'मैंने दिल्ली के उस सरकारी कार्यक्रम में खुद को बेहद अपमानित महसूस किया' चिरंजीवी के साथ क्या हुआ था?
हैदराबाद, 24 अप्रैल: साउथ सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म आचार्य को लेकर चर्चा में हैं। आचार्य के प्री-रिलीज कार्यक्रम में चिरंजीवी ने 1989 में अपने साथ दिल्ली में हुई एक घटना का जिक्र किया। दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में चिंरजीवी ने खुद को काफी ज्यादा अपमानित महसूस किया था। इसकी वजह हिन्दी सिनेमा को भारतीय सिनेमा की तरह बताना था।

1989 का वाकया
चिंरजीवी ने बताया कि 1989 में उन्हें दिल्ली बुलाया गया था क्योंकि उनकी फिल्म रुद्रवीणी को नरगिस दत्त पुरस्कार के लिए चुना गया था। पुरस्कार समारोह से एक दिन पहले सरकार ने सबको चाय पर बुलाया। चिरंजीवा ने याद किया कि इस दौरान किस तरह से भारतीय सिनेमा का मतलब ही हिन्दी सिनेमा कर दिया गया।

वो हमारे सितारों को पहचानते ही नहीं
चिरंजीवी ने कहा, मुझे उम्मीद थी कि साउथ की फिल्मों में के बारे में भी कुछ होगा लेकिन वहं सिर्फ जयललिता, एमजीआर और प्रेम नजीर की एक तस्वीर ही थी। वे राज कुमार, विष्णुवर्धन, एनटी रामाराव, नागेश्वर राव, शिवाजी गणेशन जैसे दिग्गजों को नहीं पहचानते थे। उस पल मैं बहुत अपमानित महसूस कर रहा था। यह किसी के बेइज्जत कर देने जैसा था। उन्होंने हिंदी सिनेमा को भारतीय सिनेमा के रूप में चित्रित किया। जबकि अन्य फिल्मों को 'क्षेत्रीय फिल्मों' के रूप में वर्गीकृत किया गया था और उन्हें सम्मान नहीं दिया गया।

29 अप्रैल को आएगी आचार्य
चिरंजीवी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आचार्य' आने वाले शुक्रवार यानी 29 अप्रैल को रिलीज हो रही है। फिल्म में चिरंजीवी के साथ उनके बेटे राम चरण भी नजर आएंगे। वहीं फिल्म में काजल अग्रवाल और पूजा हेगड़े हीरोइन हैं। फिल्म को शिव कोराटाला ने बनाया है। फिल्म का प्री-रिलीज इवेंट शनिवार को हैदराबाद में किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications