायिक हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई गई थी। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही इसके कंटेंट को लेकर कई समुदायों में सांप्रदायिक भावनाएं भड़कने की आशंका जताई गई।
इस फिल्म को लेकर शुरुआत से ही विवाद रहा है। फिल्म के ट्रेलर में दिखाए गए दृश्यों और भाषा को लेकर आरोप लगाए गए कि यह सांप्रदायिक भावनाओं को भड़का सकती है। कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने फिल्म पर रोक की मांग करते हुए कहा कि इसकी रिलीज से शांति और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए फिल्म पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
कोर्ट ने लगाई थी फिल्म पर रोक, अब जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
अमित जानी तब विवादों में घिर गए जब दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को उनकी फिल्म 'Udaipur Files' की रिलीज़ पर रोक लगा दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद फिल्म की संभावित संवेदनशीलता और सांप्रदायिक तनाव को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई थी। इस फैसले के बाद जानी ने ऐलान किया कि वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे और वहां हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देंगे। उन्होंने पहले दिए गए एक बयान में कहा था "यह फिल्म अभिव्यक्ति की आज़ादी और सच्चाई को सामने लाने का माध्यम है। हम न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे,"।
अमित जानी को Y-श्रेणी की सुरक्षा मिलने से यह साफ हो गया है कि फिल्म से जुड़े विवाद और खतरे को केंद्र सरकार गंभीरता से ले रही है। वहीं, इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संवेदनशील विषयों पर फिल्में बनाना अभिव्यक्ति की आज़ादी है या समाज में तनाव को न्योता देने जैसा? आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट में यह मामला किस दिशा में जाता है और 'Udaipur Files' की रिलीज़ का रास्ता साफ होता है या नहीं।












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