'खुदा गवाह' के लिए जब अफगानिस्तान गए थे अमिताभ बच्चन, सुरक्षा में तैनात रहते थे सेना के टैंक
मुंबई, 17 अगस्त। बॉलीवुड फिल्मों का क्रेज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों में भी है। आज तालिबान का दंश झेल रहा अफगानिस्तान भी कभी बॉलीवुड फिल्मों और कलाकारों का दीवाना था। अफगानिस्तान में उपजे हालात पर दुनियाभर से लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, ऐसे में बॉलीवुड सितारों ने उन दिनों को याद किया जब वह शूटिंग के लिए अफगान पहुंचे थे। क्या आपको पता है दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन की फिल्म 'खुदा गवाह' की शूटिंग भी अफगानिस्तान में हुई थी।

अफगानिस्तान में हुई थी 'खुदा गवाह' की शूटिंग
जी हां, दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी और अन्य कलाकारों के साथ अमतिभ बच्चन ने खुदा गवाह की शूटिंग के लिए कई दिन अफगानिस्तान में बिताए। वहां, उन्हें लोगों का खूब प्यार मिला, इतना ही नहीं तत्कालीन राष्ट्रपति नजीबुल्लाह अहमदजई ने पूरे क्रू मेंबर को शादी दावत भी दी थी। अफगानिस्तान में इस समय हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, ऐसे में अमिताभ बच्चन ने अपने अपने ट्रिप को याद कर कई दिलचस्प बातें बताईं।

अमिताभ ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
अपने एक इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन ने बताया कि 'खुदा गवाह' की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जाना एक सपने जैसा था। फिल्म की स्क्रिप्ट पर चर्चा के दौरान खुद उन्होंने ही इसी शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की बात कही थी। अमिताभ बच्चन ने बताया कि वहां के पूर्व राष्ट्रपति अहमदजई भी बॉलीवुड फिल्मों के बड़े फैन थे। उन्होंने अमिताभ बच्चन और क्रू मेंबर की शुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करवाए थे।

सुरक्षा में तैनात थी अफगान की आधी सेना
बताया जाता है कि अमतिभा की शुरक्षा के लिए अफगानिस्तान की आधी वायुसेना को लगा दिया गया था। हम समय फिल्म की शूटिंग के दौरान क्रू मेंबर और सभी कलाकार टैंक, सेना के जवान और फाइटर जेट से घिरे रहते थे। अमिताभ ने कहा, 'मेरी लाइफ की वह सबसे यादगार ट्रिप थी। हमें एक जगह से बुलावा आया जहां हमें चॉपर से जाना था। मेरे साथ डैनी डेंजोंगप्पा और मुकुल भी मौजूद थे।'

सपने जैसा था सफर
अमिताभ ने आगे बताया, हम एक चॉपर में सवार होकर वहां निकले, हमारे पीछे पांच दूसरे हेलीकॉप्टर सुरक्षा के लिए उड़ रहे थे। यह कभी ना भूलने वाली यादगार राइड थी। आसमान से जमीन का व्यू इतना शानदार था कि पूछिए मत, चारों तरफ पॉपीज खिली हुई थी जिससे पहाड़ कभी पिंक तो कभी पर्पल नजर आ रहे थे। जिस घाटी में हमें उतारा गया, मानों वाह समय थम गया हो। वो नजारा मध्य युगीन जैसा था।

राष्ट्रपति ने किया शाही भोज का इंतजाम
अमिताभ आगे बताते हैं, 'हम जैसे ही उतरे वहां के लोगों ने हमें कंधे पर उठा लिया। उनकी परंपरा में मेहमान का पैर जमीन पर नहीं पड़ना चाहिए। हमारी खूब खातिदारी की गई, सबकुछ इतना सुंदर था जैसे हम सपना देख रहे हों। हम लोगों ने खूब खाया-पिया और रात वहीं गुजारी। जब हम लौटने लगे तो हमें उपहारों से लाद दिया गया।' अमिताभ ने बताया कि भारत लैटने से पहले पूर्व राष्ट्रपति ने अपने आवास पर हमरे लिए शाही भोज का इंतजाम किया था। बता दें कि फिल्म 'खुदा गवाह' को अफगानिस्तान में खूब पसंद किया गया था।
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